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नितिन तिवारी बने एसएसपी मेरठ
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डीआईजी/एसएसपी अखिलेश कुमार बने लखनऊ में पीएसी डीआईजी
मेरठ।
2007 बैच के आईपीएस नितिन तिवारी को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है। वह इलाहाबाद में बतौर एसएसपी तैनात थे। डीआईजी/एसएसपी मेरठ अखिलेश कुमार को लखनऊ में पीएसी डीआईजी बनाया गया है। सहारनपुर में एसएसपी रहते हुए नितिन तिवारी ने कुख्यात इनामी राहुल खट्टा का एनकाउंटर किया था। खट्टा एनकाउंटर के बाद ही उनका नाम चर्चाओं में आया था। हालांकि इससे पहले भी वह कई बदमाशों का एनकाउंटर कर चुके हैं।
मेरठ में उनकी पोस्टिंग 2007 में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। ब्रह्मपुरी थाने का एक महीने चार्ज और फिर सीओ सदर बनाया गया था। सन् 2013 में नितिन तिवारी मुजफ्फरनगर में एसएसपी रह चुके हैं। मेरठ शास्त्रीनगर में उनकी ससुराल है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। पब्लिक से उनका तालमेल बेहतर बताया जाता है। इसको देखते हुए उनकी पोस्टिंग मेरठ में होनी बताई गई। वह आगरा जीआरपी एसएसपी, बनारस एसएसपी समेत कई जिले में एसएसपी के पद पर रहे हैं। मेरठ में उनकी पोस्टिंग होने पर कई लोगों ने फोन पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि अपराध कंट्रोल, कानून व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था उनकी प्राथमिकता में होगा। शुक्रवार को वह मेरठ की कमान संभालेंगे।
बेहतर रहा अखिलेश का कार्यकाल
डीआईजी/एसएसपी अखिलेश कुमार का मेरठ में करीब छह माह का कार्यकाल रहा। उनके कार्यकाल के दौरान अपराध पर अंकुश रहा। 100 से अधिक मुठभेड़ में कई अपराधी दबोचे गए। उनके ऑफिस में शिकायत करने वालों का ग्राफ भी घटा। हत्या, लूट, डकैती और चोरी की घटनाएं कम हुईं। डीआईजी अखिलेश कुमार सिविल लाइन में सीओ सिविल लाइन ऑफिस के सामने दो मकानों में डकैती, हस्तिनापुर में कुख्यात द्वारा एक युवक की हत्या, फलावदा में सिपाही की हत्या, दौराला में अनुसूचित जाति की युवती की हत्या और खरखौदा में दिल्ली के हेड कांस्टेबल की हत्या की वारदात में मौके पर गए। कई चुनौतियां उनके सामने आईं। जिनको उन्होंने आसानी से निपटाया। उनके कार्यकाल में कानून व्यवस्था कायम रही।
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मेरठ।
2007 बैच के आईपीएस नितिन तिवारी को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है। वह इलाहाबाद में बतौर एसएसपी तैनात थे। डीआईजी/एसएसपी मेरठ अखिलेश कुमार को लखनऊ में पीएसी डीआईजी बनाया गया है। सहारनपुर में एसएसपी रहते हुए नितिन तिवारी ने कुख्यात इनामी राहुल खट्टा का एनकाउंटर किया था। खट्टा एनकाउंटर के बाद ही उनका नाम चर्चाओं में आया था। हालांकि इससे पहले भी वह कई बदमाशों का एनकाउंटर कर चुके हैं।
मेरठ में उनकी पोस्टिंग 2007 में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। ब्रह्मपुरी थाने का एक महीने चार्ज और फिर सीओ सदर बनाया गया था। सन् 2013 में नितिन तिवारी मुजफ्फरनगर में एसएसपी रह चुके हैं। मेरठ शास्त्रीनगर में उनकी ससुराल है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। पब्लिक से उनका तालमेल बेहतर बताया जाता है। इसको देखते हुए उनकी पोस्टिंग मेरठ में होनी बताई गई। वह आगरा जीआरपी एसएसपी, बनारस एसएसपी समेत कई जिले में एसएसपी के पद पर रहे हैं। मेरठ में उनकी पोस्टिंग होने पर कई लोगों ने फोन पर बधाई दी। उन्होंने बताया कि अपराध कंट्रोल, कानून व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था उनकी प्राथमिकता में होगा। शुक्रवार को वह मेरठ की कमान संभालेंगे।
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बेहतर रहा अखिलेश का कार्यकाल
डीआईजी/एसएसपी अखिलेश कुमार का मेरठ में करीब छह माह का कार्यकाल रहा। उनके कार्यकाल के दौरान अपराध पर अंकुश रहा। 100 से अधिक मुठभेड़ में कई अपराधी दबोचे गए। उनके ऑफिस में शिकायत करने वालों का ग्राफ भी घटा। हत्या, लूट, डकैती और चोरी की घटनाएं कम हुईं। डीआईजी अखिलेश कुमार सिविल लाइन में सीओ सिविल लाइन ऑफिस के सामने दो मकानों में डकैती, हस्तिनापुर में कुख्यात द्वारा एक युवक की हत्या, फलावदा में सिपाही की हत्या, दौराला में अनुसूचित जाति की युवती की हत्या और खरखौदा में दिल्ली के हेड कांस्टेबल की हत्या की वारदात में मौके पर गए। कई चुनौतियां उनके सामने आईं। जिनको उन्होंने आसानी से निपटाया। उनके कार्यकाल में कानून व्यवस्था कायम रही।
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