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मेरठ में भ्रष्टाचार के 120 मुकदमों की चल रही जांच
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अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस
इनमें बाइक बोट घोटाला, दो आईपीएस अधिकारी तो हस्तिनापुर से हटे दरोगा धर्मेंद्र कुमार भी जांच के घेरे में
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महानगर में भ्रष्टाचार के करीब 120 मुकदमों की जांच चल रही है। इनमें सबसे ज्यादा मुकदमे एंटी करप्शन ब्यूरो में हैं। सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस (09 दिसंबर) पर जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
महानगर में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच एंटी करप्शन, ईओडब्ल्यू और विजिलेंस विभाग द्वारा की जाती है। तीनों विभागों में मिलाकर करीब 120 जांच चल रही हैं। इनमें बाइक बोट घोटाले के अलावा आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और हिमांशु कुमार के मामले भी हैं। हस्तिनापुर में थानाध्यक्ष रहे धर्मेंद्र सिंह की जांच एंटी करप्शन के ही हवाले है। विभाग कई मामलों में कार्रवाई भी करा चुका है।
इन नंबरों पर दें सूचना
सतर्कता अधिष्ठान के एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि शासन द्वारा हेल्पलाइन नंबरों पर सरकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत की जा सकती है।
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9454401866 (सतर्कता मुख्यालय लखनऊ)
05222304937 (लखनऊ कंट्रोल रूम)
9454400352 (एसपी सतर्कता अधिष्ठान मेरठ)
--
नौ जिलों की जांच करता है एंटी करप्शन
साकेत स्थित सतर्कता अधिष्ठान विभाग में मेरठ जोन के सभी नौ जिलों के मामलों की जांच होती है।
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ये है भ्रष्टाचार निवारण कानून
संसद ने सन 1988 में भ्रष्टाचार निवारण कानून बनाया। इसका उद्देश्य सरकारी तंत्र एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार खत्म करना है। इसके तहत रिश्वत मांगने के आरोपियों के लिए तीन से सात साल तक की सजा और जुर्माने का भी प्राविधान है।
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इनमें बाइक बोट घोटाला, दो आईपीएस अधिकारी तो हस्तिनापुर से हटे दरोगा धर्मेंद्र कुमार भी जांच के घेरे में
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। महानगर में भ्रष्टाचार के करीब 120 मुकदमों की जांच चल रही है। इनमें सबसे ज्यादा मुकदमे एंटी करप्शन ब्यूरो में हैं। सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस (09 दिसंबर) पर जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
महानगर में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच एंटी करप्शन, ईओडब्ल्यू और विजिलेंस विभाग द्वारा की जाती है। तीनों विभागों में मिलाकर करीब 120 जांच चल रही हैं। इनमें बाइक बोट घोटाले के अलावा आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और हिमांशु कुमार के मामले भी हैं। हस्तिनापुर में थानाध्यक्ष रहे धर्मेंद्र सिंह की जांच एंटी करप्शन के ही हवाले है। विभाग कई मामलों में कार्रवाई भी करा चुका है।
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इन नंबरों पर दें सूचना
सतर्कता अधिष्ठान के एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि शासन द्वारा हेल्पलाइन नंबरों पर सरकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत की जा सकती है।
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9454401866 (सतर्कता मुख्यालय लखनऊ)
05222304937 (लखनऊ कंट्रोल रूम)
9454400352 (एसपी सतर्कता अधिष्ठान मेरठ)
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नौ जिलों की जांच करता है एंटी करप्शन
साकेत स्थित सतर्कता अधिष्ठान विभाग में मेरठ जोन के सभी नौ जिलों के मामलों की जांच होती है।
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ये है भ्रष्टाचार निवारण कानून
संसद ने सन 1988 में भ्रष्टाचार निवारण कानून बनाया। इसका उद्देश्य सरकारी तंत्र एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार खत्म करना है। इसके तहत रिश्वत मांगने के आरोपियों के लिए तीन से सात साल तक की सजा और जुर्माने का भी प्राविधान है।