मऊ: शराब की दुकान पर लाठी-डंडा लेकर पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं, चार घंटे चला धरना; तहसीलदार ने दिया आश्वासन
मऊ में शराब की दुकान पर लाठी-डंडे के साथ मंगलवार को सैकड़ों महिलाएं पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। रामअवतार हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी और शराब की दुकान हटाने की मांग पर महिलाएं अड़ी रहीं।
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मऊ जिले की घोसी कोतवाली क्षेत्र के कटिहारी स्थित कम्पोजिट शराब की दुकान के खिलाफ मंगलवार को सैकड़ों महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंचीं महिलाओं ने दुकान के बाहर जमकर हंगामा किया और शराब की दुकान बंद कराने, आबादी से दूर स्थानांतरित करने तथा रामगढ़ निवासी रामअवतार सिंह की हत्या में शामिल आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। महिलाओं के आक्रोश को देखते हुए दुकान के सेल्समैन ने गेट पर ताला बंद कर खुद को अंदर कर लिया।सूचना मिलते ही बोझी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया।लेकिन महिलाएं अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
प्रदर्शन कर रहीं आशा सिंह, गीता सिंह, सुमन, मनभावती और पिंकी समेत अन्य सैकड़ो महिलाओं ने आरोप लगाया कि बीते शुक्रवार को इसी शराब की दुकान पर हुए विवाद में रामगढ़ निवासी रामअवतार सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बावजूद दुकान लगातार खुल रही है और सेल्समैन के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हुई है।
महिलाओं का कहना था कि शराब की दुकान के चलते आसपास आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। शराब के नशे में लोग घरों में विवाद करते हैं, वहीं नशे में वाहन चलाने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है। महिलाओं ने मांग की कि क्षेत्र में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शराब की दुकान को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाए।
महिलाओं के धरने के दौरान मृतक रामअवतार सिंह की पत्नी अनिता सिंह भी मौके पर पहुंचीं। पति की मौत के सदमे में वह बार-बार अचेत होती रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के चार दिन बीतने के बाद भी हत्या में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की।
बोझी चौकी प्रभारी हरेंद्र कुशवाहा ने महिलाओं से शिकायती पत्र लेकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर धरने पर बैठी रहीं। बाद में आबकारी निरीक्षक मुहम्मद अदनान और स्थानीय पुलिस ने भी कई बार महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।
करीब चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार अमरनाथ को महिलाओं ने शराब की दुकान हटाने समेत अन्य मांगों को लेकर शिकायती पत्र सौंपा। अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद महिलाओं ने धरना समाप्त किया।
नायब तहसीलदार अमरनाथ ने बताया कि महिलाओं की ओर से शिकायती पत्र मिला है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रामअवतार सिंह की मौत के मामले में घटना के चार दिन बीतने के बावजूद नामजद आरोपी पवन यादव और चियार यादव पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में हिलाहवाली कर रही है। वहीं, पुलिस की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की निगाहें अब आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।