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महिला परामर्श केंद्र में छह मामले निस्तारित
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
Updated Sun, 04 Jan 2015 11:10 PM IST
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महिला परामर्श केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस लाइन स्थित महिला थाने में हुई। इसमें पेश हुए 28 मामलों में से छह का निस्तारण कर दिया गया।
वहीं, 17 मामलों में पक्षकारों के न आने के चलते अगली बैठक की तिथि 18 जनवरी तय करते हुए नोटिस जारी करने को कहा गया।
परामर्श केंद्र के सदस्याें ने पुलिस अधीक्षक से इस बात का संज्ञान लेने का अनुरोध किया नोटिस के तामिला कराने में थाना प्रभारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जिसके चलते पक्षकार समय से परामर्श केंद्र के समक्ष उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं।
रेनू, सुमन और अभय के मामले में मतभेद इस कदर बढ़ गया था कि वे एक दूसरे के साथ रहने को तैयार नहीं थे।
लेकिन परामर्श केंद्र के सदस्यगण अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय व सर्वेश दूबे तथा महिला थाना प्रभारी हवलदार सिंह यादव के प्रयास से पक्षकार आपसी मतभेद भुलाकर राजी खुशी से साथ-साथ रहने को तैयार हो गए।
वहीं गुड़िया व रामनरायन, रीना व बलजीत, पूनम व रामलखलन का मामला निस्तारित करा दिया गया। इस दौरान प्रेमलता व उमेश के मामले में अग्रिम कार्यवाही करने के लिए प्रभारी निरीक्षक को अधिकृत कर दिया गया।
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वही शैला देवी को उसके ससुर से एक हजार रुपया भरण पोषण के रुप में दिलाया गया। कई मामलों में पक्षकाराें के मध्य वार्ता कर सुलह का प्रयास किया गया।
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वहीं, 17 मामलों में पक्षकारों के न आने के चलते अगली बैठक की तिथि 18 जनवरी तय करते हुए नोटिस जारी करने को कहा गया।
परामर्श केंद्र के सदस्याें ने पुलिस अधीक्षक से इस बात का संज्ञान लेने का अनुरोध किया नोटिस के तामिला कराने में थाना प्रभारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जिसके चलते पक्षकार समय से परामर्श केंद्र के समक्ष उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं।
रेनू, सुमन और अभय के मामले में मतभेद इस कदर बढ़ गया था कि वे एक दूसरे के साथ रहने को तैयार नहीं थे।
लेकिन परामर्श केंद्र के सदस्यगण अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, रत्नेश पांडेय व सर्वेश दूबे तथा महिला थाना प्रभारी हवलदार सिंह यादव के प्रयास से पक्षकार आपसी मतभेद भुलाकर राजी खुशी से साथ-साथ रहने को तैयार हो गए।
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वहीं गुड़िया व रामनरायन, रीना व बलजीत, पूनम व रामलखलन का मामला निस्तारित करा दिया गया। इस दौरान प्रेमलता व उमेश के मामले में अग्रिम कार्यवाही करने के लिए प्रभारी निरीक्षक को अधिकृत कर दिया गया।
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वही शैला देवी को उसके ससुर से एक हजार रुपया भरण पोषण के रुप में दिलाया गया। कई मामलों में पक्षकाराें के मध्य वार्ता कर सुलह का प्रयास किया गया।