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कैंट बोर्ड में व्यवसायिक वाहनों से नहीं लिया जाएगा शुल्क
Updated Sun, 02 Jul 2017 09:59 PM IST
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कैंट इलाके में व्यवसायिक वाहनों से नहीं लिया जाएगा प्रवेश शुल्क
मेरठ। जीएसटी लागू होने के बाद छावनी इलाके में कैंट बोर्ड द्वारा लगाया गए प्रवेश शुल्क पर रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर फिलहाल रोक लगाई है। सभी कैंट बोर्ड को इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं। मध्य कमान की ओर से मेरठ कैंट बोर्ड को प्रवेश शुल्क पर फिलहाल रोक लगाने को कहा गया है। फैसला रक्षा मंत्रालय की ओर से होना है।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के साथ छावनी क्षेत्र में लगे चार टोल टैक्स प्वाइंट पर व्यवसायिक छोटे-बडे़ वाहनों से प्रवेश शुल्क लिया जाना था। ठेकेदार का टेंडर रद्द कर कैंट बोर्ड कर्मचारियों ने टोल प्वाइंट को अपने कब्जे में ले लिया था। प्रवेश शुल्क के बोर्ड लगा दिए थे। मध्य कमान से निर्देश मिला कि प्रवेश शुल्क अभी नहीं लिया जाना है। इसलिए कैंट बोर्ड ने इस पर रोक लगा दी। सीईओ राजीव श्रीवास्तव का कहना है प्रवेश शुल्क पर रोक का फैसला हाई लेवल का है। प्रवेश शुल्क नहीं वसूला जाएगा तो नियम मुताबिक बोर्ड को सरकार की ओर से उतना पैसा मिलेगा। अभी पुराने दरों के मुताबिक टोल टैक्स से ढाई करोड़ की आय बोर्ड को होती है। नई दर से यह बढ़कर करीब पांच करोड़ बन रही है। 2005 के बाद से दर नहीं बढ़ी थी। गौरतलब है कैंट में प्रवेश शुल्क के चार प्वाइंट बाउंड्री रोड, कासमपुरी रोड, सरधना रोड और मछेरान के पास है।
खास बातें
रक्षा मंत्रालय स्तर पर होना है फैसला, देश के सभी कैंट बोर्ड के लिए है निर्देश
जीएसटी लागू होने के बाद कैंट बोर्ड द्वारा लगाया गया था प्रवेश शुल्क, मंथन
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मेरठ। जीएसटी लागू होने के बाद छावनी इलाके में कैंट बोर्ड द्वारा लगाया गए प्रवेश शुल्क पर रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर फिलहाल रोक लगाई है। सभी कैंट बोर्ड को इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं। मध्य कमान की ओर से मेरठ कैंट बोर्ड को प्रवेश शुल्क पर फिलहाल रोक लगाने को कहा गया है। फैसला रक्षा मंत्रालय की ओर से होना है।
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के साथ छावनी क्षेत्र में लगे चार टोल टैक्स प्वाइंट पर व्यवसायिक छोटे-बडे़ वाहनों से प्रवेश शुल्क लिया जाना था। ठेकेदार का टेंडर रद्द कर कैंट बोर्ड कर्मचारियों ने टोल प्वाइंट को अपने कब्जे में ले लिया था। प्रवेश शुल्क के बोर्ड लगा दिए थे। मध्य कमान से निर्देश मिला कि प्रवेश शुल्क अभी नहीं लिया जाना है। इसलिए कैंट बोर्ड ने इस पर रोक लगा दी। सीईओ राजीव श्रीवास्तव का कहना है प्रवेश शुल्क पर रोक का फैसला हाई लेवल का है। प्रवेश शुल्क नहीं वसूला जाएगा तो नियम मुताबिक बोर्ड को सरकार की ओर से उतना पैसा मिलेगा। अभी पुराने दरों के मुताबिक टोल टैक्स से ढाई करोड़ की आय बोर्ड को होती है। नई दर से यह बढ़कर करीब पांच करोड़ बन रही है। 2005 के बाद से दर नहीं बढ़ी थी। गौरतलब है कैंट में प्रवेश शुल्क के चार प्वाइंट बाउंड्री रोड, कासमपुरी रोड, सरधना रोड और मछेरान के पास है।
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खास बातें
रक्षा मंत्रालय स्तर पर होना है फैसला, देश के सभी कैंट बोर्ड के लिए है निर्देश
जीएसटी लागू होने के बाद कैंट बोर्ड द्वारा लगाया गया था प्रवेश शुल्क, मंथन