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आज 14 केंद्रों पर होगी गर्भवती महिलाओं की जांच
Updated Mon, 09 Apr 2018 01:56 AM IST
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आज 14 केंद्रों पर होगी गर्भवती महिलाओं की जांच
मेरठ। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली करीब 500 महिलाओं की जांच हर माह की नौ तारीख को 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर की जाएगी। इनमें 12 सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है। इनकी शुगर, ब्लड प्रेशर, यूरिन में एल्बुमिन और ओवरवेट आदि की जांच की जाएगी। दरअसल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की वजह से कई महिलाओं की मृत्यु हो जाती है।
स्वास्थ्य विभाग केआंकड़ों के मुताबिक मेरठ में 54 हजार 831 गर्भवती महिलाएं हैं। इस बार स्वास्थ्य विभाग की थीम है कि नौ तारीख है हर होने वाली मां के लिए खास। दरअसल, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की नई पहल है। इसके तहत प्रत्येक माह की नौ तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया जाता है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भवस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भवस्था के चार महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाता है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि अगर गर्भवती महिला की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कम से कम एक बार उचित जांच कराई जाए और उसका उचित पालन किया जाए तो इस प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप मातृ एवं नवजात मौतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है।
प्रदान किया जाएगा लाल और हरे रंग का स्टीकर
इसके तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें लाल स्टीकर तथा सामान्य गर्भवस्था वाली महिलाओं को हरे रंग का स्टीकर प्रदान किया जाएगा। आवश्यकतानुसार इन्हें फॉलोअप की सुविधा प्रदान कराई जाएगी।
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खास बातें:
हाई रिस्क वाली 500 से ज्यादा महिलाएं आएंगी
मेरठ में 54 हजार 831 महिलाएं हैं गर्भवती
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मेरठ। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली करीब 500 महिलाओं की जांच हर माह की नौ तारीख को 14 स्वास्थ्य केंद्रों पर की जाएगी। इनमें 12 सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है। इनकी शुगर, ब्लड प्रेशर, यूरिन में एल्बुमिन और ओवरवेट आदि की जांच की जाएगी। दरअसल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की वजह से कई महिलाओं की मृत्यु हो जाती है।
स्वास्थ्य विभाग केआंकड़ों के मुताबिक मेरठ में 54 हजार 831 गर्भवती महिलाएं हैं। इस बार स्वास्थ्य विभाग की थीम है कि नौ तारीख है हर होने वाली मां के लिए खास। दरअसल, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की नई पहल है। इसके तहत प्रत्येक माह की नौ तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया जाता है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भवस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भवस्था के चार महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाता है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि अगर गर्भवती महिला की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कम से कम एक बार उचित जांच कराई जाए और उसका उचित पालन किया जाए तो इस प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप मातृ एवं नवजात मौतों की संख्या में कमी लाई जा सकती है।
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प्रदान किया जाएगा लाल और हरे रंग का स्टीकर
इसके तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें लाल स्टीकर तथा सामान्य गर्भवस्था वाली महिलाओं को हरे रंग का स्टीकर प्रदान किया जाएगा। आवश्यकतानुसार इन्हें फॉलोअप की सुविधा प्रदान कराई जाएगी।
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खास बातें:
हाई रिस्क वाली 500 से ज्यादा महिलाएं आएंगी
मेरठ में 54 हजार 831 महिलाएं हैं गर्भवती