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कभी भी गुल हो सकती है नौचंदी मेले की बिजली
Updated Thu, 03 May 2018 02:48 AM IST
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सर्टिफिकेट जमा नहीं, हो जाएगी मेले की बत्ती गुल
मेरठ। नौचंदी मेले की विद्युत सप्लाई पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। कारण है कि मेले में लाइट के ठेकेदार ने नगर निगम और विद्युत विभाग में विद्युत सुरक्षा सर्टिफिकेट ही जमा नहीं किया है। ऐसे में मेले की बत्ती कभी भी गुल हो सकती है। बड़ा सवाल यह है कि अगर बिजली से मेले में कोई दुर्घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
नौचंदी मेले में लाइट का ठेके लेने वाली फर्म के पास विद्युत विभाग से जारी संबंधित श्रेणी का लाइसेंस होना चाहिए। विद्युत सुरक्षा निदेशालय यह लाइसेंस वित्तीय वर्ष के लिए ही जारी करता है। यह टेंडर प्रक्रिया के दौरान भी देखा जाता है। नगर निगम ने मेले की बिजली का ठेका गौरांगी स्टाफिंग सोल्यूशंस को दिया। निगम अधिकारियों की मानें तो उस समय ठेकेदार ने 31 मार्च 2018 तक का लाइसेंस जमा कर दिया था। साथ ही दस दिन के भीतर लाइसेंस का नवीनीकरण कराकर प्रमाण पत्र देने की बात कही थी। जिसके आधार पर विद्युत विभाग ने नौचंदी मेले में बिजली कनेक्शन दे दिया। तभी से मेला रोशन हो रहा है। लेकिन ठेकेदार ने लाइसेंस प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। उधर, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने प्रमाण पत्र की मांग खड़ी कर दी है।
अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी ने कंपनी को भेजे पत्र में विद्युत सुरक्षा का प्रमाण पत्र नगर निगम और नगरीय विद्युत खंड वितरण तृतीय वैशाली में तत्काल जमा करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें मेले की बिजली प्रभावित होने की भी बात कही गयी है। हालांकि अधिकारियों के निर्देश के बाद भी ठेकेदार ने प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है।
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अनुमति को लेकर फंसा था पेंच
नौचंदी मेले का आयोजक नगर निगम प्रशासन है। लेकिन मेले की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। एडीएम सिटी ने अनुमति लेने के लिए नगरायुक्त को रिमाइंडर भेजा तो जवाब मिला कि मेले का गजट नोटिफिकेशन हो चुका है। इसलिए प्रशासनिक अनुमति की जरूरत नहीं है। इस संबंध में एडीएम सिटी मुकेश चंद का कहना है कि ऐसे में मेले की सारी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की ही है।
खास बातें:
- ठेकेदार ने जमा ही नहीं किया है विद्युत सुरक्षा सर्टिफिकेट
- अपर नगरायुक्त ने ठेकेदार को भेजा पत्र, नहीं मिला कोई जवाब
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मेरठ। नौचंदी मेले की विद्युत सप्लाई पर संकट के बादल मंडरा गए हैं। कारण है कि मेले में लाइट के ठेकेदार ने नगर निगम और विद्युत विभाग में विद्युत सुरक्षा सर्टिफिकेट ही जमा नहीं किया है। ऐसे में मेले की बत्ती कभी भी गुल हो सकती है। बड़ा सवाल यह है कि अगर बिजली से मेले में कोई दुर्घटना हो जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
नौचंदी मेले में लाइट का ठेके लेने वाली फर्म के पास विद्युत विभाग से जारी संबंधित श्रेणी का लाइसेंस होना चाहिए। विद्युत सुरक्षा निदेशालय यह लाइसेंस वित्तीय वर्ष के लिए ही जारी करता है। यह टेंडर प्रक्रिया के दौरान भी देखा जाता है। नगर निगम ने मेले की बिजली का ठेका गौरांगी स्टाफिंग सोल्यूशंस को दिया। निगम अधिकारियों की मानें तो उस समय ठेकेदार ने 31 मार्च 2018 तक का लाइसेंस जमा कर दिया था। साथ ही दस दिन के भीतर लाइसेंस का नवीनीकरण कराकर प्रमाण पत्र देने की बात कही थी। जिसके आधार पर विद्युत विभाग ने नौचंदी मेले में बिजली कनेक्शन दे दिया। तभी से मेला रोशन हो रहा है। लेकिन ठेकेदार ने लाइसेंस प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। उधर, विद्युत विभाग के अधिकारियों ने प्रमाण पत्र की मांग खड़ी कर दी है।
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अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी ने कंपनी को भेजे पत्र में विद्युत सुरक्षा का प्रमाण पत्र नगर निगम और नगरीय विद्युत खंड वितरण तृतीय वैशाली में तत्काल जमा करने के निर्देश दिए हैं। जिसमें मेले की बिजली प्रभावित होने की भी बात कही गयी है। हालांकि अधिकारियों के निर्देश के बाद भी ठेकेदार ने प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है।
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अनुमति को लेकर फंसा था पेंच
नौचंदी मेले का आयोजक नगर निगम प्रशासन है। लेकिन मेले की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। एडीएम सिटी ने अनुमति लेने के लिए नगरायुक्त को रिमाइंडर भेजा तो जवाब मिला कि मेले का गजट नोटिफिकेशन हो चुका है। इसलिए प्रशासनिक अनुमति की जरूरत नहीं है। इस संबंध में एडीएम सिटी मुकेश चंद का कहना है कि ऐसे में मेले की सारी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की ही है।
खास बातें:
- ठेकेदार ने जमा ही नहीं किया है विद्युत सुरक्षा सर्टिफिकेट
- अपर नगरायुक्त ने ठेकेदार को भेजा पत्र, नहीं मिला कोई जवाब