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सेल्फ फाइनेंस कालेजों पर कसेगी नकेल, शिक्षकों को देनी होगी बढ़ी सैलरी

Sat, 20 Jan 2018 02:41 AM IST
Updated Sat, 20 Jan 2018 02:41 AM IST
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सेल्फ फाइनेंस कालेजों पर कसेगी नकेल, शिक्षकों को देनी होगी बढ़ी सैलरी
मेरठ। सेल्फ फाइनेंस कोर्सो में हो रही अनियमितता पर नकेल कसने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। प्रदेश के 331 एडेड कॉलेजों और सेल्फ फाइनेंस कालेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को अब पांच से सात हजार रुपये की सैलरी देने की बजाय यूजीसी के नियमों के मुताबिक सैलरी देनी होगी। सभी शिक्षकों का राज्य सरकार को ब्योरा उपलब्ध कराए जाने के साथ ही उनको संविदा पर रखने की बजाय नियमित भी करना होगा। इस संबंध में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा अध्यक्षता में 31 जनवरी को लखनऊ में बैठक बुलाई है। इसमें सभी विश्वविद्यालयों की तरफ से प्रतिनिधि-कुलसचिव और उच्चशिक्षा अधिकारी भाग लेंगे।
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उच्च शिक्षा संयुक्त निदेशक इलाहाबाद डॉ. प्रीति गौतम की तरफ से सभी विश्वविद्यालयों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ब्योरा मांगा गया है कि सभी एडेड और सेल्फ फाइनेंस कालेजों में जहां भी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज हैं, उनमें सभी संकायों में कब से शिक्षक अनुमोदित हैं, इसकी पूरी जानकारी दें। पूर्व में प्रदेश सरकार द्वारा जिन बीएड कॉलेजों को अनुदान सूची पर लिया गया है, उसकी भी जानकारी मांगी गई है।
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अशासकीय सहायता प्राप्त कॉलेजों में जहां पर उच्च शिक्षा गुणवत्ता संवर्धन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत नैक से ए ग्रेड में मूल्यांकित कॉलेजों को एकमुश्त आर्थिक सहायता दिए जाने का निर्णय लिया गया था, उनकी भी सूची मांगी गई है। जिन कालेजों में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रम में अनुमोदित शिक्षकों को शुल्काय से 75 से 80 प्रतिशत भाग वेतन आदि में किया जा रहा है, उसकी जानकारी मांगी गई है। जहां पर यूजीसी के अनुसार न्यूनतम सैलरी दी जा रही है, उनका भी विवरण मांगा गया है। इन सभी कॉलेजों से पूर्व में सभी शिक्षकों के विवरण आधार कार्ड से लिंक कराते हुए पूर्ण बायोडाटा विश्वविद्यालय और संबंधित वेबसाइटों पर अपलोड कराने के लिए कहा गया था, इसे भी पूर्ण करने के लिए कहा गया है। 331 एडेड अनुदानित-अशासकीय कॉलेजों में चल रहे सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों-संकायों को अनुदान में लेते हुए उसमें कुलपति द्वारा अनुमोदित कार्यरत शिक्षकों का विनियमितीकरण तुरंत करने को कहा गया है, जैसा कि साल 2006 में बीएड विभाग में किया गया था। अनुदानित शासकीय कालेजों में अब तक चल रहे सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों को अनुदान में लेकर भविष्य में ऐसे पाठ्यक्रमों को मान्यता नहीं दिए जाने की बात भी कही गई है। इस संबंध में 25 जनवरी तक सभी विवरण देने के लिए कहा गया है।
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