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चूना- रंग से निगम का लगा दिया डेढ़ करोड़ का चूना 

Mon, 28 Aug 2017 09:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 28 Aug 2017 09:32 AM IST
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1.5 crore froud
नगर निगम का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम में एक और घोटाले की फाइल तैयार है। ताजा मामला सामान खरीद से जुड़ा है। निगम के नगर स्वास्थ्य विभाग में चूना, मैलाथियान, रंग आदि की खरीद का दावा किया गया और इस खरीद का डेढ़ करोड़ का भुगतान किया गया। जांच हुई तो न ठेकेदार मिला और न कोई फर्म। शिकायत मिलने पर मंडलायुक्त डा. प्रभात कुमार ने इस मामले में भी जांच बैठा दी है। अपर आयुक्त स्तर के अधिकारी इस जांच को करेंगे।
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 आश्चर्य इस बात का है कि निगम में सामान खरीद का रिकार्ड भी नहीं है। ठेकेदार और फर्म के नाम ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। यह सभी खेल नगर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ओर कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया। हालांकि नगर स्वास्थ्य विभाग का यह कोई नया खेल नहीं है। बल्कि वाहन खरीद से लेकर सफाई के अन्य सयंत्र खरीद में भी कई घोटाले हो चुके हैं। जांच में भी पुष्टि हुई, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
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मंडलायुक्त के दरबार पहुंची भ्रष्टाचार की फाइल 
मेरठ। नगर स्वास्थ्य विभाग में डेढ़ करोड़ की सामान खरीद और जांच में भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने का मामला मंडलायुक्त के सामने पहुंच गया है। पिछले पांच साल में नगर स्वास्थ्य विभाग में खरीदा गया चूना, रंग, मैलाथियान पर निगम खजाने से एक करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। नगर निगम के रिकार्ड में इतनी बड़ी धनराशि का भुगतान ठेकेदारों को किया गया दर्शाया गया है। लेकिन नगर स्वास्थ्य विभाग एक भी ठेकेदार के नाम और फर्म की पुष्टि नहीं कर पाया। इस पूरे मामले पर मंडलायुक्त ने जांच बैठा दी है। माना जा रहा है कि इस मामले में कई कर्मचारियों के पर कार्रवाई होना तय है।  
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जांच की दबा ली गयी रिपोर्ट 
- पूर्व में नगर मुख्य लेखा परीक्षक सच्चिदानंद त्रिपाठी ने नगर स्वास्थ्य विभाग के ऐसे भुगतान पर आपत्ति लगायी थी। पूर्व नगरायुक्त ने पूरे प्रकरण पर जांच बैठाते हुए उप नगरायुक्त मृत्युंजय यादव को जांच सौंपी थी। जांच अधिकारी ने भी सामान खरीद में भ्रष्टाचार होना दर्शाया था। लेकिन निगम प्रशासन पूरी जांच को दबा कर बैठ गया। अभी तक भी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। 

भाजपा नेता बोले, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कराएंगे कार्रवाई  
-  अब मामला फिर से उठ खड़ा हुआ है। भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने निगम में भ्रष्टाचार की शिकायत मंडलायुक्त से की है। भाजपा नेता का आरोप है कि पूरे पांच साल नगर निगम में भ्रष्टाचार हुआ है। मंडलायुक्त को पूरा रिकार्ड सौंपा गया है। हर हाल में कार्रवाई कराकर ही दम लेंगे।
अजय गुप्ता का कहना है कि नगर निगम जिस 250 लीटर मैलाथियान 139675 रुपये में खरीद रहा है। यानी 518.70 रुपये प्रति लीटर खरीदी जा रही है। वही दवाई अन्य कंपनी 250 रुपये प्रति लीटर में अतिरिक्त टैक्स के साथ सप्लाई करने को तैयार है। यानी सीधे सीधे निगम अधिकारियों द्वारा दवाई खरीद के नाम पर चूना लगाया जा रहा है।

- नगर स्वास्थ्य विभाग में सामान खरीद में जो गडबड़झाला बताया जा रहा है वह हमारे कार्यकाल से पहले का है। पूरा मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है तो दिखवाया जाएगा।
मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।


इनसेट बाक्स
भ्रष्टाचार के ठेके के मामले में जांच पूरी
मेरठ। शहर में आउट सोर्सिंग पर सफाई के ठेके पर निगम के चार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को तय माना जा रहा है। कुछ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने के आदेश की तैयारी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर चल रही जांच और कार्रवाई को लेकर निगम के अधिकारियों को होश उड़े हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर मंडलायुक्त को सौंप दी गई है।

आउट सोर्सिंग पर सफाई के मामले में अलकनंदा एसोसिएटस को कार्य के लिए चुना था। लेकिन निगम अधिकारियों ने अलकनंदा कंपनी के मूल अभिलेख देखे बिना, बोर्ड में बगैर पास कराए और  शासन की बगैर स्वीकृति के नगरायुक्त और टेंडर कमेटी ने कंपनी को कार्य आदेश जारी कर दिया था। आउट सोर्सिंग पर सफाई कर्मचारियों का 7500 रुपये मासिक वेतन निर्धारित किया गया था। उसी के आधार पर भुगतान भी शुरू कर दिया गया। जिस आधार पर लगातार निगम के खजाने से प्रतिमाह एक करोड़ 66 लाख से अधिक रुपये 2215 कर्मचारियों के वेतन के नाम पर निकाले गये। शर्तों में लापरवाही और मिलीभगत करके कंपनी को करोड़ों का भुगतान किए जाना उजागर होने पर मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त से जांच करायी है। जिसमें निगम के कई तत्कालीन अधिकारियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि तत्कालीन दो नगरायुक्त, एफसी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, अलकनंदा के मालिक के खिलाफ लगभग कार्रवाई तय हो चुकी है।
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