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शादी अनुदान का बजट शासन को वापस

Thu, 21 Jul 2022 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 11:15 PM IST
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Wedding grant budget back to the government
मऊ। सरकार की ओर से गरीब अभिभावकों की पुत्रियों की शादी के लिए चलाई जा रही सामूहिक विवाह योजना के साथ ही ऑनलाइन शादी अनुदान की योजना भी संचालित की जा रही थी। 700 लोगों ने आवेदन भी जमा कराए। लेकिन शासन स्तर से जारी 70 लाख रुपये का स्वीकृत बजट शासन ने वापस मंगा लिया। ऐसे में गरीब अभिभावक बेटियोें की शादी के लिए चितिंत हो गए हैं। शासन की ओ से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को बेटियों की शादी करने के लिए तीस हजार रुपये नगद सहायता राशि दी जाती थी। भाजपा सरकार ने इसे बाद सामूहिक विवाह योजना शुरू की। लेकिन इसके साथ ही आनलाइन शादी अनुदान योजना भी जारी रही। इसके तहत 20 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना में मार्च 2022 से पूर्व किए गए आवेदनों को निरस्त करके इसके प्रारूप में कुछ संशोधन हुआ। 700 आवेदकों ने अप्रैल से संशोधित प्रारूप पर आवेदन किया। इन्हें सत्यापित कर समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालयों को भेज भी दिया गया। प्रकिया चल रही थी कि शासन ने योजना में जनपद को स्वीकृत लगभग 70 लाख का बजट वापस मंगा लिया। हालांकि अधिकारी आवेदकों को भरोसा दे रहे थे कि बजट आने पर धनराशि उनके खातों में भेज दी जाएगी। जबकि वह भी कुछ स्पष्ट बताने से परहेज करते रहे। आवेदक राम सरन राजभर कहते हैं कि हालांकि इस भीषण महंगाई के दौर में महज बीस हजार रुपयों की मदद काफी कम है लेकिन फिर भी गरीबों को कुछ सहारा मिल ही जाता था। वह भी छीन लिया गया। बृजलाल राजभर और समाजसेवी राम नवल राही ने कहा कि योजना को जारी रखना चाहिए था। राम मूरत राम कहते हैं कि सरकार को इस योजना को भी चलाते हुए गरीबों को आर्थिक मदद देते रहना चाहिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) एवं प्रभारी पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी उमाशंकर वर्मा ने बताया कि जनपद को मिला बजट शासन ने वापस मंगा लिया है। संभवत: योजना बंद की जा सकती है, क्योंकि सामूहिक विवाद योजना चल ही रही है। हालांकि अभी तक कोई शासनादेश नहीं आया है। इसलिए स्थितति स्पष्ट नहीं है।
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