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बीटीसी संगठन ने किया कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:40 AM IST
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बीटीसी संगठन ने किया कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन
मेरठ। बीटीसी के अभ्यर्थी-प्रशिक्षु की समस्या को लेकर ऑल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इससे पहले संगठन के बैनर तले सभी लोग चौधरी चरण सिंह पार्क कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र हुए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी अंकुश प्रधान ऐंची ने बताया कि 29 जून-2018 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 29 जून 2010 की अधिसूचना में संशोधन करके एक अध्यादेश पारित किया, जिसके मुताबिक बीएड वाले अभ्यर्थी भी प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति होने के अर्हता रखते हैं। उन्होंने कहा कि बीटीसी के साथ अन्याय हो रहा है, हम लोगों की योग्यता केवल प्राथमिक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति तक है जबकि उनकी योग्यता इंटरमीडिएट नियुक्ति तक है। जब बीटीसी अभ्यार्थियों की संख्या पांच लाख के करीब है जिन्हें नियुक्ति नहीं मिली है तो फिर बीएड वालों को प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सभी बीटीसी के अभ्यार्थियों के हित को देखते हुए इस अधिसूचना को वापस लिया जाये। इस आश्य का ज्ञापन भी जिला प्रशासन और कमिश्नर कार्यालय पर भी दिया गया। राजेंद्र गुर्जर, विकास विकल्प, विवेक अवस्थी, गौरव, मोहित, इमरान, नीतू प्रताप, स्वीटी आदि रहे।
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मेरठ। बीटीसी के अभ्यर्थी-प्रशिक्षु की समस्या को लेकर ऑल बीटीसी वेलफेयर एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इससे पहले संगठन के बैनर तले सभी लोग चौधरी चरण सिंह पार्क कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र हुए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी अंकुश प्रधान ऐंची ने बताया कि 29 जून-2018 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 29 जून 2010 की अधिसूचना में संशोधन करके एक अध्यादेश पारित किया, जिसके मुताबिक बीएड वाले अभ्यर्थी भी प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति होने के अर्हता रखते हैं। उन्होंने कहा कि बीटीसी के साथ अन्याय हो रहा है, हम लोगों की योग्यता केवल प्राथमिक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति तक है जबकि उनकी योग्यता इंटरमीडिएट नियुक्ति तक है। जब बीटीसी अभ्यार्थियों की संख्या पांच लाख के करीब है जिन्हें नियुक्ति नहीं मिली है तो फिर बीएड वालों को प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सभी बीटीसी के अभ्यार्थियों के हित को देखते हुए इस अधिसूचना को वापस लिया जाये। इस आश्य का ज्ञापन भी जिला प्रशासन और कमिश्नर कार्यालय पर भी दिया गया। राजेंद्र गुर्जर, विकास विकल्प, विवेक अवस्थी, गौरव, मोहित, इमरान, नीतू प्रताप, स्वीटी आदि रहे।
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