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निगम की बोर्ड
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:56 AM IST
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में चले लात घूंसे
मेरठ। नगर निगम की पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक में शनिवार को भी जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने अर्द्धनग्न होकर सदन में प्रदर्शन कर दिया और उनमें जमकर लात घूंसे चले। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंची। इस दौरान करीब दो घंटे बोर्ड बैठक स्थगित रही। हालांकि इसके बाद सदन शांति पूर्वक चला।
नगर निगम की पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी के संचालन में शुरू हुई। अपर नगरायुक्त के निर्देश पर मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा ने जैसे ही बजट पर चर्चा करनी शुरू की तो भाजपाइयों ने पहले अपने प्रस्ताव रखने शुरू कर दिए। इसको लेकर हंगामा शुरू हो गया। धक्कामुक्की और मारपीट हुई तो बैठक दो घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद महापौर कमिश्नरी में आयोजित अवस्थापना की बैठक में चली गईं। वहां से आने के बाद फिर बैठक सुचारू रूप से चल सकी।
सांसद, विधायकों को अच्छा वेतन, तो हमें क्यों नहीं
पार्षद नीरज ठाकुर ने कहा कि जब विधायक और सांसदों को अच्छा वेतन मिलता है तो पार्षदों को क्यों नही। पार्षदों को कम से कम 35 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलना चाहिए। इस प्रस्ताव का सदन में उपस्थित सभी पार्षदों समर्थन किया। इसी बीच इकरामुद्दीन ने कहा कि बोर्ड और कार्यकारिणी बैठक में उपस्थित पार्षदों के लिए अच्छे नाश्ते और खाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस पर मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा ने कहा कि पार्षदों के मानदेय वाले पास प्रस्ताव को शासन को भेज दिया जाएगा। क्योंकि इस पर फैसला शासन स्तर पर होगा। साथ ही उन्होंने नाश्ते और खाने के प्रस्ताव पर पार्षदों से एक उचित मेन्यू और राशि निर्धारित करके प्रस्ताव पास करने की बात कही। पार्षदों ने अगली बजट बोर्ड बैठक में इसपर फिर से प्रस्ताव रखने को कहा। ललित नागदेव ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए यूजर चार्ज वसूली को पूरी तरह खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि जनता पर यूजर चार्ज न थोपा जाए। 12 मार्च तक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना था, लेकिन नहीं हुईं। सरकारी कालोनियों में निगम क्यों सुविधा नहीं दे रहा है। जब निगम फंड में विकास के लिए धन नहीं है तो इस फंड से बिजली का बिल क्यों जमा किया जा रहा है। शहर ओडीएफ हुआ या नहीं, इसपर भी नगर निगम जवाब दे। धर्मवीर ने कहा कि महानगर में अवैध होर्डिंग लगे हैं। इनसे कितनी आय हो रही है, इसका लेखाजोखा दिया जाए।
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भाजपाइयों ने रखे प्रस्ताव, सभी ने दी स्वीकृति
बोर्ड बैठक में शनिवार को भाजपा पार्षदों ने एक केबाद एक प्रस्ताव रखे, जिसपर भाजपा ही नहीं विपक्षी दलों केपार्षदों ने भी स्वीकृति प्रदान की। हालांकि इस दौरान बसपा पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। सदन में वंदेमातरम केगायन केतुरंत बाद भाजपा पार्षद विपिन जिंदल ने माइक थाम लिया। उन्होंने नौचंदी मैदान में डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वार बनाए जाने, शहर की सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए आउट सोर्सिंग पर 400 सफाई कर्मी बढ़ाए जाने, नाले और नालियों की सफाई अभियान के रूप में कराने, घंटाघर से किशनपुरी नाले में पाइप डलवाकर इसकेऊपर सड़क बनाने, सभी पार्षदों को निगम एक्ट की किताब उपलब्ध कराने, पार्षद कक्ष में महापौर और पार्षदों के नाम का बोर्ड लगवाने, जलकल कर्मचारियों को प्रतिकर भत्ता दिए जाने का प्रस्ताव रखे। इन पर पार्षद स्वीकृति देते चले गए। बसपा पार्षदों ने अपने हाथ से सभी प्रस्ताव खिसकते देखकर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि बाद में बसपा पार्षद गफ्फार ने नालों पटरियों को अतिक्रमण मुक्त कराने, सफाई कराने आदि के प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों पर भी सभी ने अपनी मुहर लगा दी।
सफाई कर्मचारियों को 12 हजार वेतन
सफाई में जुटे आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों का वेतन बोर्ड ने 12 हजार रुपये मासिक पास कर दिया है। हालांकि इसमें निगम प्रशासन की तरफ से एक शर्त रखी गई है कि यह वेतन उन्हीं सफाई कर्मियों को मिलेगा जो सुबह शाम यानी दो टाइम महानगर में सफाई करेंगे। सभी सफाई कर्मियों की हाजिरी भी बायोमेट्रिक मशीन से होगी।
वकीलों के पैनल को बर्खास्त करने का प्रस्ताव
नगर निगम के सभी पार्षदों ने नगर निगम के अधिवक्ताओं को अधिक धन देने और कोई भी मामला निगम को न जिताने के आरोप लगाए। साथ ही मांग की कि अधिवक्ताओं के पूरे पैनल को खारिज किया जाए और दूसरे अधिवक्ताओं का पैनल गठित किया जाए।
अर्द्धनग्न होकर बैठे पार्षद
तीन माह में आयोजित बैठकों के दौरान शहर की समस्या और विकास पर कोई चर्चा न होने और बार बार हंगामे होने के विरोध में पार्षद नीरज ठाकुर अर्द्धनग्न होकर वेल में धरना देकर बैठ गए। इनके साथ अन्य कई पार्षद भी आकर बैठ गए। अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी ने पार्षदों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह हंगामा करते रहे। नीरज ठाकुर ने कहा कि हम सदन में शहर हित में कोई बात नहीं कर पा रहे हैं। केवल वंदेमातरम और अल्ला हू अकबर सुनकर चले जाते हैं। नीरज ठाकुर के इस बयान पर भाजपाई आक्रोशित हो गए। इस दौरान नीरज ठाकुर और भाजपाइयों के बीच हाथापाई भी हुई।
500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पास
नगर निगम बोर्ड ने 2017-18 में आय व्यय का 500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया। बैठक में पार्षदों ने जहां निगम की कम राजस्व वसूली पर निगम अधिकारियों को घेरा, वहीं आगामी वित्तीय वर्ष में शहर के विकास पर ही काम किए जाने के प्रस्ताव रखे।
महापौर का फरमान, नहीं होगा वंदेमातरम का गायन
नगर निगम की बोर्ड बैठक केदौरान वंदेमातरम पर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शनिवार को बजट बोर्ड बैठक के समापन पर महापौर सुनीता वर्मा ने वंदेमातरम पर फिर से विवादित बयान दे दिया। महापौर ने कहा कि आगामी किसी भी बोर्ड और कार्यकारिणी बैठक में वंदेमातरम का मानव द्वारा गायन नहीं किया जाएगा। केवल साउंड सिस्टम पर वंदेमातरम की धुन बजेगी। महापौर ने साउंड सिस्टम पर धुन की व्यवस्था करने केलिए निगम अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए। इस पर भाजपाइयों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने वंदेमातरम, भारत माता की जय केनारे लगाए वहीं कहा कि पहले वंदेमातरम याद करो फिर सदन में आओ, सदन में आना होना है तो वंदेमातरम गाना होगा। भाजपा पार्षद विपिन जिंदल, ललित नागदेव, किशन कन्हैया, राकेश शर्मा, सुनीता प्रजापति, स्वाति बंसल आदि ने कहा कि महापौर ने जो फरमान जारी किया है, वह कतई स्वीकार नहीं है।
वंदेमातरम अगर याद नहीं है या फिर गाना नहीं चाहतीं, तो जैसे विरोधी पार्षद बाहर जाते हैं वैसे वह भी सदन से उस समय चली जाएं, तो कोई आपत्ति नहीं होगी। अजय गुप्ता, पूर्व पार्षद
ये रहे बैठक में मौजूद
महेंद्र भारती, सचिन त्यागी, गुलवीर सिंह, संजय सैनी, जितेंद्र पाहवा, अजय भारती, दीपिका, पूनम गुप्ता, संदीप गोयल, रेनू सैनी, समीर, डिंपी, स्वाति, अंशुल गुप्ता, तुलसीवती, कासिम, राजकुमारी, शौकत अली, सविता, रंजन, मनमोहन जोहरी, जरीना, नासरीन आदि मुख्य रहे।
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मेरठ। नगर निगम की पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक में शनिवार को भी जमकर हंगामा हुआ। पार्षदों ने अर्द्धनग्न होकर सदन में प्रदर्शन कर दिया और उनमें जमकर लात घूंसे चले। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंची। इस दौरान करीब दो घंटे बोर्ड बैठक स्थगित रही। हालांकि इसके बाद सदन शांति पूर्वक चला।
नगर निगम की पुनरीक्षित बजट बोर्ड बैठक महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी के संचालन में शुरू हुई। अपर नगरायुक्त के निर्देश पर मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा ने जैसे ही बजट पर चर्चा करनी शुरू की तो भाजपाइयों ने पहले अपने प्रस्ताव रखने शुरू कर दिए। इसको लेकर हंगामा शुरू हो गया। धक्कामुक्की और मारपीट हुई तो बैठक दो घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद महापौर कमिश्नरी में आयोजित अवस्थापना की बैठक में चली गईं। वहां से आने के बाद फिर बैठक सुचारू रूप से चल सकी।
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सांसद, विधायकों को अच्छा वेतन, तो हमें क्यों नहीं
पार्षद नीरज ठाकुर ने कहा कि जब विधायक और सांसदों को अच्छा वेतन मिलता है तो पार्षदों को क्यों नही। पार्षदों को कम से कम 35 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलना चाहिए। इस प्रस्ताव का सदन में उपस्थित सभी पार्षदों समर्थन किया। इसी बीच इकरामुद्दीन ने कहा कि बोर्ड और कार्यकारिणी बैठक में उपस्थित पार्षदों के लिए अच्छे नाश्ते और खाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इस पर मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी संतोष शर्मा ने कहा कि पार्षदों के मानदेय वाले पास प्रस्ताव को शासन को भेज दिया जाएगा। क्योंकि इस पर फैसला शासन स्तर पर होगा। साथ ही उन्होंने नाश्ते और खाने के प्रस्ताव पर पार्षदों से एक उचित मेन्यू और राशि निर्धारित करके प्रस्ताव पास करने की बात कही। पार्षदों ने अगली बजट बोर्ड बैठक में इसपर फिर से प्रस्ताव रखने को कहा। ललित नागदेव ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने के लिए यूजर चार्ज वसूली को पूरी तरह खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि जनता पर यूजर चार्ज न थोपा जाए। 12 मार्च तक सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाना था, लेकिन नहीं हुईं। सरकारी कालोनियों में निगम क्यों सुविधा नहीं दे रहा है। जब निगम फंड में विकास के लिए धन नहीं है तो इस फंड से बिजली का बिल क्यों जमा किया जा रहा है। शहर ओडीएफ हुआ या नहीं, इसपर भी नगर निगम जवाब दे। धर्मवीर ने कहा कि महानगर में अवैध होर्डिंग लगे हैं। इनसे कितनी आय हो रही है, इसका लेखाजोखा दिया जाए।
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भाजपाइयों ने रखे प्रस्ताव, सभी ने दी स्वीकृति
बोर्ड बैठक में शनिवार को भाजपा पार्षदों ने एक केबाद एक प्रस्ताव रखे, जिसपर भाजपा ही नहीं विपक्षी दलों केपार्षदों ने भी स्वीकृति प्रदान की। हालांकि इस दौरान बसपा पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। सदन में वंदेमातरम केगायन केतुरंत बाद भाजपा पार्षद विपिन जिंदल ने माइक थाम लिया। उन्होंने नौचंदी मैदान में डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वार बनाए जाने, शहर की सफाई व्यवस्था ठीक करने के लिए आउट सोर्सिंग पर 400 सफाई कर्मी बढ़ाए जाने, नाले और नालियों की सफाई अभियान के रूप में कराने, घंटाघर से किशनपुरी नाले में पाइप डलवाकर इसकेऊपर सड़क बनाने, सभी पार्षदों को निगम एक्ट की किताब उपलब्ध कराने, पार्षद कक्ष में महापौर और पार्षदों के नाम का बोर्ड लगवाने, जलकल कर्मचारियों को प्रतिकर भत्ता दिए जाने का प्रस्ताव रखे। इन पर पार्षद स्वीकृति देते चले गए। बसपा पार्षदों ने अपने हाथ से सभी प्रस्ताव खिसकते देखकर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि बाद में बसपा पार्षद गफ्फार ने नालों पटरियों को अतिक्रमण मुक्त कराने, सफाई कराने आदि के प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों पर भी सभी ने अपनी मुहर लगा दी।
सफाई कर्मचारियों को 12 हजार वेतन
सफाई में जुटे आउट सोर्सिंग सफाई कर्मियों का वेतन बोर्ड ने 12 हजार रुपये मासिक पास कर दिया है। हालांकि इसमें निगम प्रशासन की तरफ से एक शर्त रखी गई है कि यह वेतन उन्हीं सफाई कर्मियों को मिलेगा जो सुबह शाम यानी दो टाइम महानगर में सफाई करेंगे। सभी सफाई कर्मियों की हाजिरी भी बायोमेट्रिक मशीन से होगी।
वकीलों के पैनल को बर्खास्त करने का प्रस्ताव
नगर निगम के सभी पार्षदों ने नगर निगम के अधिवक्ताओं को अधिक धन देने और कोई भी मामला निगम को न जिताने के आरोप लगाए। साथ ही मांग की कि अधिवक्ताओं के पूरे पैनल को खारिज किया जाए और दूसरे अधिवक्ताओं का पैनल गठित किया जाए।
अर्द्धनग्न होकर बैठे पार्षद
तीन माह में आयोजित बैठकों के दौरान शहर की समस्या और विकास पर कोई चर्चा न होने और बार बार हंगामे होने के विरोध में पार्षद नीरज ठाकुर अर्द्धनग्न होकर वेल में धरना देकर बैठ गए। इनके साथ अन्य कई पार्षद भी आकर बैठ गए। अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी ने पार्षदों को उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह हंगामा करते रहे। नीरज ठाकुर ने कहा कि हम सदन में शहर हित में कोई बात नहीं कर पा रहे हैं। केवल वंदेमातरम और अल्ला हू अकबर सुनकर चले जाते हैं। नीरज ठाकुर के इस बयान पर भाजपाई आक्रोशित हो गए। इस दौरान नीरज ठाकुर और भाजपाइयों के बीच हाथापाई भी हुई।
500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पास
नगर निगम बोर्ड ने 2017-18 में आय व्यय का 500 करोड़ का पुनरीक्षित बजट सर्वसम्मति से पास कर दिया। बैठक में पार्षदों ने जहां निगम की कम राजस्व वसूली पर निगम अधिकारियों को घेरा, वहीं आगामी वित्तीय वर्ष में शहर के विकास पर ही काम किए जाने के प्रस्ताव रखे।
महापौर का फरमान, नहीं होगा वंदेमातरम का गायन
नगर निगम की बोर्ड बैठक केदौरान वंदेमातरम पर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शनिवार को बजट बोर्ड बैठक के समापन पर महापौर सुनीता वर्मा ने वंदेमातरम पर फिर से विवादित बयान दे दिया। महापौर ने कहा कि आगामी किसी भी बोर्ड और कार्यकारिणी बैठक में वंदेमातरम का मानव द्वारा गायन नहीं किया जाएगा। केवल साउंड सिस्टम पर वंदेमातरम की धुन बजेगी। महापौर ने साउंड सिस्टम पर धुन की व्यवस्था करने केलिए निगम अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए। इस पर भाजपाइयों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने वंदेमातरम, भारत माता की जय केनारे लगाए वहीं कहा कि पहले वंदेमातरम याद करो फिर सदन में आओ, सदन में आना होना है तो वंदेमातरम गाना होगा। भाजपा पार्षद विपिन जिंदल, ललित नागदेव, किशन कन्हैया, राकेश शर्मा, सुनीता प्रजापति, स्वाति बंसल आदि ने कहा कि महापौर ने जो फरमान जारी किया है, वह कतई स्वीकार नहीं है।
वंदेमातरम अगर याद नहीं है या फिर गाना नहीं चाहतीं, तो जैसे विरोधी पार्षद बाहर जाते हैं वैसे वह भी सदन से उस समय चली जाएं, तो कोई आपत्ति नहीं होगी। अजय गुप्ता, पूर्व पार्षद
ये रहे बैठक में मौजूद
महेंद्र भारती, सचिन त्यागी, गुलवीर सिंह, संजय सैनी, जितेंद्र पाहवा, अजय भारती, दीपिका, पूनम गुप्ता, संदीप गोयल, रेनू सैनी, समीर, डिंपी, स्वाति, अंशुल गुप्ता, तुलसीवती, कासिम, राजकुमारी, शौकत अली, सविता, रंजन, मनमोहन जोहरी, जरीना, नासरीन आदि मुख्य रहे।