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जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो कसेगा शिकंजा
Updated Mon, 22 Jan 2018 02:09 AM IST
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जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो प्रतिष्ठानों पर कसेगा शिकंजा
मेरठ।
जीएसटी में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले प्रतिष्ठानों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। दरअसल, जीएसटी लागू हुए छह माह से ज्यादा समय हो चुका है, इसके बावजूद काफी संख्या में ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इसके अलावा मनोरंजन केतहत ऐसे ऑपरेटरों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो ज्यादा टैक्स वसूल रहे हैं।
20 लाख से ज्यादा सालाना टर्नओवर वाले मल्टी सिस्टम ऑपरेटर, केबल ऑपरेटर, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और वाटर पार्क समेत मनोरंजन कर देने वाले प्रतिष्ठानों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इनके अलावा वाणिज्य कर के निशाने पर मैरिज होम, बैंक्वेट हॉल, कम्यूनिटी सेंटर, गेस्ट हाउस, क्लब कैटरिंग डेकोरेटिंग वीडियोग्राफी, एजेंसीज, टेंट पंडाल, जिम सैलून, ब्यूटी पार्लर, कोचिंग इंस्टीट्यूट, कोरियर एजेंसी और सिक्योरिटी एजेंसी भी रडार पर हैं, जिन्होंने 20 लाख से ज्यादा टर्नओवर होने केबावजूद रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इनकी जांच कराई जा रही है।
वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर एकेराय ने बताया कि दिसंबर और जनवरी में 70 से ज्यादा ऐसे संस्थानों की जांच की जा चुकी है। इनमें दर्जनभर से ज्यादा ऐसे थे, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, उनका रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जो बाकी हैं, उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। बकाया वसूली पर सख्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि जीएसटी से मनोरंजन में टैक्स दर कम हुई है, इसके बावजूद अगर कोई ज्यादा वसूल रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ऑपरेटरों के खिलाफ प्रवर्तन इकाइयां छापेमारी करेंगी। उन्होंने बताया कि अब तक 50 हजार से ज्यादा व्यापारी जीएसटी में पंजीकरण करा चुके हैं।
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मेरठ।
जीएसटी में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले प्रतिष्ठानों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। दरअसल, जीएसटी लागू हुए छह माह से ज्यादा समय हो चुका है, इसके बावजूद काफी संख्या में ऐसे प्रतिष्ठान हैं, जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इसके अलावा मनोरंजन केतहत ऐसे ऑपरेटरों पर भी कार्रवाई की जाएगी, जो ज्यादा टैक्स वसूल रहे हैं।
20 लाख से ज्यादा सालाना टर्नओवर वाले मल्टी सिस्टम ऑपरेटर, केबल ऑपरेटर, सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स और वाटर पार्क समेत मनोरंजन कर देने वाले प्रतिष्ठानों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। इनके अलावा वाणिज्य कर के निशाने पर मैरिज होम, बैंक्वेट हॉल, कम्यूनिटी सेंटर, गेस्ट हाउस, क्लब कैटरिंग डेकोरेटिंग वीडियोग्राफी, एजेंसीज, टेंट पंडाल, जिम सैलून, ब्यूटी पार्लर, कोचिंग इंस्टीट्यूट, कोरियर एजेंसी और सिक्योरिटी एजेंसी भी रडार पर हैं, जिन्होंने 20 लाख से ज्यादा टर्नओवर होने केबावजूद रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इनकी जांच कराई जा रही है।
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वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर एकेराय ने बताया कि दिसंबर और जनवरी में 70 से ज्यादा ऐसे संस्थानों की जांच की जा चुकी है। इनमें दर्जनभर से ज्यादा ऐसे थे, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, उनका रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जो बाकी हैं, उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। बकाया वसूली पर सख्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि जीएसटी से मनोरंजन में टैक्स दर कम हुई है, इसके बावजूद अगर कोई ज्यादा वसूल रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे ऑपरेटरों के खिलाफ प्रवर्तन इकाइयां छापेमारी करेंगी। उन्होंने बताया कि अब तक 50 हजार से ज्यादा व्यापारी जीएसटी में पंजीकरण करा चुके हैं।
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