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एनजीटी के आदेश उडाए हवा में
Updated Wed, 27 Sep 2017 02:00 AM IST
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खुले में बिक रही निर्माण सामग्री, फैल रहा प्रदूषण
मेरठ। महानगर में एनजीटी के आदेश हवा में उड़ाए जा रहे हैं। जहां खुले में निर्माण सामग्री सड़कों पर पड़ी है वहीं जगह-जगह कूड़ा भी जलाया जा रहा है। इस संबंध में कार्रवाई को लेकर आए आदेश को नगर निगम प्रशासन दबाए बैठा है।
एनजीटी के आदेशानुसार खुले में कहीं पर भी निर्माण सामग्री जैसे बालू रेत, डस्ट, रोडी, ईंट आदि को नहीं रख सकते हैं। क्योंकि निर्माण सामग्री से प्रदूषण फैलता है। इसके अलावा कूड़े को जलाने से वायु प्रदूषण होता है, जो मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। साथ ही कहा गया कि निर्माण सामग्री बाहर से लाए जाते समय ढकी जाए। एनजीटी के आदेशों का पालन करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने भी नगर निगम को निर्देश जारी किए हुए हैं। लेकिन निगम कोई कार्रवाई नहीं करता।
सफाई निरीक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन का कहना है कि सफाई निरीक्षकों को कैमरे इसलिए ही दिए गए हैं कि वह शहर में सड़कों पर खुले में पड़ी निर्माण सामग्री के फोटो भी खींचकर निगम में सौंपे। ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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एनजीटी के आदेशों का पूरा पालन करने की तैयारी है। इसके लिए पूर्व में बैठक भी हो चुकी है। मासिक बैठक में संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। खुले में निर्माण सामग्री डालने और कूड़ा जलाने वालों पर जुर्माने का भी प्रावधान है। अलीहसन कर्नी, अपर नगरायुक्त
खास बात
एनजीटी के आदेश उड़ाए जा रहे हवा में, कूड़ा जलाने वालों पर भी नहीं हो रही कार्रवाई
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मेरठ। महानगर में एनजीटी के आदेश हवा में उड़ाए जा रहे हैं। जहां खुले में निर्माण सामग्री सड़कों पर पड़ी है वहीं जगह-जगह कूड़ा भी जलाया जा रहा है। इस संबंध में कार्रवाई को लेकर आए आदेश को नगर निगम प्रशासन दबाए बैठा है।
एनजीटी के आदेशानुसार खुले में कहीं पर भी निर्माण सामग्री जैसे बालू रेत, डस्ट, रोडी, ईंट आदि को नहीं रख सकते हैं। क्योंकि निर्माण सामग्री से प्रदूषण फैलता है। इसके अलावा कूड़े को जलाने से वायु प्रदूषण होता है, जो मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। साथ ही कहा गया कि निर्माण सामग्री बाहर से लाए जाते समय ढकी जाए। एनजीटी के आदेशों का पालन करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने भी नगर निगम को निर्देश जारी किए हुए हैं। लेकिन निगम कोई कार्रवाई नहीं करता।
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सफाई निरीक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन का कहना है कि सफाई निरीक्षकों को कैमरे इसलिए ही दिए गए हैं कि वह शहर में सड़कों पर खुले में पड़ी निर्माण सामग्री के फोटो भी खींचकर निगम में सौंपे। ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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एनजीटी के आदेशों का पूरा पालन करने की तैयारी है। इसके लिए पूर्व में बैठक भी हो चुकी है। मासिक बैठक में संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। खुले में निर्माण सामग्री डालने और कूड़ा जलाने वालों पर जुर्माने का भी प्रावधान है। अलीहसन कर्नी, अपर नगरायुक्त
खास बात
एनजीटी के आदेश उड़ाए जा रहे हवा में, कूड़ा जलाने वालों पर भी नहीं हो रही कार्रवाई