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पहले ही दिन धड़ाम ईवे बिल कॉमन पोर्टल
Updated Fri, 02 Feb 2018 03:12 AM IST
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पहले ही दिन धड़ाम हुई ईवे बिल व्यवस्था
मेरठ। ईवे बिल व्यवस्था बृहस्पतिवार को पहले ही दिन धड़ाम हो गई। कॉमन पोर्टल के सही से काम न करने के कारण ईवे बिल न तो जनरेट हो पाया और न ही ईवे बिल में रजिस्ट्रेशन हो पाया, जिस कारण डिस्ट्रीब्यूटर, ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों का करोड़ों का माल अटक गया। उन्होंने इसकी शिकायत वाणिज्य कर के अधिकारियों से की है। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
मेरठ डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनेश जैन ने बताया कि सुबह से ही ईवे बिल जनरेट नहीं हो पाया। देर शाम तक यही स्थिति रही। हेल्प डेस्क वाले कह रहे हैं कि उन्होंने इसकी सूचना लखनऊ दे दी है। मेंटेनेंस का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि जो माल अटका हुआ है, वह प्रदेश में ही जाना था, तब यह स्थिति है अगर बाहर माल भेजा जाएगा तो और भी परेशानी होगी। यहां से करोड़ों का माल हर रोज जाता है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि यह व्यवस्था पहले ही दिन फेल हो गई है, इसी से अंदाजा लगा सकते हैं, आगे क्या स्थिति रहेगी। उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर आए वाणिज्य कर अधिकारियों का बहिष्कार किया है। ट्रांसपोर्टरों ने बिना ईवे बिल कोई माल नहीं लिया है। मेरठ से करीब 40 लाख का माल प्रतिदिन जाता है।
वहीं, इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह का कहना है कि पहले दिन समस्या हो जाती है, देर रात तक यह ठीक हो जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने में थोड़ी-बहुत परेशानी होती ही है। असिस्टेंट कमिश्नर और ईवे बिल के नोडल अफसर जितेंद्र सिंह ने बताया कि पोर्टल ओवरलोड की वजह से दिक्कत आई है। मेंटेनेंस चल रहा है, शुक्रवार तक कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा।
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ले रहे स्क्रीन शॉट
डिस्ट्रीब्यूटर और व्यापारी पोर्टल पर परेशानी लिखकर उसका मोबाइल से स्क्रीन शॉट लेकर रख रहे हैं, ताकि अगर माल मजबूरी में ले जाना पड़ गया तो वे अधिकारियों को दिखा सकें कि उन्होंने ईवे बिल जनरेट करने और रजिस्ट्रेशन की कोशिश की है।
ट्रांसपोर्टनगर पहुंचे वाणिज्य कर अधिकारी
मेरठ। ईवे बिल के मद्देनजर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को जागरूक करने के लिए वाणिज्य कर विभाग के अफसर बृहस्पतिवार से सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ट्रांसपोर्ट नगर में बैठेे। हालांकि पोर्टल न चलने केकारण ईवे बिल जनरेट ही नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को ईवे बिल की जानकारी दी। वहीं ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों का बहिष्कार किया है, क्योंकि वे पहले उन्हें ईवे बिल की जानकारी देने नहीं आए थे।
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मेरठ। ईवे बिल व्यवस्था बृहस्पतिवार को पहले ही दिन धड़ाम हो गई। कॉमन पोर्टल के सही से काम न करने के कारण ईवे बिल न तो जनरेट हो पाया और न ही ईवे बिल में रजिस्ट्रेशन हो पाया, जिस कारण डिस्ट्रीब्यूटर, ट्रांसपोर्टर और व्यापारियों का करोड़ों का माल अटक गया। उन्होंने इसकी शिकायत वाणिज्य कर के अधिकारियों से की है। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
मेरठ डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनेश जैन ने बताया कि सुबह से ही ईवे बिल जनरेट नहीं हो पाया। देर शाम तक यही स्थिति रही। हेल्प डेस्क वाले कह रहे हैं कि उन्होंने इसकी सूचना लखनऊ दे दी है। मेंटेनेंस का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि जो माल अटका हुआ है, वह प्रदेश में ही जाना था, तब यह स्थिति है अगर बाहर माल भेजा जाएगा तो और भी परेशानी होगी। यहां से करोड़ों का माल हर रोज जाता है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि यह व्यवस्था पहले ही दिन फेल हो गई है, इसी से अंदाजा लगा सकते हैं, आगे क्या स्थिति रहेगी। उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर आए वाणिज्य कर अधिकारियों का बहिष्कार किया है। ट्रांसपोर्टरों ने बिना ईवे बिल कोई माल नहीं लिया है। मेरठ से करीब 40 लाख का माल प्रतिदिन जाता है।
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वहीं, इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह का कहना है कि पहले दिन समस्या हो जाती है, देर रात तक यह ठीक हो जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने में थोड़ी-बहुत परेशानी होती ही है। असिस्टेंट कमिश्नर और ईवे बिल के नोडल अफसर जितेंद्र सिंह ने बताया कि पोर्टल ओवरलोड की वजह से दिक्कत आई है। मेंटेनेंस चल रहा है, शुक्रवार तक कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा।
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डिस्ट्रीब्यूटर और व्यापारी पोर्टल पर परेशानी लिखकर उसका मोबाइल से स्क्रीन शॉट लेकर रख रहे हैं, ताकि अगर माल मजबूरी में ले जाना पड़ गया तो वे अधिकारियों को दिखा सकें कि उन्होंने ईवे बिल जनरेट करने और रजिस्ट्रेशन की कोशिश की है।
ट्रांसपोर्टनगर पहुंचे वाणिज्य कर अधिकारी
मेरठ। ईवे बिल के मद्देनजर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को जागरूक करने के लिए वाणिज्य कर विभाग के अफसर बृहस्पतिवार से सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ट्रांसपोर्ट नगर में बैठेे। हालांकि पोर्टल न चलने केकारण ईवे बिल जनरेट ही नहीं हो सका। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को ईवे बिल की जानकारी दी। वहीं ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उन्होंने अधिकारियों का बहिष्कार किया है, क्योंकि वे पहले उन्हें ईवे बिल की जानकारी देने नहीं आए थे।