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आदेश बनकर ही रह गया व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ
Updated Sun, 01 Apr 2018 03:03 AM IST
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आदेश बनकर ही रह गया व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ
मेरठ। व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ आदेश बनकर ही रह गया है। डेढ़ माह से अधिक का समय हो चुका है, न तो व्यापारियों के परिचय कार्ड बने और न ही एक माह में कोई बैठक हुई। जब भी शहर में व्यापारियों के साथ कोई बड़ी घटना होती है उसके बाद ही पुलिस को व्यापारियों का सहयोग याद आता है। जबकि डीजीपी ने मेरठ में आकर खुद पुलिस अफसरों को व्यापारी प्रकोष्ठ के गठन की बात कही थी।
डीजीपी ओपी सिंह ने फरवरी माह में पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया था। जिसमें डीजीपी ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए थे कि व्यापारियों की सुरक्षा में चूक नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक जिले में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का नए सिरे से गठन कर इसे अमल में लाया जाएगा। जिसमें एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी होंगे। बाद में एसएसपी ने व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन करते हुए क्राइम ब्रांच के भवन का एक कमरा व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नाम आवंटित कर दिया। एसपी क्राइम शिवराम यादव को व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का नोडल अधिकारी बनाया गया था। लेकिन एक माह से अधिक का समय बीत चुका है। अब तक एक भी बैठक नहीं हुई।
व्यापारी मित्र के नाम से बनने थे परिचय पत्र
व्यापारियों के व्यापारी मित्र के नाम से परिचय पत्र बनने थे। इसमें संयुक्त व्यापार संघ की इकाई व पदाधिकारियों से व्यापारियों के नाम, पता, मोबाइल नंबर, फोटो, व्यवसाय संबंधी जानकारी मांगी गई थी। कुछ व्यापारी संगठनों ने परिचय पत्र के लिए डिटेल दी तो कुछ ने नहीं दी। जिसके चलते परिचय कार्ड भी अधर में लटक गए।
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व्यापारियों की यह थी मांग
- व्यापारी के साथ कोई भी समस्या होती है पुलिस उसमें तत्परता से जांच कर समस्या का समाधान करें।
- बिना जांच पड़ताल के किसी भी व्यापारी पर मुकदमा दर्ज न किया जाए।
- मुख्य बाजारों की सुरक्षा को लेकर माह में एक बार पुलिस और व्यापारियों की बैठक हो।
- व्यापारियों का परिचय कार्ड बनाए जाए, जिससे चेकिंग में व्यापारी को परेशानी न हो।
- व्यापारियों और मार्केट की सुरक्षा को लेकर पुलिस को पूरा सुरक्षा प्लान तैयार करना चाहिए।
- व्यापारियों के साथ अपराध की कोई भी घटना होती है तो उनका समय से खुलासा किया जाए।
व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ में शुरूआत में मीटिंग हुई थी। संयुक्त व्यापार संघ की इकाइयों की तरफ से परिचय पत्र के लिए अभी व्यापारियों के नाम पते संबंधी जानकारी पूरी नहीं मिल पाई। यह प्रक्रिया चल रही है।
शिवराम यादव, एसपी क्राइम
खास बातें:
फरवरी माह में मेरठ में डीजीपी ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर दिए थे निर्देश
एसपी क्राइम को बनाया गया है नोडल अधिकारी
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मेरठ। व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ आदेश बनकर ही रह गया है। डेढ़ माह से अधिक का समय हो चुका है, न तो व्यापारियों के परिचय कार्ड बने और न ही एक माह में कोई बैठक हुई। जब भी शहर में व्यापारियों के साथ कोई बड़ी घटना होती है उसके बाद ही पुलिस को व्यापारियों का सहयोग याद आता है। जबकि डीजीपी ने मेरठ में आकर खुद पुलिस अफसरों को व्यापारी प्रकोष्ठ के गठन की बात कही थी।
डीजीपी ओपी सिंह ने फरवरी माह में पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया था। जिसमें डीजीपी ने पुलिस अफसरों को निर्देश दिए थे कि व्यापारियों की सुरक्षा में चूक नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक जिले में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का नए सिरे से गठन कर इसे अमल में लाया जाएगा। जिसमें एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी होंगे। बाद में एसएसपी ने व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन करते हुए क्राइम ब्रांच के भवन का एक कमरा व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नाम आवंटित कर दिया। एसपी क्राइम शिवराम यादव को व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का नोडल अधिकारी बनाया गया था। लेकिन एक माह से अधिक का समय बीत चुका है। अब तक एक भी बैठक नहीं हुई।
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व्यापारी मित्र के नाम से बनने थे परिचय पत्र
व्यापारियों के व्यापारी मित्र के नाम से परिचय पत्र बनने थे। इसमें संयुक्त व्यापार संघ की इकाई व पदाधिकारियों से व्यापारियों के नाम, पता, मोबाइल नंबर, फोटो, व्यवसाय संबंधी जानकारी मांगी गई थी। कुछ व्यापारी संगठनों ने परिचय पत्र के लिए डिटेल दी तो कुछ ने नहीं दी। जिसके चलते परिचय कार्ड भी अधर में लटक गए।
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व्यापारियों की यह थी मांग
- व्यापारी के साथ कोई भी समस्या होती है पुलिस उसमें तत्परता से जांच कर समस्या का समाधान करें।
- बिना जांच पड़ताल के किसी भी व्यापारी पर मुकदमा दर्ज न किया जाए।
- मुख्य बाजारों की सुरक्षा को लेकर माह में एक बार पुलिस और व्यापारियों की बैठक हो।
- व्यापारियों का परिचय कार्ड बनाए जाए, जिससे चेकिंग में व्यापारी को परेशानी न हो।
- व्यापारियों और मार्केट की सुरक्षा को लेकर पुलिस को पूरा सुरक्षा प्लान तैयार करना चाहिए।
- व्यापारियों के साथ अपराध की कोई भी घटना होती है तो उनका समय से खुलासा किया जाए।
व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ में शुरूआत में मीटिंग हुई थी। संयुक्त व्यापार संघ की इकाइयों की तरफ से परिचय पत्र के लिए अभी व्यापारियों के नाम पते संबंधी जानकारी पूरी नहीं मिल पाई। यह प्रक्रिया चल रही है।
शिवराम यादव, एसपी क्राइम
खास बातें:
फरवरी माह में मेरठ में डीजीपी ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर दिए थे निर्देश
एसपी क्राइम को बनाया गया है नोडल अधिकारी