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भरेंगे व्यापारियों के घाव, जीएसटी के पांच बदलाव
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- व्यापारियों की नाराजगी की वजह से 400 से ज्यादा हो चुके हैंनोटिफिकेशन
- जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापारियों को हो रही थी व्यवहारिक दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों ने नाराजगी जताई थी। इसलिए अब तक इसमें 400 से ज्यादा नोटिफिकेशन हो चुकेहैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। हाल ही में पांच नए बदलाव किए हैं, जिनमें से कई लागू हो चुके हैं और कई एक अप्रैल से लागू होंगे। दावा है कि इससे व्यापारियों के काफी राहत मिलेगी और उनकी नाराजगी दूर होगी। जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू हुई थी। इससे कारोबारियों को व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं।
यह किए गए बदलाव
- साल 2017-18 से संबंधित आईटीसी क्रेडिट का दावा करने के लिए समय सीमा में बढ़ोतरी की गई है।
- जीएसटीआर-1 में हुई गलतियों को ठीक करने की सुविधा दी जाएगी।
- वार्षिक रिटर्न की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2018 से बढ़ाकर 30 जून 2019 की गई है।
- सिक्योरिटी सर्विस चार्ज लागू करना।
- जीएसटीआर 3बी रिटर्न भरने में लगने वाले विलंब शुल्क की माफी
बिना जुर्माने के भर सकेंगे रिटर्न
जीएसटी के तहत कंपनियों और कारोबारियों को अपने मासिक रिटर्न जीएसटीआर 3 बी में गलतियों को दुरुस्त करने और टैक्स देनदारी को समायोजित करने की अनुमति दी जा चुकी है। इससे कारोबारी सही रिटर्न बिना जुर्माने के डर के जमा करा सकेंगे। इस छूट से कंपनी कारोबारियों को गलती ठीक करने के बाद टैक्स क्रेडिट के लिए दावा करने का मौका मिलेगा। उनसे शुरुआत में जीएसटी देनदारी की गणना के दौरान गलतियां हुई हैं।
अभी और होंगे बदलाव
वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों का कहना है कि जीएसटी में अभी और बदलाव होंगे। सारे स्लैब 15 से 16 प्रतिशत की दर तक लाए जा सकेंगे। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर आरएन पाल ने बताया कि जीएसटी काउंसिल इस पर कार्य कर रही है कि जिन उत्पादों पर जीएसटी घटाया गया है, उनका एमआरपी बढ़ाकर तो पैसा नहीं लिया जा रहा है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर शिकंजा कसा जाएगा।
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14 दिन तक छुड़ाया जा सकेगा माल
13 सवारी से अधिक की मोटरगाड़ी की खरीद तथा उसके बीमा, सर्विसिंग, रिपेयर, मेंटिनेंस पर अब आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) मिलेगी। सचल दल इकाई द्वारा पकड़े जाने पर अब 14 दिन तक माल छुड़ाया जा सकता है। अभी तक यह समय सीमा सात दिन थी।
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रियल स्टेट : बिल्डरों को भी होगा फायदा
रियल स्टेट पर जीएसटी की दरें पांच प्रतिशत कर दी गई हैं अभी तक यह दरें 12 प्रतिशत थीं। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर आरएन पाल ने बताया कि कम जीएसटी की वजह से न सिर्फ घर सस्ता होगा, बल्कि बिल्डर को भी फायदा होगा। बिल्डर को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। स्टील, सीमेंट, पेंट, अन्य सामानों पर टैक्स क्रेडिट मिलेगा। सेनेटरी, इलेक्ट्रिकल फिटिंग पर भी टैक्स क्रेडिट मिलेगा। मकान सस्ते होंगे तो बिक्री बढ़ेगी।
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- जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापारियों को हो रही थी व्यवहारिक दिक्कतें
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों ने नाराजगी जताई थी। इसलिए अब तक इसमें 400 से ज्यादा नोटिफिकेशन हो चुकेहैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। हाल ही में पांच नए बदलाव किए हैं, जिनमें से कई लागू हो चुके हैं और कई एक अप्रैल से लागू होंगे। दावा है कि इससे व्यापारियों के काफी राहत मिलेगी और उनकी नाराजगी दूर होगी। जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू हुई थी। इससे कारोबारियों को व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं।
यह किए गए बदलाव
- साल 2017-18 से संबंधित आईटीसी क्रेडिट का दावा करने के लिए समय सीमा में बढ़ोतरी की गई है।
- जीएसटीआर-1 में हुई गलतियों को ठीक करने की सुविधा दी जाएगी।
- वार्षिक रिटर्न की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2018 से बढ़ाकर 30 जून 2019 की गई है।
- सिक्योरिटी सर्विस चार्ज लागू करना।
- जीएसटीआर 3बी रिटर्न भरने में लगने वाले विलंब शुल्क की माफी
बिना जुर्माने के भर सकेंगे रिटर्न
जीएसटी के तहत कंपनियों और कारोबारियों को अपने मासिक रिटर्न जीएसटीआर 3 बी में गलतियों को दुरुस्त करने और टैक्स देनदारी को समायोजित करने की अनुमति दी जा चुकी है। इससे कारोबारी सही रिटर्न बिना जुर्माने के डर के जमा करा सकेंगे। इस छूट से कंपनी कारोबारियों को गलती ठीक करने के बाद टैक्स क्रेडिट के लिए दावा करने का मौका मिलेगा। उनसे शुरुआत में जीएसटी देनदारी की गणना के दौरान गलतियां हुई हैं।
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अभी और होंगे बदलाव
वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों का कहना है कि जीएसटी में अभी और बदलाव होंगे। सारे स्लैब 15 से 16 प्रतिशत की दर तक लाए जा सकेंगे। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर आरएन पाल ने बताया कि जीएसटी काउंसिल इस पर कार्य कर रही है कि जिन उत्पादों पर जीएसटी घटाया गया है, उनका एमआरपी बढ़ाकर तो पैसा नहीं लिया जा रहा है। ऐसे लोगों को चिह्नित कर शिकंजा कसा जाएगा।
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14 दिन तक छुड़ाया जा सकेगा माल
13 सवारी से अधिक की मोटरगाड़ी की खरीद तथा उसके बीमा, सर्विसिंग, रिपेयर, मेंटिनेंस पर अब आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) मिलेगी। सचल दल इकाई द्वारा पकड़े जाने पर अब 14 दिन तक माल छुड़ाया जा सकता है। अभी तक यह समय सीमा सात दिन थी।
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रियल स्टेट : बिल्डरों को भी होगा फायदा
रियल स्टेट पर जीएसटी की दरें पांच प्रतिशत कर दी गई हैं अभी तक यह दरें 12 प्रतिशत थीं। वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर आरएन पाल ने बताया कि कम जीएसटी की वजह से न सिर्फ घर सस्ता होगा, बल्कि बिल्डर को भी फायदा होगा। बिल्डर को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा। स्टील, सीमेंट, पेंट, अन्य सामानों पर टैक्स क्रेडिट मिलेगा। सेनेटरी, इलेक्ट्रिकल फिटिंग पर भी टैक्स क्रेडिट मिलेगा। मकान सस्ते होंगे तो बिक्री बढ़ेगी।