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जान देकर तुमने हिंदुस्तान जिंदा कर दिया
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- वीर सपूतों के बलिदान को शायर नवाज़ देवबंदी ने किया नमन
- रोटरी इंटरनेशनल की विश्वस्तरीय कांफ्रेंस का समापन
मेरठ।
‘दहशतों की मौत का ऐलान जि़ंदा कर दिया
जान देकर तुमने हिंदुस्तान जि़ंदा कर दिया’
पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को इन्हीं शब्दों के साथ मशहूर शायर नवाज़ देबवंदी ने शब्द श्रद्धांजलि का अर्पण किया। नवाज़ देवबंदी ने कहा कि आज की तारीख में देश में जो लहर उठी है, बहरहाल वो एक बड़ा नुकसान है जिसकी पूर्ति नामुमकिन है। लेकिन इस लहर से जो देशप्रेम की भावना आई है, वो छोटी बात नहीं। पूरा देश, बच्चा-बच्चा आज शहीदों के प्रति प्रेम, श्रद्धा से जागा है, वो बड़ी बात है। दहशतों से हर व्यक्ति को लड़ना होगा।
नवाज देवबंदी रविवार को मेरठ के निजी होटल में रोटरी इंटरनेशनल के आयोजन में भाग लेने आए। उन्होंने सभी सदस्यों से शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखने का आह्वान किया। शहीदों के बाद नवाज देवबंदी ने मां पर शेर सुनाए। कहा ‘उसकी ऐड़ी पर्वत चोटी लगती है, मां के पांव से जन्नत छोटी लगती है’... ‘धूप को साया जमीं को आसमां कहती है माँ, हाथ रखकर मेरे सर पर सायमां करती है माँ, मेरी ख्वाहिश और मेरी जिद उसके कदमों पर निसार, हाँ की गुंजाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ’। कहा कि देश के बलिदानी सपूत जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना हमारी सुरक्षा की उनका बलिदान अविस्मरणीय है।
वहीं, रोटरी इंटरनेशनल मंडल 3100 की विश्वस्तरीय मंडल कांफ्रेंस का समापन रविवार को हुआ। दो दिवसीय बैठक के पहले दिन सामाजिक हित के पहलुओं पर विचार हुआ। सभा के पहले सत्र में संजय खेमका ने रोटरी के कार्यों की समीक्षा करी। श्रुति अग्रवाल ने महिलाओं के उत्थान व शिक्षा पर विचार रखे। प्रदीप सिंघल, गौरव माहेश्वरी, दीपक जैन डॉ. रवि शंकर बंगलूरू से आए। मनीष शारदा, अरुण जैन, राजीव शर्मा, मंसूर उस्मानी आदि मौजूद रहे।
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सदस्यों को किया सम्मानित
आयोजन में 10 लोगों को विशेष व्यावसायिक सम्मान से नवाजा गया। दो सदस्यों को लाइफ टाइम सेवा सम्मान दिया गया। शामली के डॉ. कुलदीप सक्सेना को मरणोपरांत लाइफ टाइम सेवा सम्मान दिया गया। कवि उस्मानी साहब, अनामिका अंबर ने भी कविताएं पढ़ीं। अरुण जैन, विकास चौधरी, सचिव नितिन तायल, प्रदीप सिंघल ने विचार रखे।
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- रोटरी इंटरनेशनल की विश्वस्तरीय कांफ्रेंस का समापन
मेरठ।
‘दहशतों की मौत का ऐलान जि़ंदा कर दिया
जान देकर तुमने हिंदुस्तान जि़ंदा कर दिया’
पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को इन्हीं शब्दों के साथ मशहूर शायर नवाज़ देबवंदी ने शब्द श्रद्धांजलि का अर्पण किया। नवाज़ देवबंदी ने कहा कि आज की तारीख में देश में जो लहर उठी है, बहरहाल वो एक बड़ा नुकसान है जिसकी पूर्ति नामुमकिन है। लेकिन इस लहर से जो देशप्रेम की भावना आई है, वो छोटी बात नहीं। पूरा देश, बच्चा-बच्चा आज शहीदों के प्रति प्रेम, श्रद्धा से जागा है, वो बड़ी बात है। दहशतों से हर व्यक्ति को लड़ना होगा।
नवाज देवबंदी रविवार को मेरठ के निजी होटल में रोटरी इंटरनेशनल के आयोजन में भाग लेने आए। उन्होंने सभी सदस्यों से शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखने का आह्वान किया। शहीदों के बाद नवाज देवबंदी ने मां पर शेर सुनाए। कहा ‘उसकी ऐड़ी पर्वत चोटी लगती है, मां के पांव से जन्नत छोटी लगती है’... ‘धूप को साया जमीं को आसमां कहती है माँ, हाथ रखकर मेरे सर पर सायमां करती है माँ, मेरी ख्वाहिश और मेरी जिद उसके कदमों पर निसार, हाँ की गुंजाइश न हो तो फिर भी हाँ करती है माँ’। कहा कि देश के बलिदानी सपूत जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना हमारी सुरक्षा की उनका बलिदान अविस्मरणीय है।
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वहीं, रोटरी इंटरनेशनल मंडल 3100 की विश्वस्तरीय मंडल कांफ्रेंस का समापन रविवार को हुआ। दो दिवसीय बैठक के पहले दिन सामाजिक हित के पहलुओं पर विचार हुआ। सभा के पहले सत्र में संजय खेमका ने रोटरी के कार्यों की समीक्षा करी। श्रुति अग्रवाल ने महिलाओं के उत्थान व शिक्षा पर विचार रखे। प्रदीप सिंघल, गौरव माहेश्वरी, दीपक जैन डॉ. रवि शंकर बंगलूरू से आए। मनीष शारदा, अरुण जैन, राजीव शर्मा, मंसूर उस्मानी आदि मौजूद रहे।
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सदस्यों को किया सम्मानित
आयोजन में 10 लोगों को विशेष व्यावसायिक सम्मान से नवाजा गया। दो सदस्यों को लाइफ टाइम सेवा सम्मान दिया गया। शामली के डॉ. कुलदीप सक्सेना को मरणोपरांत लाइफ टाइम सेवा सम्मान दिया गया। कवि उस्मानी साहब, अनामिका अंबर ने भी कविताएं पढ़ीं। अरुण जैन, विकास चौधरी, सचिव नितिन तायल, प्रदीप सिंघल ने विचार रखे।