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दस दस लाख रुपये में था पास कराने का ठेका
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:06 AM IST
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डेढ़-डेढ़ लाख रुपये में हुआ था परीक्षा में पास कराने का सौदा
सहारनपुर। भारतीय खाद्य निगम में गार्ड की भर्ती परीक्षा में भी साल्वर गैंग सक्रिय हुआ और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये में साल्वर गैंग ने अभ्यर्थी के स्थान पर साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने का ठेका ले लिया। परीक्षा होने से पहले ही गैंग जीआरपी के हत्थे चढ़ गया।
सहारनपुर में सोमवार को 49 परीक्षा केंद्रों पर एफसीआई गार्ड की परीक्षा का आयोजन किया गया। रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ लगी रही। दोपहर 12 बजे से होने वाली परीक्षा के लिए सुबह सात बजे से ही स्टेशन पर भीड़ एकत्रित हो गई। इस छोटी परीक्षा में भी साल्वर गैंग के सक्रिय होने की सूचना जीआरपी को मिली। रेलवे स्टेशन पर साल्वर गैंग की लोकेशन अधिकारियों को मिली। जिस पर जीआरपी ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन और परिसर में छानबीन शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन परिसर में जीआरपी को एक ईको वैन में कुछ लोग नजर आए। परीक्षा सेंटर जाने की बजाय गाड़ी के रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी होने पर जीआरपी को मामला संदिग्ध लगा और इन्हें दबोच लिया। जीआरपी ने सख्ती से पूछताछ की तो साल्वर गैंग का खुलासा हो गया। जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया ने बताया कि मास्टर माइंड नीरज ने एफसीआई की परीक्षा के लिए फर्जी तरीके से परीक्षा साल्व कराने के बदले प्रति परीक्षार्थी से डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय किया था। कुछ धनराशि अग्रिम वसूल की है। पुलिस पूछताछ में नीरज ने बताया कि यह परीक्षा छोटी थी और इस परीक्षा में बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं लगवाई जा रही थी। इसलिए सिर्फ फोटो बदलकर ही साल्वर अपना काम आसानी से कर देते।
व्हाट्सएप के जरिए थे संपर्क में
जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया ने बताया कि बागपत के ग्राम पुसार का रहने वाला नीरज साल्वर गैंग का लीडर है। जबकि मनीष गाड़ी का चालक है। तरुण दहिया अभ्यर्थी है और उसने खुद ही अपना फर्जी प्रवेश पत्र साल्वर के नाम से तैयार किया है। जबकि सुमित, रोहित और महेंद्र साल्वर हैं। पूछताछ में गैंग लीडर नीरज ने बताया कि उसने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षार्थियों से संपर्क किया और परीक्षा अपने गिरोह से साल्व कराने की बात व्हाट्सएप मेसेज में कही गई है।
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- साल्वर गैंग बनाने के चक्कर में कर लिया 32 लाख का कर्ज
आरोपी नीरज ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2016 में हुई ग्रुप डी की परीक्षा में भी परीक्षा साल्व कराने का ठेका लिया था। लेकिन अधिकांश अभ्यर्थी परीक्षा पास नहीं कर पाए। जिससे उस पर लगभग 32 लाख रुपये का कर्ज हो गया। उसे उतारने के प्रयास में उसने इस परीक्षा में फिर से साल्वर तैयार कर लिए। उसने आठ साल्वर को हायर किया था। जिसमें जिनको अभ्यर्थी के प्रवेश-पत्र उपलब्ध करा दिए गए थे। जिनमें से जीआरपी के हाथ सिर्फ तीन ही साल्वर लग सके हैं।
- पहले भी पकड़े गए थे साल्वर गैंग के 11 लोग
जून में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में भी सहारनपुर में पुलिस ने साल्वर गैंग के 11 लोगों को पकड़ा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी आईकार्ड, आधार कार्ड, प्रवेश पत्र बरामद किए थे। फर्जी प्रपत्र बनाने वाला आरोपी बागपत का ही रहने वाला है।
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सहारनपुर। भारतीय खाद्य निगम में गार्ड की भर्ती परीक्षा में भी साल्वर गैंग सक्रिय हुआ और डेढ़-डेढ़ लाख रुपये में साल्वर गैंग ने अभ्यर्थी के स्थान पर साल्वर बैठाकर परीक्षा दिलाने का ठेका ले लिया। परीक्षा होने से पहले ही गैंग जीआरपी के हत्थे चढ़ गया।
सहारनपुर में सोमवार को 49 परीक्षा केंद्रों पर एफसीआई गार्ड की परीक्षा का आयोजन किया गया। रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ लगी रही। दोपहर 12 बजे से होने वाली परीक्षा के लिए सुबह सात बजे से ही स्टेशन पर भीड़ एकत्रित हो गई। इस छोटी परीक्षा में भी साल्वर गैंग के सक्रिय होने की सूचना जीआरपी को मिली। रेलवे स्टेशन पर साल्वर गैंग की लोकेशन अधिकारियों को मिली। जिस पर जीआरपी ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन और परिसर में छानबीन शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन परिसर में जीआरपी को एक ईको वैन में कुछ लोग नजर आए। परीक्षा सेंटर जाने की बजाय गाड़ी के रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी होने पर जीआरपी को मामला संदिग्ध लगा और इन्हें दबोच लिया। जीआरपी ने सख्ती से पूछताछ की तो साल्वर गैंग का खुलासा हो गया। जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया ने बताया कि मास्टर माइंड नीरज ने एफसीआई की परीक्षा के लिए फर्जी तरीके से परीक्षा साल्व कराने के बदले प्रति परीक्षार्थी से डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय किया था। कुछ धनराशि अग्रिम वसूल की है। पुलिस पूछताछ में नीरज ने बताया कि यह परीक्षा छोटी थी और इस परीक्षा में बायोमेट्रिक उपस्थिति नहीं लगवाई जा रही थी। इसलिए सिर्फ फोटो बदलकर ही साल्वर अपना काम आसानी से कर देते।
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व्हाट्सएप के जरिए थे संपर्क में
जीआरपी प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया ने बताया कि बागपत के ग्राम पुसार का रहने वाला नीरज साल्वर गैंग का लीडर है। जबकि मनीष गाड़ी का चालक है। तरुण दहिया अभ्यर्थी है और उसने खुद ही अपना फर्जी प्रवेश पत्र साल्वर के नाम से तैयार किया है। जबकि सुमित, रोहित और महेंद्र साल्वर हैं। पूछताछ में गैंग लीडर नीरज ने बताया कि उसने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए परीक्षार्थियों से संपर्क किया और परीक्षा अपने गिरोह से साल्व कराने की बात व्हाट्सएप मेसेज में कही गई है।
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- साल्वर गैंग बनाने के चक्कर में कर लिया 32 लाख का कर्ज
आरोपी नीरज ने पूछताछ में बताया कि उसने वर्ष 2016 में हुई ग्रुप डी की परीक्षा में भी परीक्षा साल्व कराने का ठेका लिया था। लेकिन अधिकांश अभ्यर्थी परीक्षा पास नहीं कर पाए। जिससे उस पर लगभग 32 लाख रुपये का कर्ज हो गया। उसे उतारने के प्रयास में उसने इस परीक्षा में फिर से साल्वर तैयार कर लिए। उसने आठ साल्वर को हायर किया था। जिसमें जिनको अभ्यर्थी के प्रवेश-पत्र उपलब्ध करा दिए गए थे। जिनमें से जीआरपी के हाथ सिर्फ तीन ही साल्वर लग सके हैं।
- पहले भी पकड़े गए थे साल्वर गैंग के 11 लोग
जून में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में भी सहारनपुर में पुलिस ने साल्वर गैंग के 11 लोगों को पकड़ा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी आईकार्ड, आधार कार्ड, प्रवेश पत्र बरामद किए थे। फर्जी प्रपत्र बनाने वाला आरोपी बागपत का ही रहने वाला है।