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रास्ते के लिए जमीन कब्जाने का आरोप
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रास्ते के लिए जमीन कब्जाने का आरोप
फलावदा। झिझांड़पुर रोड पर सड़क बनाने का काम चल रहा है। मौके पर जमीन नहीं होने के बावजूद करोड़ों की लागत से सड़क निर्माण का प्रस्ताव कर दिया गया। किसानों ने अधिकारियों से शिकायत कर निर्माण कार्य रुकवाया।
किसानों के मुताबिक सांसद निधि से झिझांड़पुर गांव को जाने वाले करीब नौ सौ मीटर माइनर पर पटरी के निर्माण का टेंडर छोड़ा गया है। माइनर की पटरी की चौड़ाई अभिलेख में पांच मीटर है, लेकिन टेंडर में सड़क निर्माण सात मीटर चौड़ा पास कर दिया गया। किसानों का कहना है कि खेतों की कई मीटर जमीन दबाई जा रही है। जिसकी शिकायत किसानों ने डीएम सहित उच्चाधिकारियों से की थी। किसानों की माने अधिकारियों ने किसान और ठेकेदार द्वारा आपसी सहमति कर मामला निपटाने की बात कही थी। उसी समय से निर्माण कार्य रुका हुआ था। आरोप है कि इस बीच ठेकेदार ने किसी प्रकार का समझौता नहीं किया। बृहस्पतिवार को ठेकेदार द्वारा फिर से कार्य शुरू करा दिया गया। मौके पर पहुंचे किसान विंदर, योगेंद्र, रशीद, एहसान आदि ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि उनके खेतों की जबरन जमीन और रास्ते को बनाने के लिए खेतों से कई फीट तक मिट्टी का खनन कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काम रुकवा दिया। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि उनका काम किसानों की जमीन दबाना नहीं है किसानों की जमीनें दबाई नहीं जा सकती। किसान सहमति देकर शांति से निर्माण कार्य कराने में योगदान दें।
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फलावदा। झिझांड़पुर रोड पर सड़क बनाने का काम चल रहा है। मौके पर जमीन नहीं होने के बावजूद करोड़ों की लागत से सड़क निर्माण का प्रस्ताव कर दिया गया। किसानों ने अधिकारियों से शिकायत कर निर्माण कार्य रुकवाया।
किसानों के मुताबिक सांसद निधि से झिझांड़पुर गांव को जाने वाले करीब नौ सौ मीटर माइनर पर पटरी के निर्माण का टेंडर छोड़ा गया है। माइनर की पटरी की चौड़ाई अभिलेख में पांच मीटर है, लेकिन टेंडर में सड़क निर्माण सात मीटर चौड़ा पास कर दिया गया। किसानों का कहना है कि खेतों की कई मीटर जमीन दबाई जा रही है। जिसकी शिकायत किसानों ने डीएम सहित उच्चाधिकारियों से की थी। किसानों की माने अधिकारियों ने किसान और ठेकेदार द्वारा आपसी सहमति कर मामला निपटाने की बात कही थी। उसी समय से निर्माण कार्य रुका हुआ था। आरोप है कि इस बीच ठेकेदार ने किसी प्रकार का समझौता नहीं किया। बृहस्पतिवार को ठेकेदार द्वारा फिर से कार्य शुरू करा दिया गया। मौके पर पहुंचे किसान विंदर, योगेंद्र, रशीद, एहसान आदि ने विरोध जताया। आरोप लगाया कि उनके खेतों की जबरन जमीन और रास्ते को बनाने के लिए खेतों से कई फीट तक मिट्टी का खनन कराया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काम रुकवा दिया। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि उनका काम किसानों की जमीन दबाना नहीं है किसानों की जमीनें दबाई नहीं जा सकती। किसान सहमति देकर शांति से निर्माण कार्य कराने में योगदान दें।
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