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कमिश्नर
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:58 AM IST
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विकास कार्यों में मिली खामियां, प्रधानों से होगी वसूली
- जांच में हुआ खुलासा, कमिश्नर ने जांच के बाद दिये आदेश
- कानूनी कार्रवाई के लिये भी जिलाधिकारी को निर्देश दिये गये
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मंडलीय तकनीकी संप्रीक्षा प्रकोष्ठ (पंचायती राज विभाग) द्वारा मंडल में की गई जांच में विकास कार्यों में भारी खामी मिली। कई गांवों में तो बिना कार्य के ही धन खर्च कर दिया गया तो कहीं बिना टेंडर खरीद कर ली गई। मंडलायुक्त ने इन गांवों के प्रधान और सचिवों से गबन की गई रकम वसूल करने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रकोष्ठ द्वारा ग्राम पंचायत रोरी, विकास खंड भोजपुर, जनपद गाजियाबाद, ग्राम पंचायत राधना इनायतपुर, विकास खंड माछरा व ग्राम पंचायत अगवानपुर, विकास खण्ड परीक्षितगढ, जनपद मेरठ तथा ग्राम पंचायत दाहा, विकास खण्ड बिनौली, जनपद बागपत का स्थलीय निरीक्षण कर आयुक्त को आख्या दी गई। यहां भारी खामियां मिलीं। रिपोर्ट को आधार मानकर आयुक्त डा. प्रभात ने ग्राम पंचायतों के तत्कालीन एवं वर्तमान सचिव, व पूर्व व वर्तमान ग्राम प्रधानों को दोषी मानते हुए गबन की राशि को वसूल करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए जिलधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
बिना कार्य योजना करा दिया काम
जांच में आया कि पंचायत सचिव तथा प्रधानों ने बिना किसी कार्य योजना, बिना स्वीकृति के ही इस वर्ष बिना वर्क आर्डर ही विकास कार्य करा दिया। अनियमित रूप से एलईडी लाईट खरीदी गई। बिना कार्य कराये मस्टर-रोल पर 64 हजार 80 रुपये की धनराशि खारिज कर एवं बाजार मूल्य से अधिक मूल्य लगभग 14 लाख 83 हजार 680 रुपये की सोलर लाईटें बिना टेंडर खरीदी गईं। सार्वजनिक कार्यों जैसे- स्कूल शौचालय, पंचायत भवन मरम्मत आदि को न कर मनमर्जी से कार्य कराये गये हैं। वर्ष 2016-17 में सोलर लाइट व इंटरलॉकिंग की खरीद में लगभग 19 लाख की धनराशि बिना वित्तीय नियमाें के पालन किये ही व्यय कर ली गई है। जांच में इसके लिये वर्तमान व पूर्व प्रधान, ग्राम सचिव को दोषी माना गया। ग्राम पंचायत अगवानपुर, विकास खण्ड परीक्षितगढ की जांच में पाया गया कि कार्यो की सूची के अनुसार तीन वर्षो की आहरित धनराशि 1 करोड़ 72 लाख 85हजार 995 रुपये बिना कोई अभिलेख तैयार किये ही खर्च कर लिये गये।
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- जांच में हुआ खुलासा, कमिश्नर ने जांच के बाद दिये आदेश
- कानूनी कार्रवाई के लिये भी जिलाधिकारी को निर्देश दिये गये
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मंडलीय तकनीकी संप्रीक्षा प्रकोष्ठ (पंचायती राज विभाग) द्वारा मंडल में की गई जांच में विकास कार्यों में भारी खामी मिली। कई गांवों में तो बिना कार्य के ही धन खर्च कर दिया गया तो कहीं बिना टेंडर खरीद कर ली गई। मंडलायुक्त ने इन गांवों के प्रधान और सचिवों से गबन की गई रकम वसूल करने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रकोष्ठ द्वारा ग्राम पंचायत रोरी, विकास खंड भोजपुर, जनपद गाजियाबाद, ग्राम पंचायत राधना इनायतपुर, विकास खंड माछरा व ग्राम पंचायत अगवानपुर, विकास खण्ड परीक्षितगढ, जनपद मेरठ तथा ग्राम पंचायत दाहा, विकास खण्ड बिनौली, जनपद बागपत का स्थलीय निरीक्षण कर आयुक्त को आख्या दी गई। यहां भारी खामियां मिलीं। रिपोर्ट को आधार मानकर आयुक्त डा. प्रभात ने ग्राम पंचायतों के तत्कालीन एवं वर्तमान सचिव, व पूर्व व वर्तमान ग्राम प्रधानों को दोषी मानते हुए गबन की राशि को वसूल करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के लिए जिलधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
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बिना कार्य योजना करा दिया काम
जांच में आया कि पंचायत सचिव तथा प्रधानों ने बिना किसी कार्य योजना, बिना स्वीकृति के ही इस वर्ष बिना वर्क आर्डर ही विकास कार्य करा दिया। अनियमित रूप से एलईडी लाईट खरीदी गई। बिना कार्य कराये मस्टर-रोल पर 64 हजार 80 रुपये की धनराशि खारिज कर एवं बाजार मूल्य से अधिक मूल्य लगभग 14 लाख 83 हजार 680 रुपये की सोलर लाईटें बिना टेंडर खरीदी गईं। सार्वजनिक कार्यों जैसे- स्कूल शौचालय, पंचायत भवन मरम्मत आदि को न कर मनमर्जी से कार्य कराये गये हैं। वर्ष 2016-17 में सोलर लाइट व इंटरलॉकिंग की खरीद में लगभग 19 लाख की धनराशि बिना वित्तीय नियमाें के पालन किये ही व्यय कर ली गई है। जांच में इसके लिये वर्तमान व पूर्व प्रधान, ग्राम सचिव को दोषी माना गया। ग्राम पंचायत अगवानपुर, विकास खण्ड परीक्षितगढ की जांच में पाया गया कि कार्यो की सूची के अनुसार तीन वर्षो की आहरित धनराशि 1 करोड़ 72 लाख 85हजार 995 रुपये बिना कोई अभिलेख तैयार किये ही खर्च कर लिये गये।
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