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आधार ने ही किया प्रधानमंत्री की योजना पर वार
Updated Fri, 13 Apr 2018 02:47 AM IST
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खाते से लिंक नहीं आधार, सुस्त हुई प्रधानमंत्री योजना की धार
अरीश रिज़वी
मेरठ। जिले की 1742 महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ नहीं मिला है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के तहत स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। सर्वे रिपोर्ट में महिलाओं के खाता न खुलने या फिर खाता आधार कार्ड से लिंक न होने को वजह बताया गया है।
एक जनवरी 2017 केबाद होने वाले पहले बच्चे के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि पांच हजार रुपये कर दी है। यह रकम तीन किस्तों में महिला को मिलती है। पहली किस्त एक हजार रुपये गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त प्रसव पूर्व जांच के लिए दो हजार रुपये, तीसरी दो हजार रुपये की किस्त तब, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत होता है। यह सुविधा सरकारी और निजी चिकित्सालयों में प्रसव पर मिलती है। एक जनवरी 2017 से लेकर 31 मार्च 2018 तक इसके लिए 7615 महिलाओं को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें से 5873 महिलाओं को ही इसका लाभ मिल सका है, बाकी महिलाएं इससे वंचित हैं। बैंक को आधार कार्ड से जोड़ने के अलावा इनमें गांव से अलग मजरे में रह रहीं कुछ महिलाएं भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं हो पाई हैं।
यह डाटा वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव वाली महिलाओं को एक हजार रुपये (शहरी क्षेत्र) और 1400 रुपये (देहात क्षेत्र) मिलते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 300 रुपये चिकित्सालय तक पहुंचने के लिए दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत यह धन सामन्य तौर पर दिए जाने वाले जननी सुरक्षा योजना से अतिरिक्त है।
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चौथे से नौवें नंबर पर पहुंचा मेरठ
एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में मेरठ का पहले प्रदेश में चौथा स्थान था, मगर अब चार पायदान खिसककर नौवें नंबर पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकांश महिलाओं का बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ नहीं है। अब बैंक खाते को आधार से जोड़ना जरूरी हो गया है।
अफसरों को दी हिदायत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि प्रसूताएं योजना से वंचित न रहें, इसके लिए उन्होंने विभाग के अफसरों को हिदायत दी है कि वह इन महिलाओं का बैंक खाता खुलवाने और आधार से जोड़ने के लिए जागरूक करें, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
यह हैं नियम
इस योजना के लाभ के लिए महिला का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना जरूरी है। चिकित्सालय में खाता नंबर देने के बाद सीधे ही उसके खाते में राशि जमा होगी। ऑनलाइन भुगतान होने से महिलाओं को व उनके परिजनों को चेक के लिए चिकित्सालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
खास बातें:
- मातृत्व वंदना योजना के लाभ से वंचित हैं मेरठ की 1742 महिलाएं
- आधार कार्ड से खाता नहीं जुड़ने के कारण नहीं मिला पैसा
- स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में हुआ खुलासा
अरीश रिज़वी
मेरठ। जिले की 1742 महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ नहीं मिला है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के तहत स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। सर्वे रिपोर्ट में महिलाओं के खाता न खुलने या फिर खाता आधार कार्ड से लिंक न होने को वजह बताया गया है।
एक जनवरी 2017 केबाद होने वाले पहले बच्चे के लिए सरकार ने प्रोत्साहन राशि पांच हजार रुपये कर दी है। यह रकम तीन किस्तों में महिला को मिलती है। पहली किस्त एक हजार रुपये गर्भावस्था के पंजीकरण के समय, दूसरी किस्त प्रसव पूर्व जांच के लिए दो हजार रुपये, तीसरी दो हजार रुपये की किस्त तब, जब बच्चे का जन्म पंजीकृत होता है। यह सुविधा सरकारी और निजी चिकित्सालयों में प्रसव पर मिलती है। एक जनवरी 2017 से लेकर 31 मार्च 2018 तक इसके लिए 7615 महिलाओं को चिन्हित किया जा चुका है। इनमें से 5873 महिलाओं को ही इसका लाभ मिल सका है, बाकी महिलाएं इससे वंचित हैं। बैंक को आधार कार्ड से जोड़ने के अलावा इनमें गांव से अलग मजरे में रह रहीं कुछ महिलाएं भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं हो पाई हैं।
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यह डाटा वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव वाली महिलाओं को एक हजार रुपये (शहरी क्षेत्र) और 1400 रुपये (देहात क्षेत्र) मिलते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिला को 300 रुपये चिकित्सालय तक पहुंचने के लिए दिए जाते हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत यह धन सामन्य तौर पर दिए जाने वाले जननी सुरक्षा योजना से अतिरिक्त है।
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चौथे से नौवें नंबर पर पहुंचा मेरठ
एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में मेरठ का पहले प्रदेश में चौथा स्थान था, मगर अब चार पायदान खिसककर नौवें नंबर पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकांश महिलाओं का बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ नहीं है। अब बैंक खाते को आधार से जोड़ना जरूरी हो गया है।
अफसरों को दी हिदायत
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार ने बताया कि प्रसूताएं योजना से वंचित न रहें, इसके लिए उन्होंने विभाग के अफसरों को हिदायत दी है कि वह इन महिलाओं का बैंक खाता खुलवाने और आधार से जोड़ने के लिए जागरूक करें, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए जल्द ही जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
यह हैं नियम
इस योजना के लाभ के लिए महिला का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना जरूरी है। चिकित्सालय में खाता नंबर देने के बाद सीधे ही उसके खाते में राशि जमा होगी। ऑनलाइन भुगतान होने से महिलाओं को व उनके परिजनों को चेक के लिए चिकित्सालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।
खास बातें:
- मातृत्व वंदना योजना के लाभ से वंचित हैं मेरठ की 1742 महिलाएं
- आधार कार्ड से खाता नहीं जुड़ने के कारण नहीं मिला पैसा
- स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में हुआ खुलासा