{"_id":"5c54aed7bdec2253a33c5012","slug":"111549053655-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राइवेट फार्म का नया फॉर्मूला फंसा न दे परीक्षा की तिथि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राइवेट फार्म का नया फॉर्मूला फंसा न दे परीक्षा की तिथि
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राइवेट फार्म का नया फार्मूला, फंसा न दे परीक्षा की तिथि
- 18 फरवरी से घोषित हैं सीसीएसयू के कॉलेजों में परीक्षाएं
मेरठ।
सीसीएसयू के कॉलेजों में 18 फरवरी से परीक्षा की घोषणा हो चुकी है। वहीं, दूसरी तरफ पहली बार नए फार्मूले से भरवाए जा रहे प्राइवेट फार्म में अभी कॉलेजों का अलॉटमेंट होना बाकी है। ऐसे में अगर जरा भी मामला अटका तो परीक्षा की तिथि भी फंस जाएगी।
सीसीएसयू के कॉलेजों में बीए, बीकॉम, एमए और एमकॉम प्राइवेट प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा 18 फरवरी से घोषित की जा चुकी हैं। इस बार यूनिवर्सिटी नए नियमों से फार्म भरवा रही है। छात्रों से तीन कॉलेजों के नाम भरवाए जा रहे हैं। तीन फरवरी के बाद यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं को कॉलेज अलॉट करेगी। अबकी बार यूनिवर्सिटी की ओर से नया नियम लागू किया है। इसमें बीए, बीकॉम या एमए, एमकॉम में जिन्होंने पिछली साल जिस कॉलेज से फर्स्ट ईयर किया था, इस बार उनको वो कॉलेज नहीं दिए जा रहे हैं। इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है। दूसरी समस्या ये है कि जिन कॉलेजों को अलॉट किया जाएगा उनकी पूरी सूची भी वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई है। ऐसे में अभी तक छात्र-छात्राओं को यह भी पता नहीं है कि उनको कॉलेज किस नियम के तहत मिलेगा। तीन फरवरी अभी तक ऑनलाइन प्राइवेट फार्म भरने की अंतिम तिथि है। इसके बाद यूनिवर्सिटी कॉलेज अलॉट करेगी। फिर छात्र उन कॉलेजों में जाकर प्रिंट आउट जमा करेंगे। ये प्रक्रिया 10 फरवरी तक चलनी है। इसके बाद कॉलेज फार्मों को यूनिवर्सिटी कैंपस में जमा कराएंगे। ये भी तब है जबकि फार्म भरने में काफी परेशानियां आ रही हैं। ऐसे में अगर कॉलेज के अलॉटमेंट में जरा भी गड़बड़ी हुई तो प्राइवेट फार्म का नया फार्मूला परीक्षा की तिथि को फंसा सकता है। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि परीक्षा की तिथि से पहले एडमिशन प्रक्रिया का काम पूरी तरह से हो जाएगा।
किस आधार पर होगा अलॉटमेंट, यह स्पष्ट नहीं
छात्रों को कॉलेजों का अलॉटमेंट किस आधार पर किया जाएगा, इसके बारे में भी कुछ तय नहीं किया है। नंबरों के आधार पर च्वाइस वाले कॉलेज मिलेंगे या फिर छात्रों के रजिस्ट्रेशन कराने के सीरियल नंबर से कॉलेज मिलेगा। इसके बारे में कोई गाइडलाइन आज तक जारी नहीं की गई। ऐसे में अलॉटमेंट के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
- 18 फरवरी से घोषित हैं सीसीएसयू के कॉलेजों में परीक्षाएं
मेरठ।
सीसीएसयू के कॉलेजों में 18 फरवरी से परीक्षा की घोषणा हो चुकी है। वहीं, दूसरी तरफ पहली बार नए फार्मूले से भरवाए जा रहे प्राइवेट फार्म में अभी कॉलेजों का अलॉटमेंट होना बाकी है। ऐसे में अगर जरा भी मामला अटका तो परीक्षा की तिथि भी फंस जाएगी।
सीसीएसयू के कॉलेजों में बीए, बीकॉम, एमए और एमकॉम प्राइवेट प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा 18 फरवरी से घोषित की जा चुकी हैं। इस बार यूनिवर्सिटी नए नियमों से फार्म भरवा रही है। छात्रों से तीन कॉलेजों के नाम भरवाए जा रहे हैं। तीन फरवरी के बाद यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं को कॉलेज अलॉट करेगी। अबकी बार यूनिवर्सिटी की ओर से नया नियम लागू किया है। इसमें बीए, बीकॉम या एमए, एमकॉम में जिन्होंने पिछली साल जिस कॉलेज से फर्स्ट ईयर किया था, इस बार उनको वो कॉलेज नहीं दिए जा रहे हैं। इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है। दूसरी समस्या ये है कि जिन कॉलेजों को अलॉट किया जाएगा उनकी पूरी सूची भी वेबसाइट पर अपलोड नहीं की गई है। ऐसे में अभी तक छात्र-छात्राओं को यह भी पता नहीं है कि उनको कॉलेज किस नियम के तहत मिलेगा। तीन फरवरी अभी तक ऑनलाइन प्राइवेट फार्म भरने की अंतिम तिथि है। इसके बाद यूनिवर्सिटी कॉलेज अलॉट करेगी। फिर छात्र उन कॉलेजों में जाकर प्रिंट आउट जमा करेंगे। ये प्रक्रिया 10 फरवरी तक चलनी है। इसके बाद कॉलेज फार्मों को यूनिवर्सिटी कैंपस में जमा कराएंगे। ये भी तब है जबकि फार्म भरने में काफी परेशानियां आ रही हैं। ऐसे में अगर कॉलेज के अलॉटमेंट में जरा भी गड़बड़ी हुई तो प्राइवेट फार्म का नया फार्मूला परीक्षा की तिथि को फंसा सकता है। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन का दावा है कि परीक्षा की तिथि से पहले एडमिशन प्रक्रिया का काम पूरी तरह से हो जाएगा।
विज्ञापन
किस आधार पर होगा अलॉटमेंट, यह स्पष्ट नहीं
छात्रों को कॉलेजों का अलॉटमेंट किस आधार पर किया जाएगा, इसके बारे में भी कुछ तय नहीं किया है। नंबरों के आधार पर च्वाइस वाले कॉलेज मिलेंगे या फिर छात्रों के रजिस्ट्रेशन कराने के सीरियल नंबर से कॉलेज मिलेगा। इसके बारे में कोई गाइडलाइन आज तक जारी नहीं की गई। ऐसे में अलॉटमेंट के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
विज्ञापन