फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   नहीं हो सकेगी शुरुआत, अटक गई 150 करोड़ की सौगात

नहीं हो सकेगी शुरुआत, अटक गई 150 करोड़ की सौगात

Mon, 25 Feb 2019 02:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 25 Feb 2019 02:54 AM IST
विज्ञापन
नहीं हो सकेगी शुरुआत, अटक गई 150 करोड़ की सौगात
मेडिकल कॉलेज का विकिरण लाइसेंस सस्पेंड
विज्ञापन

सुपर स्पेश्यलिटी में इंस्टाल नहीं हो सकेंगी मशीनें
25 या 27 फरवरी को शुरू करने की थी तैयारी

अरीश रिजवी
मेरठ। मेडिकल कॉलेज में 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल की शुरुआत अटक गई है। इसे इसी माह की 25 या 27 तारीख को शुरू करने की योजना थी, मगर बात नहीं बनी। इसकी कई वजह हैं। एक तो मेडिकल कॉलेज का विकिरण लाइसेंस सस्पेंड चल रहा है, जिस कारण विकिरण वाली कोई भी मशीन यहां इंस्टाल नहीं की जा सकती है, जिससे यहां एक्सरे, सीटी स्कैन और रेडियोथैरेपी आदि नहीं हो सकेंगी।
दूसरी वजह सुपर स्पेशयलिटी के बराबर वाली कार्यशाला की बिल्डिंग को अभी तक नहीं तोड़ा जा सका है, जबकि इसके टूटने के बाद ही इसे फायर ब्रिगेड की एनओसी मिल पाएगी। तीसरी वजह यह है कि जिस तरह से इसे बनाया गया है, उससे मेडिकल प्रबंधन पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। ऑपरेशन थियेटर के बाहर वॉश बेसिन का न होना और चिकित्सा प्रभारी के लिए अलग से वॉश रूम की व्यवस्था भी नहीं की गई है। अस्पताल शुरू नहीं हो पाने से शासन नाराज है और अधिकारियों को उनके गुस्से का शिकार होना पड़ा है।
विज्ञापन


रद्द भी हो सकता है लाइसेंस
मेडिकल कॉलेज का विकिरण लाइसेंस पर रद्द होने का भी संकट मंडरा रहा है। रेडियोथेरेपी विभाग में कोबाल्ट 60 और सीजीएम 137 खराब पड़ा है, जिसका निस्तारण करना था। लेकिन दो साल से ज्यादा वक्त होने के बाद भी यह डिस्पोज नहीं किया गया है। इसी वजह से लाइसेंस सस्पेंड किया गया है। अगर इसी तरह इसका निस्तारण नहीं किया गया तो लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के विकिरण सुरक्षा अधिकारी डॉ. एकेतिवारी ने बताया कि अगर लाइसेंस रद्द हो गया तो मेडिकल कॉलेज में पहले से चल रही विकिरण संबंधी व्यवस्थाएं जैसे-एक्सरे, सीटी स्कैन, रेडियोथेरेपी और एन्जियोग्राफी आदि नहीं हो सकेंगी। एटॉमिक एनर्जी रेग्युलेट्री बोर्ड को पत्र लिखकर मोहलत मांगी गई थी, मगर अभी मोहलत नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्टाफ के रहने की व्यवस्था भी धड़ाम
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और स्टाफ के लिए पूरी एक सोसायटी तैयार की जानी थी, जिसमें डेढ़ सौ से ज्यादा फ्लैट बनाए जाने थे, मगर अब यह योजना भी धड़ाम होती नजर आ रही है। इनमें विभाग प्रभारी चिकित्सकों के फोर बीएचके (चार कमरों वाले), थ्री बीएचके (तीन कमरों वाले) और दो बीएचके (दो कमरों वाले) फ्लैट तैयार करने थे। फिलहाल जैसे तैसे अस्पताल को शुरू करने की तैयारी है, इसके बाद भी बाकी व्यवस्था की जाएगी।

अस्पताल के चिकित्सक किए थे शामिल
इसे शुरू करने के लिए चिकित्सकों से आवेदन मांगे गए थे। दो चिकित्सक ने ज्वाइन कर लिया है। बाकी चार विशेषज्ञ चिकित्सक दो पीडियाट्रिक्स, एक रेडियोथेरेपिस्ट और एक न्यूरोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज के ही इसमें शामिल किए गए हैं, लेकिन अब कई और वजहों से मामला अटकता जा रहा है।


जल्द शुरू होना है मुश्किल
सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल का जल्द शुरू होना बेहद मुश्किल है। शासन को भी इससे अवगत करा दिया गया है। इसे शुरू करने की पूरी कोशिश की गई, मगर कई वजहों से बात बनती नजर नहीं आ रही हैं।
- डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed