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बेटी की जान बचाने में मां खुद हो गई कुर्बान, दुकान तोड़कर मौत ने मारा झपट्टा

Thu, 20 Jul 2017 02:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Thu, 20 Jul 2017 02:55 PM IST
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बेटी की बचाई जान, खुद कुर्बान
विलाप करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ में भावनपुर के जई गांव स्थित बस स्टैंड पर बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। डेढ़ साल की बेटी के साथ मिठाई खरीद रही महिला पर मौत झपट पड़ी। बेकाबू ट्रैक्टर दुकान की दीवार तोड़कर घुसा तो मां ने गोद से मासूम को फेंक दिया। पल भर में ही ट्रैक्टर ने महिला को कुचल दिया। लहूलुहान महिला ने अस्पताल जाते रास्ते में ही दम तोड़ दिया। भीड़ के बीच आरोपी चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया।
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पुलिस के अनुसार जई गांव निवासी 28 वर्षीय रोशन जहां पुत्री खुुर्शीद का निकाह सात साल पूर्व थाना मीरापुर मुजफ्फरनगर के गांव कुतुबपुर निवासी ऐश मोहम्मद पुत्र लताफत अली से हुआ था। वह एक माह से मायके आई हुई थी। उसके तीन बच्चे फरहान (6 वर्ष) अनम (4 वर्ष) और बेटी निदा (डेढ़ वर्ष) हैं। सुबह करीब नौ बजे रोशन निदा को गोद में लेकर बस स्टैंड स्थित विनोद मिष्ठान भंडार पर आई थी। वह काउंटर पर मिठाई के भाव पूछ ही रही थी कि तभी पीछे की तरफ से ट्रैक्टर दीवार तोड़ता हुआ दुकान में जा घुसा। मौत को पीछे आता देख रोशन ने पल भर में ही गोद से बेटी को फेंक दिया। ट्रैक्टर ने रोशन को कुचल दिया। चीख पुकार मचने पर वहां आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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भावनपुर इंस्पेक्टर मुकेश कुुमार ने बताया कि ट्रैक्टर गांव जई निवासी संजीद पुत्र नूरमोहम्मद लेकर जा रहा था। बस स्टैंड के पास ट्रैक्टर अचानक बेकाबू होकर दुकान में जा घुसा था और वहां खड़ी रोशन को कुचल दिया था। ट्रैक्टर कब्जे में ले लिया गया है। रोशन के भाई शाहिद ने आरोपी संजीद को नामजद किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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नहीं थी बेटी के बचने की उम्मीद
लोगों के अनुसार ट्रैक्टर काफी तेजी से दुकान में घुसा था। जिस समय ट्रैक्टर ने रोशन को चपेट में ले लिया था तो माना जा रहा था कि मां-बेटी दोनों को ट्रैक्टर ने कुचल दिया होगा। लेकिन रोशन ने बेटी को अंतिम समय में गोदी से फेंका था। घटना के बाद लोगों ने ट्रैक्टर को पीछे कर खून से लथपथ मां और मासूम निदा को वहां से निकाला। जिसमें निदा की जान तो बच गई। लेकिन रोशन अपनी जिंदगी नहीं बचा सकी। उधर, यह भी चर्चा रही कि ट्रैक्टर संजीद के बजाय कोई किशोर चला रहा था। इंस्पेक्टर के अनुसार इसकी जांच की जा रही है। रोशन की मौत की सूचना जब उसके घर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। बच्चों का मां को याद कर रो रोकर बुरा हाल हो गया।
 
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