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तीन कमरों में चल रहे बीएड कालेज की मान्यता पर लटकी तलवार, हुए कई अहम फैसले
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:04 AM IST
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में शनिवार को कार्य परिषद की आपात बैठक बुला ली गई। कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में बुलंदशहर में तीन कमरों में चल रहे बीएड कालेज के संबंध में जांच बैठाते हुए नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं, सीसीएसयू के अंग्रेजी विभाग के सेवानिवृत्त आचार्य और गोरखपुर विवि के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. अरुण कुमार का निधन होने पर उनके खिलाफ चल रही जांच को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
बुलंदशहर के स्याना बड्ढा वाजिदपुर स्थित जयश्री कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी के संबंध में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से शिकायत की गई थी कि कॉलेज सिर्फ तीन कमरों में चल रहा है। आरोप थे कि पूर्व कुलपति वीसी गोयल के कार्यकाल में कॉलेज को नियम विरुद्ध मान्यता दी गई। इस मामले में शासन ने विश्वविद्यालय को कार्रवाई करने के लिए कहा।
इसके लिए संबद्धता समिति के अध्यक्ष प्रो वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और कुलसचिव की समिति गठित की गई है। समिति ने कॉलेज के प्रबंधक से एक सप्ताह में अपना जवाब भेजने को नोटिस जारी किया है। आरोपों के आधार पर कॉलेज की मान्यता को रद किया जा सकता है। कार्य परिषद ने निर्णय लिया है कि भविष्य में किसी भी संस्थान-कॉलेज को किसी भी निरीक्षण मंडल द्वारा भूमि, भवन, शिक्षक एवं अवस्थापना के नियमों को पूरा नहीं होने की दशा में संबद्धता प्रदान करने की संस्तुति नहीं की जाएगी।
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प्रेक्षागृह होेगा वातानुकूलित
बैठक में सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एप्लाइड सांइस भवन के सेमिनार हॉल की सूरत बदलने, के साथ ही मूल्यांकन केंद्र और नेताजी सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह को वातानुकूलित करने का निर्णय लिया गया।
निजी कॉलेजों में नहीं बनेगा स्व:केंद्र
बैठक में निर्णय लिया गया है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय एवं एडेड कॉलेजों में ही यथासंभव परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। किसी भी सेल्फ फाइनेंस निजी कॉलेज को स्व:केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि बैठक में पांच शोध छात्रों को पीएचडी उपाधि देने की भी संस्तुति की गई है। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने की। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह, प्रो. बीर सिंह, प्रो. वाई विमला, प्रो. जितेंद्र ढाका, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, अनिल अग्रवाल, रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
खास बातें:
- सीसीएसयू की कार्य परिषद की आपात बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
- गोरखपुर विवि के पूर्व कुलपति प्रो. अरुण कुमार के खिलाफ चल रही जांच बंद
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बुलंदशहर के स्याना बड्ढा वाजिदपुर स्थित जयश्री कॉलेज ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी के संबंध में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से शिकायत की गई थी कि कॉलेज सिर्फ तीन कमरों में चल रहा है। आरोप थे कि पूर्व कुलपति वीसी गोयल के कार्यकाल में कॉलेज को नियम विरुद्ध मान्यता दी गई। इस मामले में शासन ने विश्वविद्यालय को कार्रवाई करने के लिए कहा।
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इसके लिए संबद्धता समिति के अध्यक्ष प्रो वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी और कुलसचिव की समिति गठित की गई है। समिति ने कॉलेज के प्रबंधक से एक सप्ताह में अपना जवाब भेजने को नोटिस जारी किया है। आरोपों के आधार पर कॉलेज की मान्यता को रद किया जा सकता है। कार्य परिषद ने निर्णय लिया है कि भविष्य में किसी भी संस्थान-कॉलेज को किसी भी निरीक्षण मंडल द्वारा भूमि, भवन, शिक्षक एवं अवस्थापना के नियमों को पूरा नहीं होने की दशा में संबद्धता प्रदान करने की संस्तुति नहीं की जाएगी।
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प्रेक्षागृह होेगा वातानुकूलित
बैठक में सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एप्लाइड सांइस भवन के सेमिनार हॉल की सूरत बदलने, के साथ ही मूल्यांकन केंद्र और नेताजी सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह को वातानुकूलित करने का निर्णय लिया गया।
निजी कॉलेजों में नहीं बनेगा स्व:केंद्र
बैठक में निर्णय लिया गया है कि विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय एवं एडेड कॉलेजों में ही यथासंभव परीक्षा केंद्र बनाए जाएं। किसी भी सेल्फ फाइनेंस निजी कॉलेज को स्व:केंद्र नहीं बनाया जाएगा। प्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि बैठक में पांच शोध छात्रों को पीएचडी उपाधि देने की भी संस्तुति की गई है। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने की। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. एचएस सिंह, प्रो. बीर सिंह, प्रो. वाई विमला, प्रो. जितेंद्र ढाका, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, अनिल अग्रवाल, रजिस्ट्रार ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
खास बातें:
- सीसीएसयू की कार्य परिषद की आपात बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
- गोरखपुर विवि के पूर्व कुलपति प्रो. अरुण कुमार के खिलाफ चल रही जांच बंद