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प्रियव्रत अध्यक्ष, राममूरत को महामंत्री की जिम्मेदारी
Updated Mon, 19 Nov 2018 02:23 AM IST
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प्रियव्रत को अध्यक्ष, राममूरत को महामंत्री की जिम्मेदारी
मेरठ। पश्चिमांचल डिस्कॉम के बिजली आशुलेखकों का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। इस दौरान पश्चिमांचल डिस्कॉम की नई कार्यकारिणी का गठन भी हुआ, जिसमें अध्यक्ष पद पर प्रियव्रत शर्मा और महामंत्री पद पर राममूरत वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई। उपाध्यक्ष पद पर पीसी जोशी व चंदन सिंह, संयुक्त मंत्री पद पर जितेंद्र सिंह सिरोही व फातिमा खातून, कोषाध्यक्ष पद पर रतन कुमार, संगठन मंत्री पद पर कुलदीप कुमार, मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार और सदस्य कार्यसमिति विपिन वैश्य को चुना गया।
बांबे बाजार स्थित टीएफसी रेस्टोरेंट में कार्यक्रम की शुरुआत विद्युत परिषद आशुलेखक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ‘कलहंस’ ने भगवान गणेश के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की। विशिष्ठ अतिथि के रूप में रामनाथ यादव मौजूद रहे। अपने संबोधन में विजय कुमार सिंह ‘कलहंस’ ने कहा कि कारपोरेशन की हठधर्मिता का नतीजा है कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी 1970 का रेग्यूलेशन लागू नहीं हो पाया है। इसके लिए वह सलाहकार भी जिम्मेदार हैं जो अधिकारियों को घेरे हुए हैं और उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। अगले माह से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चलाए जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। संगठन मंत्री शिवाजी तिवारी, डिस्कॉम शाखा के महामंत्री पीसी श्रीवास्तव, पश्चिमांचल डिस्कॉम के अध्यक्ष पीसी जोशी, महामंत्री दिनेश कुमार, बीबी शर्मा, बृजेश कुमार, प्रशांत गुप्ता भी मौजूद रहे।
खास बातें:
- पीवीवीएनएल के बिजली आशुलेखकों का हुआ द्वितीय वार्षिक सम्मेलन
- अगले माह से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करने का लिया निर्णय
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मेरठ। पश्चिमांचल डिस्कॉम के बिजली आशुलेखकों का द्वितीय वार्षिक सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। इस दौरान पश्चिमांचल डिस्कॉम की नई कार्यकारिणी का गठन भी हुआ, जिसमें अध्यक्ष पद पर प्रियव्रत शर्मा और महामंत्री पद पर राममूरत वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई। उपाध्यक्ष पद पर पीसी जोशी व चंदन सिंह, संयुक्त मंत्री पद पर जितेंद्र सिंह सिरोही व फातिमा खातून, कोषाध्यक्ष पद पर रतन कुमार, संगठन मंत्री पद पर कुलदीप कुमार, मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार और सदस्य कार्यसमिति विपिन वैश्य को चुना गया।
बांबे बाजार स्थित टीएफसी रेस्टोरेंट में कार्यक्रम की शुरुआत विद्युत परिषद आशुलेखक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ‘कलहंस’ ने भगवान गणेश के चित्र पर माल्यार्पण के साथ की। विशिष्ठ अतिथि के रूप में रामनाथ यादव मौजूद रहे। अपने संबोधन में विजय कुमार सिंह ‘कलहंस’ ने कहा कि कारपोरेशन की हठधर्मिता का नतीजा है कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी 1970 का रेग्यूलेशन लागू नहीं हो पाया है। इसके लिए वह सलाहकार भी जिम्मेदार हैं जो अधिकारियों को घेरे हुए हैं और उन्हें भ्रमित कर रहे हैं। अगले माह से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चलाए जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। संगठन मंत्री शिवाजी तिवारी, डिस्कॉम शाखा के महामंत्री पीसी श्रीवास्तव, पश्चिमांचल डिस्कॉम के अध्यक्ष पीसी जोशी, महामंत्री दिनेश कुमार, बीबी शर्मा, बृजेश कुमार, प्रशांत गुप्ता भी मौजूद रहे।
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खास बातें:
- पीवीवीएनएल के बिजली आशुलेखकों का हुआ द्वितीय वार्षिक सम्मेलन
- अगले माह से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करने का लिया निर्णय