मौसम की मारः मऊ, गाजीपुर और आजमगढ़ में बिजली का कहर, महिला सहित चार की मौत
वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों में बृहस्पतिवार को बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं तेज बारिश के बीच गरज चमक के साथ बिजली गिरने से मऊ में दो और आजमगढ़ और गाजीपुर में एक-एक की मौत हो गई।
विस्तार
तेज बारिश के बीच गरज चमक के साथ बिजली गिरने से एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई। मरनेवालों में दो मऊ के और एक-एक आजमगढ़ व गाजीपुर के हैं। आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र के लंगड़पुर गांव में सुबह 45 वर्षीय झिनकी देवी रोपाई कर रही थी कि बिजली गिरने से झुलस कर मौत हो गई।
वहीं गाजीपुर के मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बेनसागर गांव में बिजली गिरने से विक्रमा यादव (60) की मौत हो गई। वह दोपहर में कोटे की दुकान पर राशन लेने गए थे। इधर, मऊ के गंगऊपुर गांव के शिवधर प्रसाद (50) तथा राजनाथ यादव (47) मवेशियों को चराने ले गए थे। अचानक बारिश शुरू हो गई और तेज गरज के साथ बिजली गिर पड़ी जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।
उन्हें सीएचसी फतेहपुर मंडाव ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। जबकि गांव में मातम छा गया। मऊ के मधुबन थाना क्षेत्र में सुबह से ही आसमान में तेज चमक के साथ बारिश हो रही थी। मधुबन दुबारी मार्ग स्थित गंगऊपुर गांव के शिवधर प्रसाद (50) पुत्र कुलपत तथा राजनाथ यादव (47) पुत्र मथुरा सुबह खेत में मवेशियों को चराने ले गए थे।
इधर, हलधरपुर थाना क्षेत्र के कोन्हिया गांव में सुबह बिजली गिरने से तीन भैंस की मौत हो गई। पशु पालक सुरेंद्र यादव की तीन भैंस चर रही थी। बिजली की चपेट में आने से तीनों भैंस झुलस कर तड़पने लगी। कुछ देर में ही तीनों भैंस की मौत हो गई। तीनों भैंस की कीमत लगभग ढाई लाख रुपए आंकी जा रही है। हादसे के बाद लेखपाल कृष्ण बहादुर ने मौके का मुआयना किया और शासन को अपनी रिपोर्ट भेजकर हर संभव आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।
झमाझम बारिश से उमस काफूर, किसानों के चेहरे खिले
मऊ जिले में बृहस्पतिवार को कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे खिल गए। मौसम सुहावना देख किसान खेती की तैयारी में जुट गए। तमाम किसान रोपनी के लिए खेतों में पहुंच गए। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। उमस से लोगों की तबीयत खराब होने लगी थी।
लोग इंद्रदेव से शीघ्र बारिश की मन्नत मांग रहे थे। बारिश नहीं होने से धान की रोपाई का कार्य धीमी गति से चल रहा था। जिन खेतों में धान की रोपाई हुई थी वहां सिंचाई के अभाव में फसल मुरझाने लगी थी। बृहस्पतिवार को उनकी मन्नत इंद्रदेव ने कुबूल कर ली। और अलसुबह आसामन में मेघों की आवाजाही तथा ठंडी हवाएं चलने लगी। आकाश मेें घने बादल छा गए, जिससे बारिश की उम्मीद बढ़ गई।
सुबह नौ बजे के लगभग आसमान में कारे-कजरारे बादलों ने डेरा जमा लिया और लगभग इसी समय झमाझम बारिश शुरू हो गई। दोपहर बाद तक हुई बारिश में तमाम किसान रोपाई कराने के लिए फावड़ा के साथ खेतों में पहुंच गए। बारिश के बाद नगर के निजामुद्दीनपुरा, चांदमारी, मुंशीपुरा, रघुनाथपुरा सहित निचले इलाकों में जलभराव से लोगों को कुछ असुविधा का सामना जरूर करना पड़ा।