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UP: बुलडोजर की राजनीति बंद करो... जंगली जानवरों पर लगाम लगाओ: मायावती ने योगी सरकार को घेरा
Thu, 05 Sep 2024 01:31 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 05 Sep 2024 01:31 PM IST
सार
मायावती ने पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपी के कुछ जिलों में जंगली जानवर बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं पर हमला कर रहे हैं। सरकार को इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए क्योंकि मजदूर और गरीब लोग अपने जानवरों के लिए चारे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं।
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सीएम योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती
- फोटो : संवाद
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विस्तार
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह "बुलडोजर की राजनीति" बंद करें और जंगली जानवरों से निपटने के लिए रणनीति बनाएं जो मानव बस्तियों में घुसकर लोगों पर हमला कर रहे हैं।
गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "यूपी के कुछ जिलों में जंगली जानवर बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं पर हमला कर रहे हैं। सरकार को इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए क्योंकि मजदूर और गरीब लोग अपने जानवरों के लिए चारे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। सरकार को जंगली जानवरों से निपटने के लिए रणनीति बनानी चाहिए।
मायावती ने सरकार और समाजवादी पार्टी से यह भी कहा कि वे "बुलडोजर की राजनीति" को सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दें "जहां न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।"
न्यायमूर्ति बी आर गवई और के वी विश्वनाथन की पीठ ने सोमवार को टिप्पणी की थी कि किसी का घर सिर्फ इसलिए कैसे गिराया जा सकता है क्योंकि वह आरोपी है? भले ही वह दोषी हो, फिर भी कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना ऐसा नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और उनके पूर्ववर्ती अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
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गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "यूपी के कुछ जिलों में जंगली जानवर बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं पर हमला कर रहे हैं। सरकार को इसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए क्योंकि मजदूर और गरीब लोग अपने जानवरों के लिए चारे का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। सरकार को जंगली जानवरों से निपटने के लिए रणनीति बनानी चाहिए।
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मायावती ने सरकार और समाजवादी पार्टी से यह भी कहा कि वे "बुलडोजर की राजनीति" को सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दें "जहां न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।"
न्यायमूर्ति बी आर गवई और के वी विश्वनाथन की पीठ ने सोमवार को टिप्पणी की थी कि किसी का घर सिर्फ इसलिए कैसे गिराया जा सकता है क्योंकि वह आरोपी है? भले ही वह दोषी हो, फिर भी कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना ऐसा नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और उनके पूर्ववर्ती अखिलेश यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
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आदित्यनाथ ने अपनी सरकार की "बुलडोजर कार्रवाई" को बहादुरी भरा बताते हुए उसका बचाव किया, जबकि यादव ने उन्हें चुनौती दी कि अगर उन्हें अपने दृष्टिकोण पर इतना भरोसा है तो वे "बुलडोजर" चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ें। मायावती ने एक निजी एम्बुलेंस में एक महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश का भी उल्लेख किया और सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यूपी के बस्ती जिले में एक निजी एम्बुलेंस चालक ने एक मरीज को ले जाते समय उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म करने की कोशिश की, यह बहुत शर्मनाक है। महिला के पति की मौत हो गई। सरकार को चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।