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भाजपा के गढ़ में बसपा ने खूब लगायी सेंध
Updated Sat, 02 Dec 2017 03:17 AM IST
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अपने घर को बचा नहीं पायी भाजपा
भाजपा के गढ़ में बसपा ने खूब लगायी सेंध
सिविल लाइन क्षेत्र तक में आधी वोट हाथी पर
मेरठ।
मतगणना के बाद बूथवार आंकड़ों को देखें तो भाजपा अपने गढ़ से बाहर सपा - बसपा के गढ़ में तो क्या सेंध लगाती, अपने ही घर को ठीक तरह से नहीं बचा पायी। भाजपाई गढ़ में बसपा ने जमकर सेंधमारी की। सिविल लाइन जैसे क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को जितने वोट मिले, लगभग उसका आधा वहां से बसपा भी ले उड़ी। अजंता कालोनी तक में बसपा ने भाजपा की वोटों में सेंधमारी कर दी।
वार्ड नंबर एक लल्लापुरा दलित बहुल क्षेत्र है और यहां पर दलित वोटों का ध्रुवीकरण पूरी तरह बसपा के पक्ष में रहा। कंकरखेड़ा की शिवलोकपुरी भाजपा का गढ़ मानी जाती है, लेकिन यहां पर बसपा ने भाजपा को जमकर झटका दिया। कासमपुर में भाजपा को अच्छा वोट मिला, लेकिन बसपा ने भी यहां अपनी चाल बरकरार रखी। इसके साथ ही यहां सपा और कांग्रेस को भी अच्छे वोट मिले। भाजपा का गढ़ कही जाने वाले अजंता कालोनी में एक बूथ पर जहां बसपा ने भाजपा को पीछे छोड़ा तो दूसरे बूथाें पर भी अच्छे वोट हासिल किये।
मुस्लिमों ने किया भाजपा को वोट
अब्दुल्लापुर में भाजपा पार्षद पहली बार जीता। यहां से भाजपा के प्रत्याशी शौकत ने जीत दर्ज की। लेकिन सबसे अहम बात ये रही कि यहां पर सिया मुस्लिम मतदाताओं ने पार्षद प्रत्याशी के साथ भाजपा के महापौर प्रत्याशी के पक्ष में भी खुलकर मतदान किया। अब्दुल्लापुर में भाजपा पिछले चुनावों की तुलना में कहीं ज्यादा वोट लेने में कामयाब रही।
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दायमपुर में पिछड़ी भाजपा
दायमपुर में भाजपा को बेहतर वोट तो मिला, लेकिन बसपा ने यहां भी भाजपा को जमकर टक्कर दी। कसेरूखेड़ा में भाजपा का फूल खिला, लेकिन दो बूथों पर हाथी की चिंघाड़ ने भाजपा को चौंका दिया। तुलसी कालोनी में भी भाजपा को बसपा ने पीछे छोड़ दिया। सुभाषपुरी में भाजपा को अच्छा वोट मिला, लेकिन बसपा ने यहां भी तगड़ी सेंधमारी कर दी इसके साथ ही सपा को भी अच्छे वोट मिले।
गंगानगर क्षेत्र भी भाजपा का माना जाता है, लेकिन यहां पर कई बूथों पर बसपा ने भाजपा को पछाड़ दिया। इसी तरह तेजगढ़ी पर मतों का ध्रुवीकरण साफ नजर आया। पल्लवपुरम फेज एक को भाजपा के लिए मुफीद क्षेत्र कहा जाता है, लेकिन स्थानीय होने के कारण बसपा ने यहां भाजपा को बड़ा झटका दिया। रिठानी क्षेत्र में भी भाजपा के घर में बसपा ने अच्छी सेंधमारी की। यही स्थिति मोदीपुरम में और शास्त्रीनगर में भी नजर आयी।
एल ब्लाक में बसपा के साथ चली सपा कांग्रेस
शास्त्रीनगर एल ब्लाक को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। यहां पर करीब सात हजार वोट पड़े, लेकिन 2200 वोटों में बसपा, सपा और कांग्रेस ने सेंधमारी को भाजपा को चौंका दिया। काजीपुर में भी भाजपा को अपेक्षित वोट नहीं मिले, जबकि यहां पर जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के साथ ही दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर का प्रभाव माना जाता है।
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भाजपा के गढ़ में बसपा ने खूब लगायी सेंध
सिविल लाइन क्षेत्र तक में आधी वोट हाथी पर
मेरठ।
मतगणना के बाद बूथवार आंकड़ों को देखें तो भाजपा अपने गढ़ से बाहर सपा - बसपा के गढ़ में तो क्या सेंध लगाती, अपने ही घर को ठीक तरह से नहीं बचा पायी। भाजपाई गढ़ में बसपा ने जमकर सेंधमारी की। सिविल लाइन जैसे क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को जितने वोट मिले, लगभग उसका आधा वहां से बसपा भी ले उड़ी। अजंता कालोनी तक में बसपा ने भाजपा की वोटों में सेंधमारी कर दी।
वार्ड नंबर एक लल्लापुरा दलित बहुल क्षेत्र है और यहां पर दलित वोटों का ध्रुवीकरण पूरी तरह बसपा के पक्ष में रहा। कंकरखेड़ा की शिवलोकपुरी भाजपा का गढ़ मानी जाती है, लेकिन यहां पर बसपा ने भाजपा को जमकर झटका दिया। कासमपुर में भाजपा को अच्छा वोट मिला, लेकिन बसपा ने भी यहां अपनी चाल बरकरार रखी। इसके साथ ही यहां सपा और कांग्रेस को भी अच्छे वोट मिले। भाजपा का गढ़ कही जाने वाले अजंता कालोनी में एक बूथ पर जहां बसपा ने भाजपा को पीछे छोड़ा तो दूसरे बूथाें पर भी अच्छे वोट हासिल किये।
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मुस्लिमों ने किया भाजपा को वोट
अब्दुल्लापुर में भाजपा पार्षद पहली बार जीता। यहां से भाजपा के प्रत्याशी शौकत ने जीत दर्ज की। लेकिन सबसे अहम बात ये रही कि यहां पर सिया मुस्लिम मतदाताओं ने पार्षद प्रत्याशी के साथ भाजपा के महापौर प्रत्याशी के पक्ष में भी खुलकर मतदान किया। अब्दुल्लापुर में भाजपा पिछले चुनावों की तुलना में कहीं ज्यादा वोट लेने में कामयाब रही।
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दायमपुर में पिछड़ी भाजपा
दायमपुर में भाजपा को बेहतर वोट तो मिला, लेकिन बसपा ने यहां भी भाजपा को जमकर टक्कर दी। कसेरूखेड़ा में भाजपा का फूल खिला, लेकिन दो बूथों पर हाथी की चिंघाड़ ने भाजपा को चौंका दिया। तुलसी कालोनी में भी भाजपा को बसपा ने पीछे छोड़ दिया। सुभाषपुरी में भाजपा को अच्छा वोट मिला, लेकिन बसपा ने यहां भी तगड़ी सेंधमारी कर दी इसके साथ ही सपा को भी अच्छे वोट मिले।
गंगानगर क्षेत्र भी भाजपा का माना जाता है, लेकिन यहां पर कई बूथों पर बसपा ने भाजपा को पछाड़ दिया। इसी तरह तेजगढ़ी पर मतों का ध्रुवीकरण साफ नजर आया। पल्लवपुरम फेज एक को भाजपा के लिए मुफीद क्षेत्र कहा जाता है, लेकिन स्थानीय होने के कारण बसपा ने यहां भाजपा को बड़ा झटका दिया। रिठानी क्षेत्र में भी भाजपा के घर में बसपा ने अच्छी सेंधमारी की। यही स्थिति मोदीपुरम में और शास्त्रीनगर में भी नजर आयी।
एल ब्लाक में बसपा के साथ चली सपा कांग्रेस
शास्त्रीनगर एल ब्लाक को भाजपा का गढ़ कहा जाता है। यहां पर करीब सात हजार वोट पड़े, लेकिन 2200 वोटों में बसपा, सपा और कांग्रेस ने सेंधमारी को भाजपा को चौंका दिया। काजीपुर में भी भाजपा को अपेक्षित वोट नहीं मिले, जबकि यहां पर जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह के साथ ही दक्षिण विधायक डा. सोमेंद्र तोमर का प्रभाव माना जाता है।