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अजय के पिता बोले, शाहदत पर सिर्फ भाषणबाजी हो रही, एक्शन नहीं
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अजय के पिता बोले, शाहदत पर सिर्फ भाषणबाजी हो रही, एक्शन नहीं
-बेटे की तेहरवीं पर छलका शहीद अजय केपिता का दर्द, बोले- न कोई अफसर आया न सरकार ने दिया कोई आश्वासन
- लोग बोले, दिल्ली में दिए जा रहे शहीद केपरिजनों को एक करोड़, यहां बस 25 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जवानों की शाहदत केबाद नेता सिर्फ भाषणबाजी कर रहे हैं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। आज भी कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी हो रही है, फिर भी सरकार कुछ नहीं कर रही है। हमारा बेटा शहीद हो गया, लेकिन आज तक सरकार की तरफ से कोई आश्वासन नहीं दिया गया। यह दर्द है पुलवामा में शहीद हुए अजय कुमार के पिता चौधरी वीरपाल सिंह का।
सेना में सूबेदार रहे चौधरी वीरपाल सिंह ने कहा बेटे की शहादत के बाद भी आज तक उन्हेंसरकार की तरफ से किसी तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकेघर पर आज तक एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार से बड़ा कोई अफसर नहीं पहुंचा। स्थानीय स्तर पर तो नेता आए, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से किसी ने भी नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि सब नेता वोटों की राजनीति कर रहे हैं। सरकार की तरफ से अभी तक उनको किसी भी तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। चौधरी वीरपाल सिंह ने कहा किप्रदेश केमुख्यमंत्री का आना तो दूर उन्होंने आज तक उनसे बात तक नहीं की है। नेता सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं। जवानों की शाहदत के बाद देशभर में नेताओं के बड़े-बड़े भाषण चल रहे हैं, लेकिन असल में कश्मीर में कुछ नहीं किया जा रहा है। अभी भी पत्थरबाज सेना पर पत्थर बरसा रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कानून बनाएं। धारा 370 को हर हाल में खत्म किया जाना चाहिए। वीरपाल सिंह ने कहा कि अभी तो हम इस सदमे से ही नहीं उबर पाए हैं, लेकिन अगर सरकार इसी तरह शहीदों के परिवार की अनदेखी करती रही तो वे कलक्ट्रेट पर धरना देंगे।
लोग बोले, दिल्ली में एक करोड़ तो यहां क्यों नहीं
इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कहा कि शहीद अजय कुमार के परिवार को सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये की राशि दी गई है, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से कोई बात नहीं की गई है। लोगों ने कहा कि जब दिल्ली के मुख्यमंत्री शहीदों को एक करोड़ रुपये सहायता राशि दे रहे हैं तो इतना राजस्व देने वाले प्रदेश में 25 लाख ही क्यों। राजस्थान जैसे प्रदेश में भी यहां से ज्यादा सहायता राशि दी जा रही है।
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-बेटे की तेहरवीं पर छलका शहीद अजय केपिता का दर्द, बोले- न कोई अफसर आया न सरकार ने दिया कोई आश्वासन
- लोग बोले, दिल्ली में दिए जा रहे शहीद केपरिजनों को एक करोड़, यहां बस 25 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जवानों की शाहदत केबाद नेता सिर्फ भाषणबाजी कर रहे हैं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। आज भी कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी हो रही है, फिर भी सरकार कुछ नहीं कर रही है। हमारा बेटा शहीद हो गया, लेकिन आज तक सरकार की तरफ से कोई आश्वासन नहीं दिया गया। यह दर्द है पुलवामा में शहीद हुए अजय कुमार के पिता चौधरी वीरपाल सिंह का।
सेना में सूबेदार रहे चौधरी वीरपाल सिंह ने कहा बेटे की शहादत के बाद भी आज तक उन्हेंसरकार की तरफ से किसी तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकेघर पर आज तक एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार से बड़ा कोई अफसर नहीं पहुंचा। स्थानीय स्तर पर तो नेता आए, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से किसी ने भी नहीं पूछा। उन्होंने कहा कि सब नेता वोटों की राजनीति कर रहे हैं। सरकार की तरफ से अभी तक उनको किसी भी तरह का कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। चौधरी वीरपाल सिंह ने कहा किप्रदेश केमुख्यमंत्री का आना तो दूर उन्होंने आज तक उनसे बात तक नहीं की है। नेता सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं। जवानों की शाहदत के बाद देशभर में नेताओं के बड़े-बड़े भाषण चल रहे हैं, लेकिन असल में कश्मीर में कुछ नहीं किया जा रहा है। अभी भी पत्थरबाज सेना पर पत्थर बरसा रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कानून बनाएं। धारा 370 को हर हाल में खत्म किया जाना चाहिए। वीरपाल सिंह ने कहा कि अभी तो हम इस सदमे से ही नहीं उबर पाए हैं, लेकिन अगर सरकार इसी तरह शहीदों के परिवार की अनदेखी करती रही तो वे कलक्ट्रेट पर धरना देंगे।
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लोग बोले, दिल्ली में एक करोड़ तो यहां क्यों नहीं
इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कहा कि शहीद अजय कुमार के परिवार को सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये की राशि दी गई है, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से कोई बात नहीं की गई है। लोगों ने कहा कि जब दिल्ली के मुख्यमंत्री शहीदों को एक करोड़ रुपये सहायता राशि दे रहे हैं तो इतना राजस्व देने वाले प्रदेश में 25 लाख ही क्यों। राजस्थान जैसे प्रदेश में भी यहां से ज्यादा सहायता राशि दी जा रही है।
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