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यूपी 100 : रात में घायलों की मदद के साथ सुरक्षा भी दी
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यूपी 100 : रात में घायलों की मदद के साथ सुरक्षा भी दी
- 100 नंबर पर जरूर दें सूचना, पुलिस करेगी मदद
- 24 घंटे लखनऊ में आधुनिक कंट्रोल रूम में उठती है कॉल
- 61 चार पहिया और 32 दो पहिया गाड़ी तैनात हैं मेरठ में यूपी 100 की
- 19 नवंबर 2016 को हुई थी जिले में शुरूआत
- 31 मार्च 2019 तक 270780 लोगों ने दी कंट्रोल रूम पर सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। भले ही शहर और देहात में यूपी 100 की गाड़ियों को चौराहों पर देखकर यही लगता है कि यह पुलिस सिर्फ गाड़ियों में आराम करती दिखती है, लेकिन यूपी 100 ने जहां घायलों की मदद की, वहीं रात में पीड़ित परिवारों को सुरक्षा भी दी। मारपीट, या अन्य कोई भी घटना होने पर यदि थानों में पुलिस सुनवाई नहीं करती तो 100 नंबर डायल कर जरूर सूचना दें। लखनऊ कंट्रोल रूम में कॉल रिसीव होगी और आपसे जिले का नाम, थाना क्षेत्र या घटनास्थल पूछा जाएगा। वहीं मोबाइल की लोकेशन के आधार पर भी संबंधित यूपी 100 की पीआरवी को तत्काल भेजा जा रहा है।
लखनऊ में आधुनिक कंट्रोल रूम बनने के बाद 19 नवंबर 2016 को जिले में यूपी 100 की शुरूआत हुई थी। मेरठ में यूपी 100 की 61 चार पहिया गाड़ियां (इनोवा व बुलेरो) मिलीं। इनमें से 58 गाड़ी शहर और देहात में सभी थाना क्षेत्रों में दौड़ रहीं हैं। वहीं 2018 में जिले को यूपी 100 की 32 बाइक भी मिलीं। यह बाइक भीड़भाड़ वाले स्थानों के लिए दी गईं। प्रत्येक गाड़ी का अलग-अलग घंटे में ड्यूटी प्वाइंट बदलता है। प्रत्येक चार पहिया गाड़ी पर एक एचसीपी, एक कांस्टेबल और एक चालक तैनात हैं। सभी गाड़ियों में जीपीएस लगा हुआ है, लखनऊ से ही गाड़ी की लोकेशन ट्रेस की जाती है। सभी गाड़ियों में मोबाइल टाडा टर्मिनल (एमडीटी) लगी हुई है। पीड़ित व्यक्ति द्वारा 100 पर सूचना देने पर लखनऊ से संबंधित क्षेत्र की यूपी 100 की एमडीटी पर कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर, नाम और लोकेशन आ जाती है। इसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की फोटो, नाम और अन्य जानकारी कंट्रोल रूम को दी जाती है। थाना प्रभारी, सीओ और उच्च अधिकारियों करे भी पूरा रिकार्ड भेजा जाता है।
रात में सुरक्षित किया सफर
- 16 अप्रैल को किठौर क्षेत्र में पीड़ित मलखान ने सूचना दी कि रात में एंबुलेंस खराब हो गई। इसके बाद पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) 582 पर तैनात हेडकांस्टेबल राजेंद्र सिंह, सिपाही चमन मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों की मदद की और एक मैकेनिक को भी एंबुलेंस तक पहुंचाया।
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- 25 मार्च को सूचना दी गई कि एक बैंक में रात में बदमाश घुस गए हैं। इसके बाद पीआरवी 584 ने पांच मिनट में मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दो बदमाशों को पकड़ लिया। इससे बैंक में चोरी की घटना होने से बच गई।
- 11 अप्रैल को सूचना मिली कि राकेश और उसके साथी का बैग गायब हो गया। इसके बाद यूपी 100 की 3774 पर तैनात चेतन कुमार सात मिनट में मौके पर पहुंचे और बदमाशों को पकड़ लिया। आरोपियों से बैग और पांच मोबाइल बरामद किए।
- 5 अप्रैल को सरधना निवासी रजनी और उनके भाई ने सूचना दी कि रात में सरूरपुर के पास उनकी बाइक खराब हो गई है। इसके बाद यूपी 100 की 577 गाड़ी ने भाई बहन को रात में सरधना तक पहुंचाया।
रिस्पांस टाइम में भी सुधार
मार्च का 2019 का सिटी का 8 मिनट 53 सेकेंड और देहात में 12 मिनट 3 सेकेंड का है। पूरे जिले का 10 मिनट 20 सेकें ड का आया। जबकि 2016 में यह शहर में 16 मिनट और देहात में 19 मिनट का था। लगातार रिस्पांस टाइम में सुधार किया जा रहा है। शहर में तीन मिनट में भी यूपी 100 पहुंच रही है।
दो लाख 70 हजार ने दी सूचना
19 नवंबर 2016 को जिले में यूपी 100 की शुरूआत हुई थी। वर्ष 2016 में 100 नंबर पर जिले की 10,773 कॉल पहुंची, जबकि 2017 में 91,755 व्यक्तियों ने सूचना दी। वहीं 2018 में यह संख्या बढ़कर एक लाख 42 हजार 89 पहुंच गई। इस साल 31 मार्च तक 26,163 ने सूचना दी। 270780 लोगा मेरठ से कंट्रोल रूम पर सूचना दे चुके हैं।
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टाइम में किया जा रहा सुधार
100 नंबर पर सूचना देने पर यूपी 100 मौके पर पहुंचती हैं। लगातार रिस्पांस टाइम में सुधार किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता को देखते ही पुलिस हर संभव पीड़ित की मदद करती है। पीड़ितों को सुरक्षा देने के साथ रात में घर तक भी पहुंचाया गया। -संजीव बाजपेई, एसपी यूपी 100
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- 100 नंबर पर जरूर दें सूचना, पुलिस करेगी मदद
- 24 घंटे लखनऊ में आधुनिक कंट्रोल रूम में उठती है कॉल
- 61 चार पहिया और 32 दो पहिया गाड़ी तैनात हैं मेरठ में यूपी 100 की
- 19 नवंबर 2016 को हुई थी जिले में शुरूआत
- 31 मार्च 2019 तक 270780 लोगों ने दी कंट्रोल रूम पर सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। भले ही शहर और देहात में यूपी 100 की गाड़ियों को चौराहों पर देखकर यही लगता है कि यह पुलिस सिर्फ गाड़ियों में आराम करती दिखती है, लेकिन यूपी 100 ने जहां घायलों की मदद की, वहीं रात में पीड़ित परिवारों को सुरक्षा भी दी। मारपीट, या अन्य कोई भी घटना होने पर यदि थानों में पुलिस सुनवाई नहीं करती तो 100 नंबर डायल कर जरूर सूचना दें। लखनऊ कंट्रोल रूम में कॉल रिसीव होगी और आपसे जिले का नाम, थाना क्षेत्र या घटनास्थल पूछा जाएगा। वहीं मोबाइल की लोकेशन के आधार पर भी संबंधित यूपी 100 की पीआरवी को तत्काल भेजा जा रहा है।
लखनऊ में आधुनिक कंट्रोल रूम बनने के बाद 19 नवंबर 2016 को जिले में यूपी 100 की शुरूआत हुई थी। मेरठ में यूपी 100 की 61 चार पहिया गाड़ियां (इनोवा व बुलेरो) मिलीं। इनमें से 58 गाड़ी शहर और देहात में सभी थाना क्षेत्रों में दौड़ रहीं हैं। वहीं 2018 में जिले को यूपी 100 की 32 बाइक भी मिलीं। यह बाइक भीड़भाड़ वाले स्थानों के लिए दी गईं। प्रत्येक गाड़ी का अलग-अलग घंटे में ड्यूटी प्वाइंट बदलता है। प्रत्येक चार पहिया गाड़ी पर एक एचसीपी, एक कांस्टेबल और एक चालक तैनात हैं। सभी गाड़ियों में जीपीएस लगा हुआ है, लखनऊ से ही गाड़ी की लोकेशन ट्रेस की जाती है। सभी गाड़ियों में मोबाइल टाडा टर्मिनल (एमडीटी) लगी हुई है। पीड़ित व्यक्ति द्वारा 100 पर सूचना देने पर लखनऊ से संबंधित क्षेत्र की यूपी 100 की एमडीटी पर कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर, नाम और लोकेशन आ जाती है। इसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की फोटो, नाम और अन्य जानकारी कंट्रोल रूम को दी जाती है। थाना प्रभारी, सीओ और उच्च अधिकारियों करे भी पूरा रिकार्ड भेजा जाता है।
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रात में सुरक्षित किया सफर
- 16 अप्रैल को किठौर क्षेत्र में पीड़ित मलखान ने सूचना दी कि रात में एंबुलेंस खराब हो गई। इसके बाद पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) 582 पर तैनात हेडकांस्टेबल राजेंद्र सिंह, सिपाही चमन मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों की मदद की और एक मैकेनिक को भी एंबुलेंस तक पहुंचाया।
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- 25 मार्च को सूचना दी गई कि एक बैंक में रात में बदमाश घुस गए हैं। इसके बाद पीआरवी 584 ने पांच मिनट में मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दो बदमाशों को पकड़ लिया। इससे बैंक में चोरी की घटना होने से बच गई।
- 11 अप्रैल को सूचना मिली कि राकेश और उसके साथी का बैग गायब हो गया। इसके बाद यूपी 100 की 3774 पर तैनात चेतन कुमार सात मिनट में मौके पर पहुंचे और बदमाशों को पकड़ लिया। आरोपियों से बैग और पांच मोबाइल बरामद किए।
- 5 अप्रैल को सरधना निवासी रजनी और उनके भाई ने सूचना दी कि रात में सरूरपुर के पास उनकी बाइक खराब हो गई है। इसके बाद यूपी 100 की 577 गाड़ी ने भाई बहन को रात में सरधना तक पहुंचाया।
रिस्पांस टाइम में भी सुधार
मार्च का 2019 का सिटी का 8 मिनट 53 सेकेंड और देहात में 12 मिनट 3 सेकेंड का है। पूरे जिले का 10 मिनट 20 सेकें ड का आया। जबकि 2016 में यह शहर में 16 मिनट और देहात में 19 मिनट का था। लगातार रिस्पांस टाइम में सुधार किया जा रहा है। शहर में तीन मिनट में भी यूपी 100 पहुंच रही है।
दो लाख 70 हजार ने दी सूचना
19 नवंबर 2016 को जिले में यूपी 100 की शुरूआत हुई थी। वर्ष 2016 में 100 नंबर पर जिले की 10,773 कॉल पहुंची, जबकि 2017 में 91,755 व्यक्तियों ने सूचना दी। वहीं 2018 में यह संख्या बढ़कर एक लाख 42 हजार 89 पहुंच गई। इस साल 31 मार्च तक 26,163 ने सूचना दी। 270780 लोगा मेरठ से कंट्रोल रूम पर सूचना दे चुके हैं।
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टाइम में किया जा रहा सुधार
100 नंबर पर सूचना देने पर यूपी 100 मौके पर पहुंचती हैं। लगातार रिस्पांस टाइम में सुधार किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता को देखते ही पुलिस हर संभव पीड़ित की मदद करती है। पीड़ितों को सुरक्षा देने के साथ रात में घर तक भी पहुंचाया गया। -संजीव बाजपेई, एसपी यूपी 100