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हम कब्रिस्तान-श्मशान की सियासत नहीं करते
अमर उजाला ब्यूरो/मऊ
Updated Wed, 01 Mar 2017 11:27 PM IST
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि सपा कब्रिस्तान और श्मशान की सियासत नहीं करती। वह स्मार्ट फोन और लैपटॉप की बात करती है। सपा-कांग्रेस का गठबंधन दो युवाओं का गठबंधन है। यह देश की राजनीति में बदलाव लाएगा। वह पार्टी प्रत्याशी अल्ताफ अंसारी एवं सुधाकर सिंह की चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि मऊ में प्रधानमंत्री ने अपनी एक जनसभा को तीन-तीन जनसभा बताया। अगर एक चीज तीन-तीन दिखाई दे तो समझ लीजिए आंख में कुछ गड़बड़ है। कहा, प्रधानमंत्री कम से कम नोटबंदी का हिसाब तो दे देते कि कितना काला और कितना सफेद नोट बैंकों में जमा कराया। हमारे पांच साल और अपने तीन साल का ही हिसाब दे देते तो भी बेहतर रहता। नोटबंदी से किसानों, बुनकरों और नौजवानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
पैसे के लिए बैंकों के सामने लाइन में खड़े लोगों की मौत हुई। कहा कि रुपया नहीं, बल्कि लेन-देन काला होता है। नोटबंदी में जमा पैसा गरीबों की मेहनत की कमाई थी। लोकतंत्र में लाइन में खड़ा कराने वालों का जनता चुनाव में सफाया करती है। कहा कि बहुत हो गई मन की बात, कभी काम की भी बात कर लिया करो। भाजपा सिर्फ धोखा देती है, बहकाती है। कहा कि हम रमजान, होली में फर्क नहीं करते हैं। क्रिसमस पर भी बिजली देते हैं। गंगा मईया वाली जगह हम 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। क्या बिजली भी हिंदू-मुसलमान हो गई। गोरखपुर वाले बाबा अपने आश्रम के बगल का तार छूकर बताएं कि बिजली आती है कि नहीं।
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घोसी में माऊर बोझ एवं सदर विधानसभा क्षेत्र के ढेकुलिया घाट में चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री यूपी के थानों से चिंतित हैं। अब 100 नंबर से थाने चलते हैं। बसपा सुप्रीमो पर कटाक्ष किया कि लखनऊ में जो हाथी पत्थर के बने हैं, वह वहीं हैं। उनके जन्मदिन पर जूठा केक चाटने वाले भी अब उनके साथ हो गए। कहा कि सरकारी पैसे से जन्मदिन मनता था। कहने को तो वह हमारी बुआ हैं लेकिन भाजपा को तीन बार राखी बांधी। बुआ किसी का अहसान नहीं मानतीं। कहा कि सपा सरकार बुनकरों के लिए खजाना कम होने नहीं देगी। जरूरत पड़ी तो अलग से 200 करोड़ रुपये देकर नोएडा की तर्ज पर यहां के बुनकरों को बाजार, कारोबार एवं रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों का दुर्घटना बीमा पांच लाख से बढ़ाकर साढ़े सात लाख किया जाएगा और उसमें बुनकरों को भी जोड़ा जाएगा।
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सीएम ने कहा कि मऊ में प्रधानमंत्री ने अपनी एक जनसभा को तीन-तीन जनसभा बताया। अगर एक चीज तीन-तीन दिखाई दे तो समझ लीजिए आंख में कुछ गड़बड़ है। कहा, प्रधानमंत्री कम से कम नोटबंदी का हिसाब तो दे देते कि कितना काला और कितना सफेद नोट बैंकों में जमा कराया। हमारे पांच साल और अपने तीन साल का ही हिसाब दे देते तो भी बेहतर रहता। नोटबंदी से किसानों, बुनकरों और नौजवानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।
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पैसे के लिए बैंकों के सामने लाइन में खड़े लोगों की मौत हुई। कहा कि रुपया नहीं, बल्कि लेन-देन काला होता है। नोटबंदी में जमा पैसा गरीबों की मेहनत की कमाई थी। लोकतंत्र में लाइन में खड़ा कराने वालों का जनता चुनाव में सफाया करती है। कहा कि बहुत हो गई मन की बात, कभी काम की भी बात कर लिया करो। भाजपा सिर्फ धोखा देती है, बहकाती है। कहा कि हम रमजान, होली में फर्क नहीं करते हैं। क्रिसमस पर भी बिजली देते हैं। गंगा मईया वाली जगह हम 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। क्या बिजली भी हिंदू-मुसलमान हो गई। गोरखपुर वाले बाबा अपने आश्रम के बगल का तार छूकर बताएं कि बिजली आती है कि नहीं।
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घोसी में माऊर बोझ एवं सदर विधानसभा क्षेत्र के ढेकुलिया घाट में चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री यूपी के थानों से चिंतित हैं। अब 100 नंबर से थाने चलते हैं। बसपा सुप्रीमो पर कटाक्ष किया कि लखनऊ में जो हाथी पत्थर के बने हैं, वह वहीं हैं। उनके जन्मदिन पर जूठा केक चाटने वाले भी अब उनके साथ हो गए। कहा कि सरकारी पैसे से जन्मदिन मनता था। कहने को तो वह हमारी बुआ हैं लेकिन भाजपा को तीन बार राखी बांधी। बुआ किसी का अहसान नहीं मानतीं। कहा कि सपा सरकार बुनकरों के लिए खजाना कम होने नहीं देगी। जरूरत पड़ी तो अलग से 200 करोड़ रुपये देकर नोएडा की तर्ज पर यहां के बुनकरों को बाजार, कारोबार एवं रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों का दुर्घटना बीमा पांच लाख से बढ़ाकर साढ़े सात लाख किया जाएगा और उसमें बुनकरों को भी जोड़ा जाएगा।