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गंगा का पानी फसलों में भरा

Sun, 03 Sep 2017 09:56 PM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 09:56 PM IST
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गंगा का पानी फसलों में भरा
हस्तिनापुर।
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पिछले डेढ़ माह से गंगा का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। इससे खादर के ग्रामीणों और प्रशासन द्वारा फत्तेहपुर प्रेम मंदिर से हरिपुर गांवड़ी तक बल्लियां एवं बोरे लगाकर कटान रोकने का प्रयास किया गया था। गंगा का जलस्तर घटने-बढ़ने से तटबंध टूट गया। इससे गंगा से पानी निकलकर खेतों में पहुंच गया है। इसकी जानकारी प्रशासन को दी। इस पर उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कटान रोकने के लिए कार्य शुरू करा दिया है। इससे आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बरसात से आसपास के इलाकों समेत प्राथमिक स्कूलों में पानी भर गया। इसको देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग ने गंगा का कटान रोकने के लिए बोरे और बल्ली भिजवाई। बिजनौर बैराज पर तैनात सिंचाई विभाग के अवर अभियंता मनोज त्रिवेदी के अनुसार रविवार दोपहर गंगा का जलस्तर 80 हजार क्यूसेक हो गया। इससे कटान में भी कुछ कमी दिखी है। शनिवार को खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम मन्दिर से कुछ दूरी पर गंगा का किनारा टूट गया था। जिस कारण आसपास के इलाके में गंगा का पानी भर गया। इसके साथ ही अभी तक क्षेत्र में दबखेड़ी गांव के प्राथमिक स्कूल में पानी भर गया है। गंगा के बढे़ जलस्तर ने कई जगह पर तटबंध बर्बाद कर दिए हैं। इनकी मरम्मत को कार सेवा वाले बाबा जग्गा सिंह और आसपास के दर्जनों गांवों के किसान लगभग दो माह से लगे हैं। सिंचाई विभाग ने टूटे हुुए तटबंध पर 250 बल्लियां और 2000 बोरे पहुंचाए हैं। वहां मौजूद किसानों और ग्रामीणों की मदद से पानी की धारा को रोका जा रहा है। जिससे क्षेत्र में कम से कम हानि हो सके। इस समय गंगा का भयंकर कटान चल रहा है। कई जगह पर तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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गंगा में प्रतिवर्ष सैकड़ों हेक्टेयर तैयार खड़ी फसल पानी की धार से बर्बाद हो जाती है। हालांकि लाखों रुपये का बजट बाढ़ में बचाव कार्य पर खर्च किए जाते हैं। बाढ़ से तबाही का मंजर प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। इस समय गंगा कई गांवों के पास कटान कर रही है। जिससे यहां के ग्रामीणाें को परेशानी होने लगी है। इस समय फतेहपुर प्रेम, खेड़ी कलां, बधुवा, बस्तौरा नारंग, हंसापुर, सिरजोर आदि गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल गंगा ने काट दी है। जिससे उनकी अर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। फतेहपुर प्रेम, हंसापुर, सिरजोर आदि गांवों के कई परिवार सुरक्षित स्थान के लिए पलायन कर चुके हैं। गंगा में हो रहे भंयकर कटान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्हें डर है कि कटान इसी तरह जारी रहा तो गंगा उनके गांवों को बहाकर ले जाएगी। सिंचाई विभाग ड्रेनेज प्रथम खंड के गेज रीडर के अनुसार खादर क्षेत्र के दुधली, भीकुंड, खेड़ीकला, बधुवा, मनोहरपुर, हंसापुर, परसापुर, गंावड़ी, सिरजेपुर, दुपैड़ी चाव, मखदूमपुर बंगाली बस्ती, हरिपुर, चमारौद, फतेहपुर प्रेम, मानपुर शहजादपुर आदि गांवों बाढ़ से प्रभावित होते हैं। 15 दिन से गंगा में उतार-चढ़ाव जारी है। उपजिलाधिकारी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने यहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कटान रोकने को बल्ली एवं कट्टे गंगा किनारे लगाने शुरू कर दिए हैं। किसान प्रदीप मान, बूटा सिंह, इंदर सिंह लाड़ी, गुरप्रीत सिंह, लखविंदर आदि भी सहयोग कर रहे हैं।
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मुख्य बातें
खादर के कई गांवों के लोगों का सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन
एसडीएम और सिंचाई विभाग के अफसरों ने लिया जायजा
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