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तीनों सेटों में एक से आए प्रश्न
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बॉयो ने उलझाया, बिजनेस स्टडीज में माथा चकराया
- बिजनेस स्टडीज के पेपर में एक नंबर के सवालों में भी आई केस स्टडीज़
- बॉयोलोजी के पेपर में रुटीन नहीं अनछुए टॉपिक से आए प्रश्न
- बॉयोटेक, एनवायरमेंट व ईकोलॉजी से आए अधिक प्रश्न
मेरठ। सीबीएसई बारहवीं बोर्ड परीक्षा में बिजनेस स्टडीज के पेपर ने छात्रों को चकरा दिया। पेपर में आई केस स्टडीज से छात्र परेशान दिखे। यह पहली बार था जब बिजनेस स्टडीज के पेपर में एक नंबर वाले प्रश्नों में भी केस स्टडीज पूछी गई। 80 नंबर के पेपर में 60 प्रतिशत प्रश्न केस स्टडीज के रहे। ऐसे में पेपर लैंदी हो गया। प्रश्नों की भाषा घुमावदार, कठिन थी, जिसके कारण छात्र कंफ्यूज हो गए। वहीं आईसीएसई बोर्ड में 12वीं में बॉयोलोजी का पेपर भी उम्मीदों से परे आया और छात्र उलझे रहे। दोनों ही पेपर छात्रों पर भारी पड़े।
पेट्रोल की कीमत बढ़ने से छोटी कंपनी प्रभावित तो कौन सा फोर्म
केएल इंटरनेशनल स्कूल में बिजनेस स्टडीज के शिक्षक नितिन गांधी ने बताया कि एक नंबर के सवाल भी ट्रिकी आने से केस स्टडी क ी भाषा कठिन हो गई छात्रों को प्रश्नों को समझने में दिक्कत आई। प्रिंसिपल ऑफ मैनेजमेंट चैप्टर से आई केस स्टडी टफ थी। केस पढ़कर छात्रों को उनके अंदर की थ्योरी को पहचानना था। लेकिन थ्योरी को मर्ज करके दिया। एक ही सवाल में वर्क स्टडी, टाइम स्टडी दोनों पूछी थी छात्रों को कंफ्यूजन हुआ। यह कंफ्यूजन हर प्रश्न में रहा। इसी तरह 4 नंबर का प्रश्न बिजनेस एनवायरमेंट से था जिसमें लिब्रलाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन दो फोर्म लग रहे थे। सवाल था कि पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सरकार ने एमएनसी को पेट्रोल सप्लाई का ठेका दिया तो छोटी कंपनियों पर आने वाला असर क्या है। इसमें दो फोर्म एक साथ थे जिनको लिखना था लेकिन छात्र नहीं समझ पाए कि कौन सा फोर्म लिखें। एक, तीन, चार, छह नंबर के सवाल में केस स्टडी थी। 9 नंबर के इंटरनल च्वाइस आई, च्वाइस बढ़ने से छात्र थोड़े खुश रहे। पूरा पेपर एनसीईआरटी पर आधारित था। डायरेक्ट क्वेश्चन पिछले साल के पेपरों से काफी मैच कर रहे थे। लेकिन इनडायरेक्ट वाले सभी प्रश्न कठिन रहे। दीवान पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल मीनाक्षी ने बताया कि पिछले सालों से पेपर ट्रिकी रहा। मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल की शिक्षिका अंजू शर्मा ने बताया कि खंड द के 22वें सवाल में च्वाइस काफी ट्रिकी रही।
बॉयो में सी सेक्शन से टफ हुआ पेपर
आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में 12वीं कक्षा के छात्रों का बॉयो का पेपर हुआ। बायो का पेपर होता भी स्कोरिंग है। सेंट थॉमस स्कूल छीपी टैंक की प्रिंसिपल ए.डीन के अनुसार बॉयो के पेपर में छात्रों को डायग्राम की उम्मीद होती है, लेकिन 3 नंबर का केवल एक डायग्राम आया। ह्यमून ओवरी या एंथरलोब में से कोई एक बनाने की च्वाइस थी। ए, बी पोर्शन आसान थे, लेकिन सी सेक्शन बहुत कठिन रहा। छात्र जिन विषयों पर अधिक ध्यान देते हैं, पुराने पेपर्स में जिन विषयों को पढ़कर तैयार किया वो टॉपिक पेपर में नहीं आने से छात्र बहुत परेशान रहे। वहीं एनवायरमेंट, इकोलॉजी, कार्बन साइकिल, फॉस्फोरस साइकिल और बॉयोटेक जिसे छात्र कभी नहीं पढ़ते उससे इस बार बहुत प्रश्न आए। आब्जेक्टिव पार्ट ठीक था। जेेनेटिक्स से केवल एक प्रश्न आया इसलिए छात्र परेशान हुए। पूरे पेपर में 18 प्रश्न थे, लेकिन सी सेक्शन का 15 नंबर का पार्ट बहुत टफ रहा। वहीं आईसीएसई दसवीं में फ्रैं च व संस्कृत का पेपर हुआ। पेपर आसान आया।
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- बिजनेस स्टडीज के पेपर में एक नंबर के सवालों में भी आई केस स्टडीज़
- बॉयोलोजी के पेपर में रुटीन नहीं अनछुए टॉपिक से आए प्रश्न
- बॉयोटेक, एनवायरमेंट व ईकोलॉजी से आए अधिक प्रश्न
मेरठ। सीबीएसई बारहवीं बोर्ड परीक्षा में बिजनेस स्टडीज के पेपर ने छात्रों को चकरा दिया। पेपर में आई केस स्टडीज से छात्र परेशान दिखे। यह पहली बार था जब बिजनेस स्टडीज के पेपर में एक नंबर वाले प्रश्नों में भी केस स्टडीज पूछी गई। 80 नंबर के पेपर में 60 प्रतिशत प्रश्न केस स्टडीज के रहे। ऐसे में पेपर लैंदी हो गया। प्रश्नों की भाषा घुमावदार, कठिन थी, जिसके कारण छात्र कंफ्यूज हो गए। वहीं आईसीएसई बोर्ड में 12वीं में बॉयोलोजी का पेपर भी उम्मीदों से परे आया और छात्र उलझे रहे। दोनों ही पेपर छात्रों पर भारी पड़े।
पेट्रोल की कीमत बढ़ने से छोटी कंपनी प्रभावित तो कौन सा फोर्म
केएल इंटरनेशनल स्कूल में बिजनेस स्टडीज के शिक्षक नितिन गांधी ने बताया कि एक नंबर के सवाल भी ट्रिकी आने से केस स्टडी क ी भाषा कठिन हो गई छात्रों को प्रश्नों को समझने में दिक्कत आई। प्रिंसिपल ऑफ मैनेजमेंट चैप्टर से आई केस स्टडी टफ थी। केस पढ़कर छात्रों को उनके अंदर की थ्योरी को पहचानना था। लेकिन थ्योरी को मर्ज करके दिया। एक ही सवाल में वर्क स्टडी, टाइम स्टडी दोनों पूछी थी छात्रों को कंफ्यूजन हुआ। यह कंफ्यूजन हर प्रश्न में रहा। इसी तरह 4 नंबर का प्रश्न बिजनेस एनवायरमेंट से था जिसमें लिब्रलाइजेशन, ग्लोबलाइजेशन दो फोर्म लग रहे थे। सवाल था कि पेट्रोल के दाम बढ़ने पर सरकार ने एमएनसी को पेट्रोल सप्लाई का ठेका दिया तो छोटी कंपनियों पर आने वाला असर क्या है। इसमें दो फोर्म एक साथ थे जिनको लिखना था लेकिन छात्र नहीं समझ पाए कि कौन सा फोर्म लिखें। एक, तीन, चार, छह नंबर के सवाल में केस स्टडी थी। 9 नंबर के इंटरनल च्वाइस आई, च्वाइस बढ़ने से छात्र थोड़े खुश रहे। पूरा पेपर एनसीईआरटी पर आधारित था। डायरेक्ट क्वेश्चन पिछले साल के पेपरों से काफी मैच कर रहे थे। लेकिन इनडायरेक्ट वाले सभी प्रश्न कठिन रहे। दीवान पब्लिक स्कूल इंटरनेशनल मीनाक्षी ने बताया कि पिछले सालों से पेपर ट्रिकी रहा। मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल की शिक्षिका अंजू शर्मा ने बताया कि खंड द के 22वें सवाल में च्वाइस काफी ट्रिकी रही।
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बॉयो में सी सेक्शन से टफ हुआ पेपर
आईसीएसई बोर्ड परीक्षा में 12वीं कक्षा के छात्रों का बॉयो का पेपर हुआ। बायो का पेपर होता भी स्कोरिंग है। सेंट थॉमस स्कूल छीपी टैंक की प्रिंसिपल ए.डीन के अनुसार बॉयो के पेपर में छात्रों को डायग्राम की उम्मीद होती है, लेकिन 3 नंबर का केवल एक डायग्राम आया। ह्यमून ओवरी या एंथरलोब में से कोई एक बनाने की च्वाइस थी। ए, बी पोर्शन आसान थे, लेकिन सी सेक्शन बहुत कठिन रहा। छात्र जिन विषयों पर अधिक ध्यान देते हैं, पुराने पेपर्स में जिन विषयों को पढ़कर तैयार किया वो टॉपिक पेपर में नहीं आने से छात्र बहुत परेशान रहे। वहीं एनवायरमेंट, इकोलॉजी, कार्बन साइकिल, फॉस्फोरस साइकिल और बॉयोटेक जिसे छात्र कभी नहीं पढ़ते उससे इस बार बहुत प्रश्न आए। आब्जेक्टिव पार्ट ठीक था। जेेनेटिक्स से केवल एक प्रश्न आया इसलिए छात्र परेशान हुए। पूरे पेपर में 18 प्रश्न थे, लेकिन सी सेक्शन का 15 नंबर का पार्ट बहुत टफ रहा। वहीं आईसीएसई दसवीं में फ्रैं च व संस्कृत का पेपर हुआ। पेपर आसान आया।
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