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गांव फतेहपुर नारायण का जच्चा बच्चा केन्द्र बदहाल ।
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अमर उजाला ब्यूरो
बौंद्रा। गांव फतेहपुर नारायण स्थित जच्चा-बच्चा केन्द्र बीमार हाल में है। यहां परिसर गदंगी से अटा पड़ा है। केन्द्र परिसर में इतनी घास उग आई है कि केंद्र दिखाई देना भी बंद हो चुका है। गांव के कुछ शरारती युवकों ने इसके दरवाजे तक उखाड़ दिये हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहे हैं।
ग्राम फतेहपुर नारायण स्थित यह जच्चा-बच्चा केंद्र कई लाख रुपये की लागत से सात वर्ष पहले बनाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से निर्माण कार्य पूरा होते ही यहां ताला डाल दिया गया। सरकारी उदासीनता के चलते यहां पर चिकित्सा सेवा शुरू नहीं हो पाई। अब देखरेख के अभाव में स्वास्थ्य केन्द्र बंद बदहाल चुका है। असामाजिक तत्व इसका मुख्य द्वार तक उखाड़कर ले गए। ग्रामीण मनोज कुमार का कहना है कि कमरों का ताला खुले अरसा बीत गया। वहीं परिसर में घास फूस उगी है। सहकारी समिति चेयरमैन के चेयरमैन मुकेश त्यागी, सतपाल, मलखान त्यागी, बिट्टू त्यागी, राहुल कुमार आदि ने बताया कि इस केंद्र का स्थानीय लोगों को जरा भी फायदा नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। इसकी बदहाली के चलते ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माछरा अथवा मेरठ जाना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। वहीं, इस संबंध में सीएससी प्रभारी माछरा डॉ. आलोक ने बताया कि एनएम अमिता नागर गांव में जाती है। वह केन्द्र गांव से दूर होने पर गांव में ही बैठकर टीकाकरण करके चली जाती हैं।
मुख्य बातें
फतेहपुर नारायण गांव में करीब सात वर्ष पहले हुआ था निर्माण
केंद्र के निर्माण के साथ की डाल दिया गया था ताला
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बौंद्रा। गांव फतेहपुर नारायण स्थित जच्चा-बच्चा केन्द्र बीमार हाल में है। यहां परिसर गदंगी से अटा पड़ा है। केन्द्र परिसर में इतनी घास उग आई है कि केंद्र दिखाई देना भी बंद हो चुका है। गांव के कुछ शरारती युवकों ने इसके दरवाजे तक उखाड़ दिये हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी इसकी सुध नहीं ले रहे हैं।
ग्राम फतेहपुर नारायण स्थित यह जच्चा-बच्चा केंद्र कई लाख रुपये की लागत से सात वर्ष पहले बनाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से निर्माण कार्य पूरा होते ही यहां ताला डाल दिया गया। सरकारी उदासीनता के चलते यहां पर चिकित्सा सेवा शुरू नहीं हो पाई। अब देखरेख के अभाव में स्वास्थ्य केन्द्र बंद बदहाल चुका है। असामाजिक तत्व इसका मुख्य द्वार तक उखाड़कर ले गए। ग्रामीण मनोज कुमार का कहना है कि कमरों का ताला खुले अरसा बीत गया। वहीं परिसर में घास फूस उगी है। सहकारी समिति चेयरमैन के चेयरमैन मुकेश त्यागी, सतपाल, मलखान त्यागी, बिट्टू त्यागी, राहुल कुमार आदि ने बताया कि इस केंद्र का स्थानीय लोगों को जरा भी फायदा नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई है। इसकी बदहाली के चलते ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माछरा अथवा मेरठ जाना पड़ता है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है। वहीं, इस संबंध में सीएससी प्रभारी माछरा डॉ. आलोक ने बताया कि एनएम अमिता नागर गांव में जाती है। वह केन्द्र गांव से दूर होने पर गांव में ही बैठकर टीकाकरण करके चली जाती हैं।
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फतेहपुर नारायण गांव में करीब सात वर्ष पहले हुआ था निर्माण
केंद्र के निर्माण के साथ की डाल दिया गया था ताला