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शपथ ग्रहण में विपक्षी सदस्यों की मौजूदगी पर संशय
Updated Mon, 28 Aug 2017 02:44 AM IST
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मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव में नवनिर्वाचित अध्यक्ष कुलविंदर सिंह का सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह है। जिला पंचायत की तरफ से समारोह की बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। जिसमें सभी जिला पंचायत सदस्यों के साथ ही भाजपाइयोें को भी बुलाया गया है। विपक्षी सदस्यों की मौजूदगी को लेकर संशय बना है।
जिला पंचायत बोर्ड का गठन जनवरी 2016 में हुआ था। लेकिन तब से लेकर बोर्ड भंग होने के बाद प्रशासक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक भी शांति पूर्वक संपन्न नहीं हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह छोड़ दें तो उसके बाद जिला पंचायत में हंगामा ही होता रहा। पहली ही बोर्ड बैठक में जमकर बवाल हुआ। दूसरी बैठक में मात्र चार ही सदस्य पहुंचे और बैठक का कोरम तक पूरा नहीं हुआ। इन सबके बीच जिला पंचायत में खींचतान के बीच भाजपा सरकार बनने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग उठी और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
अब उपचुनाव में भी सदस्य पूरी तरह दो फाड़ नजर आये और बड़ी बात ये रही कि पिछली बार की तरह लगभग दोनों तरफ बराबर सदस्यों की मौजूदगी है। चुनाव में दोनों तरफ से खाई इस कदर गहरी हुई कि एक बार फिर से जिला पंचायत बोर्ड के भीतर सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है। जिला पंचायत से जुड़े सूत्रों के अनुसार यदि शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी सदस्यों में से अधिकांश की मौजूदगी होती है तो यह बोर्ड के लिए सुखद होगा। लेकिन यदि विपक्षी सदस्यों ने इससे दूरी बनायी तो भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
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जिला पंचायत बोर्ड का गठन जनवरी 2016 में हुआ था। लेकिन तब से लेकर बोर्ड भंग होने के बाद प्रशासक की अध्यक्षता में आयोजित बैठक भी शांति पूर्वक संपन्न नहीं हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह छोड़ दें तो उसके बाद जिला पंचायत में हंगामा ही होता रहा। पहली ही बोर्ड बैठक में जमकर बवाल हुआ। दूसरी बैठक में मात्र चार ही सदस्य पहुंचे और बैठक का कोरम तक पूरा नहीं हुआ। इन सबके बीच जिला पंचायत में खींचतान के बीच भाजपा सरकार बनने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग उठी और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
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अब उपचुनाव में भी सदस्य पूरी तरह दो फाड़ नजर आये और बड़ी बात ये रही कि पिछली बार की तरह लगभग दोनों तरफ बराबर सदस्यों की मौजूदगी है। चुनाव में दोनों तरफ से खाई इस कदर गहरी हुई कि एक बार फिर से जिला पंचायत बोर्ड के भीतर सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है। जिला पंचायत से जुड़े सूत्रों के अनुसार यदि शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी सदस्यों में से अधिकांश की मौजूदगी होती है तो यह बोर्ड के लिए सुखद होगा। लेकिन यदि विपक्षी सदस्यों ने इससे दूरी बनायी तो भविष्य के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।
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