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ऑनलाइन करें आवेदन, सीसीएसयू घर भिजवाएगी प्रमाणपत्र

Tue, 30 Apr 2019 02:51 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 02:51 AM IST
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ऑनलाइन करें आवेदन, सीसीएसयू घर भिजवाएगी प्रमाणपत्र
ऑनलाइन करें आवेदन, सीसीएसयू घर भिजवाएगी प्रमाणपत्र
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मेरठ। सीसीएसयू में डिग्री, डुप्लीकेट मार्कशीट, माइग्रेशन आदि के लिए अब छात्रों को कैंपस आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। छात्र ऑनलाइन फीस जमा कर अपना पता पोर्टल पर रजिस्टर करेंगे। जिसके बाद छात्रों की डिग्री, डुप्लीकेट मार्कशीट, माइग्रेशन आदि को विश्वविद्यालय उनके घर भिजवाएगा। सोमवार को कैंपस में हुई परीक्षा समिति की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लग गई। इससे न सिर्फ घर बैठे दूर-दराज के छात्र-छात्राओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि दलालों के संपर्क में आने से भी वह बच जाएंगे।
मेरठ और सहारनपुर मंडल में चौ. चरण सिंह यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों की संख्या 11 सौ के करीब है। पांच लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में रोजाना सात सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय में प्रमाण पत्र आदि बनवाने के लिए आते रहते हैं। इनमें दिल्ली, गौतमबुद्घनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर तक से छात्र आते हैं। ऐसे में उनको बहुत परेशानी उठानी पड़ती है।
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दो साल पहले विवि में सिंगल विंडों सिस्टम की शुरुआत की गई थी। जिसमें छात्रों को समस्या निवारण केंद्र पर कैंपस स्थित इलाहाबाद बैंक से फार्म भरने के बाद उसे डाक टिकट वाले लिफाफे में जमा करना होता है। जिसके बाद डाक से छात्रों के प्रमाण पत्र घर पहुंच जाते थे। शुरुआत में यह काम ठीक हुआ लेकिन, फिर इसमें भी दलालों ने सेंधमारी कर ली। जो दलालों के माध्यम से प्रमाण पत्र बनवाते थे, उनको उसी दिन प्रमाण पत्र मिलने लगे। जो खिड़की से आवेदन कर रहे थे, उनको महीनों चक्कर काटने पड़ रहे थे।
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कुलपति ने किया था बदलाव का एलान
26 मार्च को अमर उजाला ने स्टिंग के बाद डिग्री और मार्कशीट आदि बनाने में घूस लिए जाने की खबर प्रकाशित की तो कुलपति ने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। पूरे प्रकरण में समिति बनाकर जांच बिठा दी गई। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने इस मामले में बड़े बदलाव के निर्देश दिए थे। उन्होंने ऑनलाइन सिस्टम को ओर अपग्रेड करते हुए डिग्री आदि भी ऑनलाइन आवेदन करने की बात कही थी। प्रति कुलपति प्रोफेसर वाई विमला ने बताया कि वीसी की अध्यक्षता में सोमवार को इस पर विवि ने मुहर लगा दी है।

यह होगी प्रक्रिया
छात्र यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर स्टूडेंट ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम पर क्लिक करके दी गई जानकारी भरने के बाद अपने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसकी फीस भी ऑनलाइन जमा हो जाएगी। डाक टिकट केपैसे भी इसमें शामिल होंगे। इसके बाद छात्र-छात्राएं जो पता उसमें भरेंगे विश्वविद्यालय उसी पर लिफाफा भेजेगा। ऐसे में छात्र-छात्राओं को न सिर्फ दूर से आने का झंझट खत्म होेगा बल्कि वह दलालों के संपर्क में आने से भी बच जाएंगे। एक सप्ताह के भीतर यह सिस्टम पूरी तरह से अपग्रेड हो जाएगा। इसके अलावा इस सिस्टम को लगातार अपडेट किया जाता रहेगा। यह अगर पूरी तरह से पास हुआ तो विवि कैंपस में भीड़ भी कम होगी।
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