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प्रशासन की बैठक
Updated Sun, 18 Feb 2018 02:00 AM IST
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लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
मेरठ।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने शनिवार को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। इसमें ऑनलाइन जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले टॉप पांच अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि वह पुराने ढर्रे को छोड़कर क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर जनता से बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करें।
बचत भवन में आयोजित बैठक में अनिल ढींगरा ने कहा कि आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों को 28 फरवरी तक निस्तारण कर दें। इसके बाद ऐसे 5 अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तय की जाएगी, जिनके स्तर से मामले लंबित रहेंगे। इसके अलावा सी श्रेणी वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए। उन्होंने ई मैनेजर को निर्देश दिए कि वह उन्हें रिपोर्ट करें कि कौन-कौन अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल लॉगिन नहीं कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे सभी आरसी का बैंकों से रीकंसीलेशन करें तथा बिजली, स्टांप व बैंक आदि की आरसी को कंप्यूटराइज्ड कर उसकी वसूली का अभियान शुरू करें। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि श्रावस्ती मॉडल के आधार पर अभियान चलाकर भूमि विवादों का शत प्रतिशत निस्तारण कर अवैध कब्जा हटाएं। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि जनपद के सभी राजस्व ग्रामों में खेल के मैदान हेतु भूमि चिह्नित कर इसका प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि पॉलिथीन पर पूरी तरह प्रतिबंध है, इसकी नियमित मॉनीटरिंग करें।
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एंटी भूमाफिया प्रकरणों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो भी जमीनें कब्जा मुक्त कराई गई हैं, वहां दोबारा कब्जा न होने पाए। इसके लिए वहां पर चारदीवारी या वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण आदि कराएं। इसके साथ ही राशन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसपी पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार, एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह सहित तीनों तहसीलों के एसडीएम, सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।
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मेरठ।
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने शनिवार को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। इसमें ऑनलाइन जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले टॉप पांच अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों से कहा कि वह पुराने ढर्रे को छोड़कर क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर जनता से बेहतर संवाद और समन्वय स्थापित करें।
बचत भवन में आयोजित बैठक में अनिल ढींगरा ने कहा कि आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों को 28 फरवरी तक निस्तारण कर दें। इसके बाद ऐसे 5 अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तय की जाएगी, जिनके स्तर से मामले लंबित रहेंगे। इसके अलावा सी श्रेणी वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए। उन्होंने ई मैनेजर को निर्देश दिए कि वह उन्हें रिपोर्ट करें कि कौन-कौन अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल लॉगिन नहीं कर रहे हैं।
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जिलाधिकारी ने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे सभी आरसी का बैंकों से रीकंसीलेशन करें तथा बिजली, स्टांप व बैंक आदि की आरसी को कंप्यूटराइज्ड कर उसकी वसूली का अभियान शुरू करें। डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि श्रावस्ती मॉडल के आधार पर अभियान चलाकर भूमि विवादों का शत प्रतिशत निस्तारण कर अवैध कब्जा हटाएं। उन्होंने उप जिलाधिकारियों से कहा कि जनपद के सभी राजस्व ग्रामों में खेल के मैदान हेतु भूमि चिह्नित कर इसका प्रस्ताव भेजें। उन्होंने कहा कि पॉलिथीन पर पूरी तरह प्रतिबंध है, इसकी नियमित मॉनीटरिंग करें।
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एंटी भूमाफिया प्रकरणों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जो भी जमीनें कब्जा मुक्त कराई गई हैं, वहां दोबारा कब्जा न होने पाए। इसके लिए वहां पर चारदीवारी या वन विभाग के सहयोग से पौधरोपण आदि कराएं। इसके साथ ही राशन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसपी पटेल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार, एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट एमपी सिंह सहित तीनों तहसीलों के एसडीएम, सभी निकायों के अधिशासी अधिकारी, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।