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पैराई सत्र से पहले एक-एक पैसे का होगा भुगतान
Updated Sun, 09 Sep 2018 02:32 AM IST
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पेराई सत्र से पहले एक-एक पैसे का होगा भुगतान
मेरठ। गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने कहा कि पेराई सत्र से पहले गन्ने के एक-एक पैसे का भुगतान कराया जाएगा। प्रदेश व केंद्र सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। जितना भुगतान भाजपा सरकार के समय में हुआ है, उतना किसी भी दूसरी सरकारों में नहीं हुआ है।
सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान सुरेश राणा ने कहा कि निजी चीनी मिलों को 4 हजार करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन दिया जाएगा। यह लोन उनकेयहां गन्ना मूल्य बकाया भुगतान के बराबर होगा। लोन से मिलों को जो पैसा मिलेगा, उसे सीधे किसानों के खातों में गन्ना मूल्य भगतान के लिए उन्हें भेजना होगा। वहीं प्रति क्विंटल 4.5 रुपये की दर से चीनी पर भी अनुदान दिया जाएगा। जिस चीनी मिल ने गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है, अनुदान उसे ही मिलेगा। अगर बकाया है तो सहायता राशि सीधे किसानों केखाते में भेज दी जाएगी।
सुरेश राणा ने कहा है कि सरकार ने वर्ष 2017-18 में रिकॉर्ड भुगतान कराया है। पूरक बजट में भी 5535 करोड़ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का बकाया अधिक होने का कारण गन्ने का अधिक उत्पादन होना है। वर्ष 2015-16 में 64 करोड़ क्विंटल गन्ने का उत्पादन हुआ था, जो 2017-18 में 10111 हो गया। पहली बार 23 जून तक चीनी मिलें चली हैं, जो अब तक का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि 20 अक्तूबर से 5 नवंबर के बीच इस बार सभी चीनी मिलें चालू हो जाएं। गन्ना मंत्री ने बताया कि किसानों की बदौलत ही चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन बन गया है।
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गन्ना मंत्री ने चीनी मिलों को लेकर कहा कि पहली बार मेरठ जिले में डेढ़ सौ से अधिक सड़कों का निर्माण गन्ना विभाग की ओर से किया गया है। रमाला और मोहिउद्दीनपुर चीनी मिलों का विस्तारीकरण भी किया जा रहा है। सुरेश राणा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के निर्देश पर हस्तिनापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने आये थे। उन्होंने मौके पर जाकर पूरी स्थिति को देखा है। फसलों के नुकसान के लिए किसानों को हर संभव मदद दी जायेगी। फसल बीमा योजना का भी किसानों का लाभ दिया जाएगा। इस दौरान विधायक दिनेश खटीक, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह, विमल शर्मा, आलोक सिसौदिया और अजीत चौधरी आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने कहा कि पेराई सत्र से पहले गन्ने के एक-एक पैसे का भुगतान कराया जाएगा। प्रदेश व केंद्र सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। जितना भुगतान भाजपा सरकार के समय में हुआ है, उतना किसी भी दूसरी सरकारों में नहीं हुआ है।
सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान सुरेश राणा ने कहा कि निजी चीनी मिलों को 4 हजार करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन दिया जाएगा। यह लोन उनकेयहां गन्ना मूल्य बकाया भुगतान के बराबर होगा। लोन से मिलों को जो पैसा मिलेगा, उसे सीधे किसानों के खातों में गन्ना मूल्य भगतान के लिए उन्हें भेजना होगा। वहीं प्रति क्विंटल 4.5 रुपये की दर से चीनी पर भी अनुदान दिया जाएगा। जिस चीनी मिल ने गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है, अनुदान उसे ही मिलेगा। अगर बकाया है तो सहायता राशि सीधे किसानों केखाते में भेज दी जाएगी।
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सुरेश राणा ने कहा है कि सरकार ने वर्ष 2017-18 में रिकॉर्ड भुगतान कराया है। पूरक बजट में भी 5535 करोड़ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों का बकाया अधिक होने का कारण गन्ने का अधिक उत्पादन होना है। वर्ष 2015-16 में 64 करोड़ क्विंटल गन्ने का उत्पादन हुआ था, जो 2017-18 में 10111 हो गया। पहली बार 23 जून तक चीनी मिलें चली हैं, जो अब तक का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि 20 अक्तूबर से 5 नवंबर के बीच इस बार सभी चीनी मिलें चालू हो जाएं। गन्ना मंत्री ने बताया कि किसानों की बदौलत ही चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में नंबर वन बन गया है।
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गन्ना मंत्री ने चीनी मिलों को लेकर कहा कि पहली बार मेरठ जिले में डेढ़ सौ से अधिक सड़कों का निर्माण गन्ना विभाग की ओर से किया गया है। रमाला और मोहिउद्दीनपुर चीनी मिलों का विस्तारीकरण भी किया जा रहा है। सुरेश राणा ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के निर्देश पर हस्तिनापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने आये थे। उन्होंने मौके पर जाकर पूरी स्थिति को देखा है। फसलों के नुकसान के लिए किसानों को हर संभव मदद दी जायेगी। फसल बीमा योजना का भी किसानों का लाभ दिया जाएगा। इस दौरान विधायक दिनेश खटीक, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह, विमल शर्मा, आलोक सिसौदिया और अजीत चौधरी आदि मौजूद रहे।