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आयकर विभाग के रडार पर कई और इं डस्ट्रियां
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:07 AM IST
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आयकर के रडार पर कई और इंडस्ट्रियां, नोटबंदी के बाद से खातों पर विभाग की नजर
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद बड़े स्तर पर खातों में लेनदेन की गड़बड़ियां सामने आई थीं। उद्यमियों और बड़े व्यापारियों की भी फेहरिस्त बनाई गई थी, जिन्होंने नोटबंदी के समय अपने पैसे को बैंक में जमा कराया था। विभाग ने इसको लेकर भी कई बार चेकिंग की। जिले में अभी भी कई और इंडस्ट्रियां आयकर के रडार पर हैं। इन पर भी जल्द ही छापे पड़ने की कार्रवाई हो सकती है।
आयकर विभाग ने जिले के सभी बैंकों से बड़े लेनदेन की डिटेल मांगी थी, जिसकी जिम्मेदारी लीड बैंक के हवाले की गई थी। लीड बैंक के माध्यम से आयकर विभाग को नोटबंदी के दौरान खातों में हुए लेनदेन की सूची तैयार कर दी गई थी। इस पर आयकर विभाग की टीम गुप्त रूप से जांच पड़ताल में जुटी है। जिले में जिन खातों में कोई हलचल नहीं थी, उनमें नोटबंदी के दौरान जरूरत से अधिक लेनदेन पाया गया। इसको लेकर आयकर विभाग धीरे-धीरे जांच पड़ताल में लगा है। मंगलवार को छापे मारकर आयकर, वास्तविक आय और आयकर रिटर्न की जांच-पड़ताल की गई। अब तक आयकर बड़े उद्योगों पर छापे मारता था, लेकिन चिकित्सकों के क्लीनिकों पर छापों से अन्य चिकित्सकों में भी खलबली मच गई है। आयकर विभाग के अनुसार यह भी सर्वे किया जा रहा है कि किस चिकित्सक की असल आय क्या है और आयकर क्या दिया जा रहा है। इसके साथ ही एक इंडस्ट्री को कितने बैंक खातों से जोड़कर लेनदेन हो रहा है। अगले कुछ दिनों में आयकर विभाग की यह कार्रवाई जारी रहने की संभावना जताई जा रही हैं।
छापे से पहले जुटाए गए सबूत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। आयकर विभाग ने चर्चाओं में रहे ईवान अस्पताल में दोपहर सवा बजे छापा मारा। टीम ने अस्पताल में घुसते ही स्टाफ को जहां-तहां रोक कर दरवाजे बंद करा दिए। अस्पताल में उपचार के लिए आए तीमारदारों को भी छापे के दौरान परेशानी उठानी पड़ी। ईवान में कार्य करने वाले चिकित्सक विभाग के रडार पर हैं। सभी स्थानों पर हुई कार्रवाई को पुख्ता सबूतों के आधार पर माना जा रहा है।
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शहर में आयकर विभाग की टीमें अचानक नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग और होमवर्क करने के बाद फील्ड में उतरी है। बाकायदा सभी का रूट चार्ट तैयार किया गया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से आयकर अधिकारी, आयकर निरीक्षकों को बुलाया गया। आला अफसरों ने अधिकारियों को एक-एक स्थान की पूरी डिटेल उपलब्ध कराई, उसके बाद कार्रवाई के लिए कहा गया। टीम की कमान ज्वाइंट कमिश्नर आरकेंद्र सिंह को दी गई। टीम ने जहां छापेमारी की, उन स्थानों पर किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगने दी। करीब 15 गाड़िय़ों में शहरभर में आयकर की टीम सड़क पर उतरी और देर रात तक रिकार्ड खंगाले गए। सभी स्थानों से आयकर रिकार्ड भी कब्जे में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि आयकर विभाग कार्रवाई को सर्वेे बता रहा है, लेकिन जिस तरह से टीमों ने कार्रवाई की और मीडिया से दूरी बनाए रखी, उससे यह माना जा रहा है कि टीम के पास पहले से इनकम टैक्स और आय में झोल होने के पुख्ता सबूत थे। छापे का सबसे अहम पहलू यह है कि ईवान हॉस्पिटल में छापे के साथ ही शहर निवासी जो चिकित्सक वहां प्रैक्टिस करते हैं, उन्हें भी टीम ने टारगेट पर लिया है। अग्रवाल पैथोलॉजी की संचालिका डॉ अनुराधा अग्रवाल ने बताया कि यह टीम की रुटीन जांच है, जो उनके यहां मशीनों, आयकर आदि की जांच कर रही है। उनके यहां सब कार्य वैध तरीके से हो रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद बड़े स्तर पर खातों में लेनदेन की गड़बड़ियां सामने आई थीं। उद्यमियों और बड़े व्यापारियों की भी फेहरिस्त बनाई गई थी, जिन्होंने नोटबंदी के समय अपने पैसे को बैंक में जमा कराया था। विभाग ने इसको लेकर भी कई बार चेकिंग की। जिले में अभी भी कई और इंडस्ट्रियां आयकर के रडार पर हैं। इन पर भी जल्द ही छापे पड़ने की कार्रवाई हो सकती है।
आयकर विभाग ने जिले के सभी बैंकों से बड़े लेनदेन की डिटेल मांगी थी, जिसकी जिम्मेदारी लीड बैंक के हवाले की गई थी। लीड बैंक के माध्यम से आयकर विभाग को नोटबंदी के दौरान खातों में हुए लेनदेन की सूची तैयार कर दी गई थी। इस पर आयकर विभाग की टीम गुप्त रूप से जांच पड़ताल में जुटी है। जिले में जिन खातों में कोई हलचल नहीं थी, उनमें नोटबंदी के दौरान जरूरत से अधिक लेनदेन पाया गया। इसको लेकर आयकर विभाग धीरे-धीरे जांच पड़ताल में लगा है। मंगलवार को छापे मारकर आयकर, वास्तविक आय और आयकर रिटर्न की जांच-पड़ताल की गई। अब तक आयकर बड़े उद्योगों पर छापे मारता था, लेकिन चिकित्सकों के क्लीनिकों पर छापों से अन्य चिकित्सकों में भी खलबली मच गई है। आयकर विभाग के अनुसार यह भी सर्वे किया जा रहा है कि किस चिकित्सक की असल आय क्या है और आयकर क्या दिया जा रहा है। इसके साथ ही एक इंडस्ट्री को कितने बैंक खातों से जोड़कर लेनदेन हो रहा है। अगले कुछ दिनों में आयकर विभाग की यह कार्रवाई जारी रहने की संभावना जताई जा रही हैं।
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छापे से पहले जुटाए गए सबूत
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। आयकर विभाग ने चर्चाओं में रहे ईवान अस्पताल में दोपहर सवा बजे छापा मारा। टीम ने अस्पताल में घुसते ही स्टाफ को जहां-तहां रोक कर दरवाजे बंद करा दिए। अस्पताल में उपचार के लिए आए तीमारदारों को भी छापे के दौरान परेशानी उठानी पड़ी। ईवान में कार्य करने वाले चिकित्सक विभाग के रडार पर हैं। सभी स्थानों पर हुई कार्रवाई को पुख्ता सबूतों के आधार पर माना जा रहा है।
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शहर में आयकर विभाग की टीमें अचानक नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग और होमवर्क करने के बाद फील्ड में उतरी है। बाकायदा सभी का रूट चार्ट तैयार किया गया है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर से आयकर अधिकारी, आयकर निरीक्षकों को बुलाया गया। आला अफसरों ने अधिकारियों को एक-एक स्थान की पूरी डिटेल उपलब्ध कराई, उसके बाद कार्रवाई के लिए कहा गया। टीम की कमान ज्वाइंट कमिश्नर आरकेंद्र सिंह को दी गई। टीम ने जहां छापेमारी की, उन स्थानों पर किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगने दी। करीब 15 गाड़िय़ों में शहरभर में आयकर की टीम सड़क पर उतरी और देर रात तक रिकार्ड खंगाले गए। सभी स्थानों से आयकर रिकार्ड भी कब्जे में लेकर पूछताछ की गई। हालांकि आयकर विभाग कार्रवाई को सर्वेे बता रहा है, लेकिन जिस तरह से टीमों ने कार्रवाई की और मीडिया से दूरी बनाए रखी, उससे यह माना जा रहा है कि टीम के पास पहले से इनकम टैक्स और आय में झोल होने के पुख्ता सबूत थे। छापे का सबसे अहम पहलू यह है कि ईवान हॉस्पिटल में छापे के साथ ही शहर निवासी जो चिकित्सक वहां प्रैक्टिस करते हैं, उन्हें भी टीम ने टारगेट पर लिया है। अग्रवाल पैथोलॉजी की संचालिका डॉ अनुराधा अग्रवाल ने बताया कि यह टीम की रुटीन जांच है, जो उनके यहां मशीनों, आयकर आदि की जांच कर रही है। उनके यहां सब कार्य वैध तरीके से हो रहे हैं।