Mukhtar Ansari: मुख्तार अंसारी के असलहा मामले का गवाह मुकरा, विधायक निधि से जुड़े मामले में भी नहीं आया गवाह
सीजेएम एमपी /एमएलए कोर्ट (मऊ) श्वेता चौधरी ने की अदालत में बुधवार को मुख्तार अंसारी से संबंधित विधायक निधि व असलहा मामले की सुनवाई हुई। विधायक निधि मामले में मुख्तार अंसारी के खिलाफ किसी ने गवाही नहीं दी। ज्यादातर गवाह अनुपस्थित रहे।
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सीजेएम एमपी /एमएलए कोर्ट (मऊ) श्वेता चौधरी ने की अदालत में बुधवार को मुख्तार से संबंधित विधायक निधि व असलहा मामले की सुनवाई हुई। विधायक निधि मामले में मुख्तार अंसारी के खिलाफ किसी ने गवाही नहीं दी। ज्यादातर गवाह अनुपस्थित रहे। इसी तरह असलहा मामले के गवाह इरशाद अहमद भी मुकर गया। कोर्ट में उपस्थित इरशाद ने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया। एपीओ रविंद्र प्रताप ने उससे जिरह की।
पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार विधायक निधि के गबन के मामले में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राम सिंह की तहरीर पर सरायलखंसी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में मुख्तार अंसारी, आनंद, बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। इसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। बुधवार कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ। सीजेएम ने मामले में सुनवाई की अगली तिथि 7 जून तय कर दी है। दूसरा मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें पुलिस ने मामले की विवेचना कर मुख्तार अंसारी सहित छह लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। एक आरोपी की मौत हो चुकी है। मामला सीजेएम एमपी/ एमएलए की कोर्ट में विचाराधीन है। इसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। साक्षी इरशाद अहमद कोर्ट में उपस्थित हुआ, लेकिन पक्षद्रोही हो गया। उसने अभियोजन के कथन का समर्थन नहीं किया।सीजेएम ने शेष साक्ष्य के लिए सुनवाई की अगली तिथि 7 जून तय कर दी है।
गैंगस्टर के दो मामलों में मुख्तार की पेशी, अब 7-14 जून को सुनवाई
गैंगस्टर एक्ट के दो मामलों में आरोपी मुख्तार अंसारी की बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। वह बांदा जेल से बंद है। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए कोर्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने सुनवाई के बाद एक मामले में साक्ष्य के लिए 7 जून और दूसरे मामले में 14 जून की तिथि तय की है। दोनों मामले दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के हैं। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला संदीप सिंह की तहरीर पर राम सिंह मौर्य और सिपाही सतीश की हत्या के मामले को आधार बनाते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी।
इसमें मुख्तार अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया था। मामला साक्ष्य में चल रहा है। बुधवार को एफआईआर लेखक हेड कांस्टेबल मुन्नालाल शर्मा का बयान हुआ। आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ता ने जिरह किया। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए ने मामले में साक्ष्य के लिए सुनवाई की अगली तिथि 7 जून तय की है।
इसी तरह एक अन्य मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला डीके चौधरी की तहरीर पर असलहा के मामले में पैरवी करने को लेकर एफआईआर कराई गई। इसे आधार बनाकर मुख्तार अंसारी सहित चार लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट दाखिल कर दिया। मामले में साक्ष्य की कार्रवाई होनी है। लेकिन कोई साक्षी उपस्थित नहीं हुआ। विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए ने मामले में साक्ष्य के लिए 14 जून की तिथि तय की।