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कैंट बोर्ड में अवैध कब्जों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई आज
Updated Thu, 15 Feb 2018 02:21 AM IST
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मेरठ। बंगला नंबर 210 बी आरआर मॉल में आठ दुकानों की सील तोड़कर कब्जे के मामले में हाईकोर्ट में दायर अवमानना याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हो सकती है। यह याचिका शहर के एक नागरिक ने दायर की थी।
पिछले माह सीईओ राजीव श्रीवास्तव का तबादला होने के बाद कैंट में आबूलेन पर दो जगह रात में लिंटर डालकर दुकानों के अवैध निर्माण करा दिए गए थे। बंगला नंबर 173 और रजबन में कई जगह पर अवैध निर्माण की शिकायत की गई थी। पिछले सप्ताह आरआर मॉल में ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने अपना सामान रखकर बोर्ड लगा दिए थे। इस मामले में सीईओ की तरफ से सदर बाजार थाने में मुकदमे दर्ज कराकर एसएसपी से फोर्स मांगी गई थी।
पूरे प्रकरण को लेकर शहर के नागरिक केवी शर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। इसमें मुख्य सचिव के साथ ही डीएम, एसएसपी, सब एरिया कमांडर, कैंट बोर्ड के सीईओ, एई और जेई को पार्टी बनाया गया। इस मामले में अफसरों को कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना था। लेकिन वकीलों की हड़ताल होने के चलते 15 फरवरी की तारीख लग गई थी। ऐसे में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट इस मामले में सुनवाई कर सकता है। बता दें कि 9 जुलाई 2016 को आरआर मॉल के ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। मौके पर ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा रह गया था। कैंट बोर्ड ने बिल्डिंग के मलबे को उठवा लिया था। ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों का ध्वस्तीकरण होने से रह गया था। एक तरफ जहां इसमें अवमानना याचिका दाखिल हो चुकी है वहीं, व्यापारियों का दावा है कि उनके पास भी कोर्ट के कागजात हैं, जिसके आधार पर कैंट बोर्ड उन्हें दुकानों से बाहर नहीं कर सकता है।
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खास बातें
- अवैध निर्माण और दुकानों पर कब्जे के मामले में एक नागरिक ने दायर की थी याचिका
- मुख्य सचिव, डीएम, एसएसपी समेत कैंट और सेना के अफसरों को बनाया पक्षकार
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पिछले माह सीईओ राजीव श्रीवास्तव का तबादला होने के बाद कैंट में आबूलेन पर दो जगह रात में लिंटर डालकर दुकानों के अवैध निर्माण करा दिए गए थे। बंगला नंबर 173 और रजबन में कई जगह पर अवैध निर्माण की शिकायत की गई थी। पिछले सप्ताह आरआर मॉल में ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों की सील तोड़कर व्यापारियों ने अपना सामान रखकर बोर्ड लगा दिए थे। इस मामले में सीईओ की तरफ से सदर बाजार थाने में मुकदमे दर्ज कराकर एसएसपी से फोर्स मांगी गई थी।
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पूरे प्रकरण को लेकर शहर के नागरिक केवी शर्मा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। इसमें मुख्य सचिव के साथ ही डीएम, एसएसपी, सब एरिया कमांडर, कैंट बोर्ड के सीईओ, एई और जेई को पार्टी बनाया गया। इस मामले में अफसरों को कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना था। लेकिन वकीलों की हड़ताल होने के चलते 15 फरवरी की तारीख लग गई थी। ऐसे में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट इस मामले में सुनवाई कर सकता है। बता दें कि 9 जुलाई 2016 को आरआर मॉल के ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी। मौके पर ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा रह गया था। कैंट बोर्ड ने बिल्डिंग के मलबे को उठवा लिया था। ग्राउंड फ्लोर की आठ दुकानों का ध्वस्तीकरण होने से रह गया था। एक तरफ जहां इसमें अवमानना याचिका दाखिल हो चुकी है वहीं, व्यापारियों का दावा है कि उनके पास भी कोर्ट के कागजात हैं, जिसके आधार पर कैंट बोर्ड उन्हें दुकानों से बाहर नहीं कर सकता है।
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खास बातें
- अवैध निर्माण और दुकानों पर कब्जे के मामले में एक नागरिक ने दायर की थी याचिका
- मुख्य सचिव, डीएम, एसएसपी समेत कैंट और सेना के अफसरों को बनाया पक्षकार