{"_id":"5aee1a144f1c1b6e098b8343","slug":"101525553684-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक नजर में मुझे उसने क्या कर दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक नजर में मुझे उसने क्या कर दिया
Updated Sun, 06 May 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। नौचंदी मेला परिसर स्थित पटेल मंडप में मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय, ममता वार्ष्णेय, नरेंद्र राष्ट्रवादी ने दीप जलाकर किया। कार्यक्रम की शुरूआत में मिन्नी मेरठी ने यूं कहा कि ‘इतना सच भी मत बोला कर, सच थोड़ा कड़वा होता है’।
डॉ. फिरासत जमाल ने यूं पढ़ा कि ‘मोटे-मोटे काले-काले बैठे हैं, घर में डेरा डाले बैठे हैं, मुसलसल जुल्म ढहाया जा रहा है, जनता को सताया जा रहा है’। आस मोहम्मद ने पढ़ा कि ‘ऐसा लगता है ये चेहरा रब को नामंजूर है, मैं यहां बेचैन हूं तू वहां मजबूर है’। दानिश ने गजल में कहा कि ‘एक नजर में मुझे उसने क्या कर दिया, मैं थी पत्थर मुझे आइना कर दिया’। कवि सम्मेलन सुनने को काफी भीड़ पहुंची। कार्यक्रम में डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, राजकुमार, शाहिद अब्बासी, कदीर, इकरामुद्दीन आदि मौजूद रहे।
न सम्मान न उद्घाटन, मेरा हुआ अपमान
रागिनी गायक ब्रह्मपाल नागर का नहीं हुआ स्वागत
मेरठ। पटेल मंडप में मशहूर रागिनी गायक ब्रह्मपाल नागर को न तो कोई सम्मान करने वाला मिला और न ही सुनने वाले। ब्रह्मपाल नागर के रागिनी कार्यक्रम का उद्घाटन भी नहीं हो सका।
विज्ञापन
शनिवार शाम करीब सात बजे ब्रह्मपाल नागर अपने साथी कलाकारों रितु चौधरी, सोनू सम्राट, कृष्णपाल आदि के साथ पटेल मंडप पहुंचे। यहां स्वागत तो दूर कार्यक्रम बताने वाला भी नहीं मिला। खाली कुर्सियां और निगम प्रशासन की अनदेखी पर ब्रह्मपाल ने नाराजगी जतायी। निगम के अधिकारियों को कॉल की। लेकिन रिसीव नहीं हुई। हालांकि ब्रह्मपाल ने बगैर उद्घाटन के ही गुरुवंदना से रागिनी कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करतीं उनकी रागिनीयों को सुनने के लिए भले ही 100 श्रोता भी न जुट पाए हों। लेकिन ब्रह्मपाल सहित अन्य सभी कलाकारों ने अपनी कला का परिचय काफी उत्साह के साथ दिया। इस संबंध में ब्रह्मपाल नागर ने कहा कि कमिश्नर के आदेश पर हम पटेल मंडप में रागिनी करने पहुंचे थे। पटेल मंडप में हमारा सम्मान तो बहुत दूर, अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गयी। लेकिन जो भी श्रोता रहे हमने पूरी मंशा के साथ उन्हें रागिनी सुनायी।
विज्ञापन
डॉ. फिरासत जमाल ने यूं पढ़ा कि ‘मोटे-मोटे काले-काले बैठे हैं, घर में डेरा डाले बैठे हैं, मुसलसल जुल्म ढहाया जा रहा है, जनता को सताया जा रहा है’। आस मोहम्मद ने पढ़ा कि ‘ऐसा लगता है ये चेहरा रब को नामंजूर है, मैं यहां बेचैन हूं तू वहां मजबूर है’। दानिश ने गजल में कहा कि ‘एक नजर में मुझे उसने क्या कर दिया, मैं थी पत्थर मुझे आइना कर दिया’। कवि सम्मेलन सुनने को काफी भीड़ पहुंची। कार्यक्रम में डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, राजकुमार, शाहिद अब्बासी, कदीर, इकरामुद्दीन आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
न सम्मान न उद्घाटन, मेरा हुआ अपमान
रागिनी गायक ब्रह्मपाल नागर का नहीं हुआ स्वागत
मेरठ। पटेल मंडप में मशहूर रागिनी गायक ब्रह्मपाल नागर को न तो कोई सम्मान करने वाला मिला और न ही सुनने वाले। ब्रह्मपाल नागर के रागिनी कार्यक्रम का उद्घाटन भी नहीं हो सका।
विज्ञापन
शनिवार शाम करीब सात बजे ब्रह्मपाल नागर अपने साथी कलाकारों रितु चौधरी, सोनू सम्राट, कृष्णपाल आदि के साथ पटेल मंडप पहुंचे। यहां स्वागत तो दूर कार्यक्रम बताने वाला भी नहीं मिला। खाली कुर्सियां और निगम प्रशासन की अनदेखी पर ब्रह्मपाल ने नाराजगी जतायी। निगम के अधिकारियों को कॉल की। लेकिन रिसीव नहीं हुई। हालांकि ब्रह्मपाल ने बगैर उद्घाटन के ही गुरुवंदना से रागिनी कार्यक्रम का शुभारंभ कर दिया। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करतीं उनकी रागिनीयों को सुनने के लिए भले ही 100 श्रोता भी न जुट पाए हों। लेकिन ब्रह्मपाल सहित अन्य सभी कलाकारों ने अपनी कला का परिचय काफी उत्साह के साथ दिया। इस संबंध में ब्रह्मपाल नागर ने कहा कि कमिश्नर के आदेश पर हम पटेल मंडप में रागिनी करने पहुंचे थे। पटेल मंडप में हमारा सम्मान तो बहुत दूर, अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गयी। लेकिन जो भी श्रोता रहे हमने पूरी मंशा के साथ उन्हें रागिनी सुनायी।