{"_id":"5ada556c4f1c1b82028b5895","slug":"131524258156-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्यमियों ने सीखा आग से बचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्यमियों ने सीखा आग से बचना
Updated Sat, 21 Apr 2018 02:32 AM IST
विज्ञापन
उद्यमियों ने जाने आग से सुरक्षा के उपाय
मेरठ। आईआईए भवन में शुक्रवार को अग्निशमन सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें उद्यमियों को आग से सुरक्षा के उपाय बताए। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से अग्निशमन विभाग के सहयोग से यह कार्यशाला हुई। अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि किसी सुझाव के संबंध में अग्निशमन विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, ताकि आग से होने वाली क्षति से बचा जा सके। बैठक की अध्यक्षता अतुल भूषण गुप्ता चेयरमैन आईआईए ने और संचालन आईआईए के सचिव तनुज गुप्ता ने किया। अश्वनी गैरा, मनोज शर्मा, शोक गोयल, रविंद्र ऐलन, हरींद्र आत्रेय का सहयोग रहा।
ये बरतें सावधानियां
उद्योग का संचालन स्वीकृत मानचित्र व उत्पादन के अनुसार करें।
उद्योग में फ ायर एवेकुयेशन ड्रिल कम से कम 6 माह में दो बार अवश्य कराएं।
अग्नि शमन व्यवस्थाओं को हमेशा वैध फ र्म द्वारा भारतीय मानकों के अनुसार स्थापित कराएं।
ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण न करें।
स्थायी अग्निशमन व्यवस्थाओं के संचालन की जानकारी होना अनिवार्य है तथा फ ायर पंप को डीजी से एवं विद्युत दोनों का प्रोविजन रखें ताकि अग्नि दुर्घटना पर प्रयोग करने में कठिनाई ना हो।
उद्योगों में प्राथमिक उपचार टीम, रेस्क्यू टीम, फायर फाइटिंग टीम की व्यवस्था रखें, ताकि दुर्घटना के दौरान तत्परता से कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन
मेरठ। आईआईए भवन में शुक्रवार को अग्निशमन सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें उद्यमियों को आग से सुरक्षा के उपाय बताए। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से अग्निशमन विभाग के सहयोग से यह कार्यशाला हुई। अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि किसी सुझाव के संबंध में अग्निशमन विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, ताकि आग से होने वाली क्षति से बचा जा सके। बैठक की अध्यक्षता अतुल भूषण गुप्ता चेयरमैन आईआईए ने और संचालन आईआईए के सचिव तनुज गुप्ता ने किया। अश्वनी गैरा, मनोज शर्मा, शोक गोयल, रविंद्र ऐलन, हरींद्र आत्रेय का सहयोग रहा।
ये बरतें सावधानियां
उद्योग का संचालन स्वीकृत मानचित्र व उत्पादन के अनुसार करें।
उद्योग में फ ायर एवेकुयेशन ड्रिल कम से कम 6 माह में दो बार अवश्य कराएं।
अग्नि शमन व्यवस्थाओं को हमेशा वैध फ र्म द्वारा भारतीय मानकों के अनुसार स्थापित कराएं।
ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण न करें।
स्थायी अग्निशमन व्यवस्थाओं के संचालन की जानकारी होना अनिवार्य है तथा फ ायर पंप को डीजी से एवं विद्युत दोनों का प्रोविजन रखें ताकि अग्नि दुर्घटना पर प्रयोग करने में कठिनाई ना हो।
विज्ञापन
उद्योगों में प्राथमिक उपचार टीम, रेस्क्यू टीम, फायर फाइटिंग टीम की व्यवस्था रखें, ताकि दुर्घटना के दौरान तत्परता से कार्रवाई हो सके।