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मिलिट्री फार्म की गाय गोद लेने की तैयारी, जमीन की जद्दोजहद
Updated Mon, 21 Aug 2017 09:47 PM IST
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मिलिट्री फार्म की गाय गोद लेने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
देश के 39 मिलिट्री फार्म में पल रही फ्रीजवाल नस्ल की गाय की नीलामी की कार्रवाई शुरू हो गई है। मेरठ मिलिट्री फार्म पर मौजूद करीब डेढ़ हजार गायों को लेने के लिए केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान जमीन की तलाश कर रहा है। आईसीएआर के महानिदेशक इस काम के लिए एक कमेटी का गठन भी कर चुके हैं। मेरठ जिले और आसपास जमीन खोजी जा रही है।
रक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों देश के 39 मिलिट्री फार्म को बंद करने का फैसला किया था। इस बारे में विभागों को अवगत करा दिया गया है। मेरठ स्थित केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान ने फ्रीजवाल नस्ल को तैयार किया है। संस्थान चाहता है कि गाय की नस्ल बची रहे। नीलामी में अगर वह आम आदमी के पास चली जाएगी तो ज्यादा दिनों तक नस्ल नहीं बचेगी। ब्रीडिंग में मिक्स होकर नस्ल बदल जाएगी। अभी यह नस्ल सबसे अधिक दूध देने वाली है। मेरठ मिलिट्री फार्म की गाय रखने के लिए जमीन की तलाश जोरों से की जा रही है। हस्तिनापुर में एनिमल हसबेंडरी विभाग की जमीन, मथुरा में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान और हिसार में केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान में जमीन देखी जानी है। संस्थान के लोगों ने राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और सांसद राजेंद्र अग्रवाल से जमीन दिलाने को लेकर संपर्क किया है। सांसद ने मिलिट्री फार्म की गाय के संरक्षण और संस्थान की उपयोगिता बने रहने के लिए रक्षा मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखा है।
जमीन मिले तो बने बात
मेरठ और आसपास में अगर गाय रखने की जमीन नहीं मिलती तो हो सकता है देर सवेर केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ से शिफ्ट हो जाए। जब फार्मों में और संस्थान के पास ही गाय नहीं रहेगी तो संस्थान किस पर रिसर्च करेगा। संस्थान सेना की जमीन पर है। इस पर भी बात होगी।
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खास बातें
मेरठ मिलिट्री फार्म की गाय लेने के लिए केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान खोज रहा जमीन
फार्म पर हैं फ्रीजवाल नस्ल की डेढ़ हजार गाय, कई फार्मों पर चल रही नीलामी की तैयारी
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
देश के 39 मिलिट्री फार्म में पल रही फ्रीजवाल नस्ल की गाय की नीलामी की कार्रवाई शुरू हो गई है। मेरठ मिलिट्री फार्म पर मौजूद करीब डेढ़ हजार गायों को लेने के लिए केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान जमीन की तलाश कर रहा है। आईसीएआर के महानिदेशक इस काम के लिए एक कमेटी का गठन भी कर चुके हैं। मेरठ जिले और आसपास जमीन खोजी जा रही है।
रक्षा मंत्रालय ने पिछले दिनों देश के 39 मिलिट्री फार्म को बंद करने का फैसला किया था। इस बारे में विभागों को अवगत करा दिया गया है। मेरठ स्थित केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान ने फ्रीजवाल नस्ल को तैयार किया है। संस्थान चाहता है कि गाय की नस्ल बची रहे। नीलामी में अगर वह आम आदमी के पास चली जाएगी तो ज्यादा दिनों तक नस्ल नहीं बचेगी। ब्रीडिंग में मिक्स होकर नस्ल बदल जाएगी। अभी यह नस्ल सबसे अधिक दूध देने वाली है। मेरठ मिलिट्री फार्म की गाय रखने के लिए जमीन की तलाश जोरों से की जा रही है। हस्तिनापुर में एनिमल हसबेंडरी विभाग की जमीन, मथुरा में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान और हिसार में केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान में जमीन देखी जानी है। संस्थान के लोगों ने राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और सांसद राजेंद्र अग्रवाल से जमीन दिलाने को लेकर संपर्क किया है। सांसद ने मिलिट्री फार्म की गाय के संरक्षण और संस्थान की उपयोगिता बने रहने के लिए रक्षा मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखा है।
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जमीन मिले तो बने बात
मेरठ और आसपास में अगर गाय रखने की जमीन नहीं मिलती तो हो सकता है देर सवेर केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ से शिफ्ट हो जाए। जब फार्मों में और संस्थान के पास ही गाय नहीं रहेगी तो संस्थान किस पर रिसर्च करेगा। संस्थान सेना की जमीन पर है। इस पर भी बात होगी।
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मेरठ मिलिट्री फार्म की गाय लेने के लिए केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान खोज रहा जमीन
फार्म पर हैं फ्रीजवाल नस्ल की डेढ़ हजार गाय, कई फार्मों पर चल रही नीलामी की तैयारी