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मानकों पर खरी नहीं उतरीं तीन दवाएं

Wed, 19 Jul 2017 02:43 AM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 02:43 AM IST
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मानकों पर खरी नहीं उतरीं तीन दवाएं
मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज को लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से संबद्ध करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से तीन बिंदुओं पर आख्या मांगी है।
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मेरठ केअलावा छह अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों को केजीएमयू से संबद्ध किए जाने की कवायद है। इनमें कानपुर, आगरा, गोरखपुर, झांसी, अंबेडकर नगर और सहारनपुर शामिल हैं। इनके प्राचार्यों को भी पत्र भेजा गया है। मेरठ मेडिकल कॉलेज केकार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सुभाष सिंह ने बताया कि केजीएमयू से संबद्ध होने पर मेडिकल कॉलेज में भी उसी की तरह की सुविधाएं मिलने लगेंगी। साथ ही स्टाफ और बजट में भी बढ़ोतरी होगी। डिग्री चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी की जगह केजीएमयू की मिलेगी। पेपर भी एक ही होंगे। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की नियमावली के अधीन राज्य के प्रस्ताव पर हुई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज का केजीएमयू से संबद्ध होने पर यूजी (एमबीबीएस) और पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) की सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि कई राजकीय विश्वविद्यालय पहले ही केजीएमयू से संबद्ध हो चुके हैं।
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इन बिंदुओं पर मांगी आख्या
- मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की नियमावली के अधीन राज्य या विश्वविद्यालय के प्रस्ताव पर हुई है?
- क्या मेडिकल कॉलेज का केजीएमयू से संबद्ध होने पर यूजी/पीजी सीटों पर तो कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा?
- क्या इस संबंध में संबंधित विश्वविद्यालय की काउंसिल द्वारा प्रस्ताव पारित कर दिया गया है?




मानकों पर खरी नहीं उतरीं तीन दवाएं
मेरठ। औषधि विभाग के मानकों पर तीन दवाएं खरी नहीं उतरी हैं। लखनऊ लैब में इन्हें जांच के लिए भेजा गया था, जहां इनके सैंपल फेल हो गए हैं। औषधि विभाग इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। जिन तीन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, वे अस्थमा, मल्टी विटामिन और एंटी बायोटिक हैं।
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औषधि विभाग के इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य ने बताया कि अस्थमा के मरीज को दी जाने वाली दवा अमीनोपार-100 में एथाइलेनदिमाइन की मात्रा मानक से ज्यादा पाई गई है, जबकि मल्टीविटामिन वीटाडेक्स में बी2 सही मात्रा में नहीं पाया गया है। इन दोनों दवाओं के सैंपल 21 अक्तूबर 2016 को लिए गए थे। इनके अलावा एंटीबायोटिक सीमोक्स-250 डीटी में एमोक्सिलिन की मात्रा मानक से कम पाई गई है। इस दवा के सैंपल 20 मार्च 2017 को लिए गए थे। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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