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संपति का कैश में खरीद-फरोख्त करने वालों पर आयकर विभाग की टेढ़ी नजर
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आयकर विभाग ने पांच सालों में हुए बैनामों की मांगी सूची
20 हजार से ऊपर का लेन-देन कैश में करने वालों पर लगेगा जुर्माना
मवाना रजिस्ट्री कार्यालय में कैश संपत्ति खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों के बैनामों पर लगाई रोक
शरद गुप्ता
मवाना। लोकसभा चुनाव से पहले ही आयकर विभाग ने संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग ने पिछले पांच सालों में संपत्ति बेचने एवं खरीदने वाले लोगों की सूची मांग उन पर निगाह टेढ़ी करनी शुरू कर दी है। जिन लोगों ने संपत्ति को बिना चेक या बिना खाते में ट्रांसफर कराए लेन देन किया है। ऐसे लोगों से जुर्माना वसूलने की तैयारी में आयकर विभाग जुट गया है। तहसील मवाना के लगभग 21 हजार से अधिक लोग इसकी जद में आयेंगे।
2015 में किया गया कानून लागू
देश को कैशलेस बनाने के लिए एक जून 2015 को कानून लागू किया गया था। इसके अंर्तगत संपत्ति बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों ही 20 हजार से ऊपर का लेन देन कैश में नहीं कर सकते। यदि इससे ऊपर भुगतान किया तो आयकर विभाग जुर्माना वसूलेगा। कानून के अंर्तगत चेक व खाते से खाते में लेन देन का नियम बनाया गया था।
मवाना तहसील के बैनामों की मांगी सूची
आयकर विभाग पिछले पांच सालों में मवाना तहसील स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में हुए बैनामों की सूची मांगी है। विभाग उन बैनामों की लिस्ट तैयार कर रहा है, जिन्होंने 20 हजार रुपये से ऊपर का लेन देन संपत्ति खरीद-फरोख्त में किया है। पिछले कुछ दिन से टीम लगातार मवाना में घूम रही है और ऐसे लोगों को चिह्न्ति कर रही है। चिह्न्ति किए गए लोगों के यहां जल्द छापेमारी कर उतने रुपये का ही जुर्माना लगाया जायेगा, जितने रुपये का लेन देन उन्होंने कैश में किया है। साथ ही खरीद-फरोख्त करने वालों को इतना कैश कहां से आया उसकी जानकारी भी आयकर विभाग को देनी होगी। जवाब नहीं देने पर कार्रवाई तय है। मवाना तहसील में पिछले पांच सालों में लगभग 21 हजार से अधिक बैनामे हुए हैं, इनमें दुकान, कृषि भूमि, मकान आदि संपत्ति बेचने के बैनामे हैं।
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कैश में बैनामा करने पर लगाई रोक
आयकर विभाग का शिकंजा कसने के बाद रजिस्ट्री कार्यालय में भी ऐसे बैनामे पर रोक लगा दी है, जो लोग कैश में खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। कैश में बैनामा कराने वाले लोगों को जुर्माना लगाए जाने की हिदायत देते हुए चेक या खाते से खाते में लेन देन की सलाह दी जा रही है। जिससे लोग जागरूक हो सकें और कैशलेस बैनामा कराकर जुर्माने से बच सकें।
वर्ष बैनामे
अप्रैल 2015 से 2016 5500
अप्रैल 2016 से 2017 5000
अप्रैल 2017 से 2018 5500
अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 5500
आंकड़े रजिस्ट्री कार्यालय से प्राप्त
कैश में बैनामा करने पर रोक लगा दी गई है। लोगों को कैशलेस को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जिससे वे कैशलेस बैनामा कराकर जुर्माने से बच सकें। पूर्व में भी लोगों को जागरूक किया गया है। -शांति भूषण चौबे, उप निबंधक, रजिस्ट्री कार्यालय मवाना
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20 हजार से ऊपर का लेन-देन कैश में करने वालों पर लगेगा जुर्माना
मवाना रजिस्ट्री कार्यालय में कैश संपत्ति खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों के बैनामों पर लगाई रोक
शरद गुप्ता
मवाना। लोकसभा चुनाव से पहले ही आयकर विभाग ने संपत्ति की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग ने पिछले पांच सालों में संपत्ति बेचने एवं खरीदने वाले लोगों की सूची मांग उन पर निगाह टेढ़ी करनी शुरू कर दी है। जिन लोगों ने संपत्ति को बिना चेक या बिना खाते में ट्रांसफर कराए लेन देन किया है। ऐसे लोगों से जुर्माना वसूलने की तैयारी में आयकर विभाग जुट गया है। तहसील मवाना के लगभग 21 हजार से अधिक लोग इसकी जद में आयेंगे।
2015 में किया गया कानून लागू
देश को कैशलेस बनाने के लिए एक जून 2015 को कानून लागू किया गया था। इसके अंर्तगत संपत्ति बेचने वाला और खरीदने वाला दोनों ही 20 हजार से ऊपर का लेन देन कैश में नहीं कर सकते। यदि इससे ऊपर भुगतान किया तो आयकर विभाग जुर्माना वसूलेगा। कानून के अंर्तगत चेक व खाते से खाते में लेन देन का नियम बनाया गया था।
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मवाना तहसील के बैनामों की मांगी सूची
आयकर विभाग पिछले पांच सालों में मवाना तहसील स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में हुए बैनामों की सूची मांगी है। विभाग उन बैनामों की लिस्ट तैयार कर रहा है, जिन्होंने 20 हजार रुपये से ऊपर का लेन देन संपत्ति खरीद-फरोख्त में किया है। पिछले कुछ दिन से टीम लगातार मवाना में घूम रही है और ऐसे लोगों को चिह्न्ति कर रही है। चिह्न्ति किए गए लोगों के यहां जल्द छापेमारी कर उतने रुपये का ही जुर्माना लगाया जायेगा, जितने रुपये का लेन देन उन्होंने कैश में किया है। साथ ही खरीद-फरोख्त करने वालों को इतना कैश कहां से आया उसकी जानकारी भी आयकर विभाग को देनी होगी। जवाब नहीं देने पर कार्रवाई तय है। मवाना तहसील में पिछले पांच सालों में लगभग 21 हजार से अधिक बैनामे हुए हैं, इनमें दुकान, कृषि भूमि, मकान आदि संपत्ति बेचने के बैनामे हैं।
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कैश में बैनामा करने पर लगाई रोक
आयकर विभाग का शिकंजा कसने के बाद रजिस्ट्री कार्यालय में भी ऐसे बैनामे पर रोक लगा दी है, जो लोग कैश में खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। कैश में बैनामा कराने वाले लोगों को जुर्माना लगाए जाने की हिदायत देते हुए चेक या खाते से खाते में लेन देन की सलाह दी जा रही है। जिससे लोग जागरूक हो सकें और कैशलेस बैनामा कराकर जुर्माने से बच सकें।
वर्ष बैनामे
अप्रैल 2015 से 2016 5500
अप्रैल 2016 से 2017 5000
अप्रैल 2017 से 2018 5500
अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 5500
आंकड़े रजिस्ट्री कार्यालय से प्राप्त
कैश में बैनामा करने पर रोक लगा दी गई है। लोगों को कैशलेस को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जिससे वे कैशलेस बैनामा कराकर जुर्माने से बच सकें। पूर्व में भी लोगों को जागरूक किया गया है। -शांति भूषण चौबे, उप निबंधक, रजिस्ट्री कार्यालय मवाना