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तय समय पर पूरा नहीं हो सकेगा महिला अस्पताल का निर्माण
ब्यूरो,अमर उजाला,मऊ
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:40 AM IST
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24 माह का अनुबंध इस वर्ष अगस्त माह में हो जाएगा पूरा
- फोटो : अमर उजाला
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मऊ जिला महिला अस्पताल नियत समय पर बनकर पूरा नहीं हो सकता। निर्माणदायी संस्था उ.प्र.राजकीय निर्माण निगम के अफसर इस अस्पताल के समय से पूूरा कराने के प्रति गंभीर ही नहीं हैं। यही कारण है कि कुल लागत का लगभग 75 प्रतिशत धन पहले ही मिल जाने के बाद अस्पताल का निर्माण अब तक 50 प्रतिशत तक ही हो पाया है।
अस्पताल का निर्माण अगस्त 2017 तक पूरा करके विभाग को हैंडओवर करना था। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने प्रमुख सचिव को जनवरी 2017 तक ही अस्पताल का निर्माण पूरा करने का मौखिक आश्वासन दिया था। लेकिन जिस गति से निर्माण कार्य चल रहा है उससे नहीं लगता कि अगले चार माह में अस्पताल बनकर तैयार हो सकेगा।
100 बेड के जिला महिला अस्पताल के निर्माण के लिए वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार ने 19.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किया। अस्पताल के निर्माण के लिए शासन की ओर से अब तक 14.13 करोड़ दिए जा चुके हैं। अस्पताल निर्माण का जिम्मा उ.प्र.राजकीय निर्माण निगम लि. को दिया गया।
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अगस्त 2015 में जिला महिला अस्पताल की चार मंजिले भवन का निर्माण शुरु किया गया। मुख्य अस्पताल , ओपीडी , इमरजेंसी और मैटर्निटी विंग सहित लगभग 4500 वर्गफुट में निर्माण कार्य हो रहा है। शासन की ओर से अस्पताल के निर्माण के लिए दो साल की समय सीमा तय की थी। इस तरह इसे अगस्त 2017 में पूरा हो जाना चाहिए था।
जिस समय यह कार्य निर्माणदायी संस्था को सौंपा गया। प्रमुख सचिव ने संस्था के पीएम को समय पर काम पूरा करने की हिदायत दी थी। तब पीएम ने प्रमुख सचिव को आश्वासन दिया था कि यह कार्य हम 24 महीने की बजाए 17 महीने में ही पूरा करके विभाग को हैंडओवर कर देंगे।
लेकिन निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है । अब तक महज भूतल को लेकर दूसरे तल की छत का लिंटर लग सका है। दीवारों की चिनाई का काम चल रहा है। तीसरे तल पर पिलर ढालने का काम जारी है। कुल मिलाकर अब तक महज 50 प्रतिशत काम हो पाया है।
इस बाबत सीएमओ डा. आरके मिश्र का कहना है कि कार्यदायी संस्था को समय पर काम पूरा करके अस्पताल हैंड ओवर करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। लेकिन अब तक की प्रगति को देखते हुए कत्तई नहीं लगता कि अस्पताल का निर्माण अगले चार महीनोंमें पूरा सकेगा।
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अस्पताल का निर्माण अगस्त 2017 तक पूरा करके विभाग को हैंडओवर करना था। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने प्रमुख सचिव को जनवरी 2017 तक ही अस्पताल का निर्माण पूरा करने का मौखिक आश्वासन दिया था। लेकिन जिस गति से निर्माण कार्य चल रहा है उससे नहीं लगता कि अगले चार माह में अस्पताल बनकर तैयार हो सकेगा।
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100 बेड के जिला महिला अस्पताल के निर्माण के लिए वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार ने 19.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किया। अस्पताल के निर्माण के लिए शासन की ओर से अब तक 14.13 करोड़ दिए जा चुके हैं। अस्पताल निर्माण का जिम्मा उ.प्र.राजकीय निर्माण निगम लि. को दिया गया।
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अगस्त 2015 में जिला महिला अस्पताल की चार मंजिले भवन का निर्माण शुरु किया गया। मुख्य अस्पताल , ओपीडी , इमरजेंसी और मैटर्निटी विंग सहित लगभग 4500 वर्गफुट में निर्माण कार्य हो रहा है। शासन की ओर से अस्पताल के निर्माण के लिए दो साल की समय सीमा तय की थी। इस तरह इसे अगस्त 2017 में पूरा हो जाना चाहिए था।
जिस समय यह कार्य निर्माणदायी संस्था को सौंपा गया। प्रमुख सचिव ने संस्था के पीएम को समय पर काम पूरा करने की हिदायत दी थी। तब पीएम ने प्रमुख सचिव को आश्वासन दिया था कि यह कार्य हम 24 महीने की बजाए 17 महीने में ही पूरा करके विभाग को हैंडओवर कर देंगे।
लेकिन निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है । अब तक महज भूतल को लेकर दूसरे तल की छत का लिंटर लग सका है। दीवारों की चिनाई का काम चल रहा है। तीसरे तल पर पिलर ढालने का काम जारी है। कुल मिलाकर अब तक महज 50 प्रतिशत काम हो पाया है।
इस बाबत सीएमओ डा. आरके मिश्र का कहना है कि कार्यदायी संस्था को समय पर काम पूरा करके अस्पताल हैंड ओवर करने के लिए कई बार पत्र लिखा गया है। लेकिन अब तक की प्रगति को देखते हुए कत्तई नहीं लगता कि अस्पताल का निर्माण अगले चार महीनोंमें पूरा सकेगा।