मऊ। नगर पालिका परिषद की तरफ से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत चार डस्टबिनों की अवधारणा को मूर्त रूप देने के लिए नगर क्षेत्र में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस मौके पर सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि अभियान के तहत नगरवासियों को कूड़ा पृथक्करण प्रबंधन के संदर्भ में विशेष जानकारी देकर उन्हें कूड़े को अलग-अलग चार डस्टबिनों (कूड़ेदानों) में रख कर ही सुबह-सुबह घरों से बाहर निकालने की प्रेरणा दी जा रही है। उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 की चार डस्टबिनों वाली अवधारणा बताते हुए कहा कि हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले में सूखा कचरा, काले में घरेलू हानिकारक अपशिष्ट तथा लाल डस्टबिन में जैव-चिकित्सीय अथवा विशेष श्रेणी के अपशिष्ट का संग्रह किया जाना है।केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नगर पालिका परिषद की तरफ से वार्डवार जन चौपाल लगाकर सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं, पीएम आवास, पीएम स्वनिधि, स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के संबंध में सुनवाई और समाधान के लिए नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण तिवारी ने बताया कि नगर पालिका द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए चार डस्टबिनों के उपयोग को सुनिश्चित कराने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी अवधारणा पर काम करते हुए कूड़ा एकत्र करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित कर स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना है। इसके तहत प्रत्येक घर, प्रतिष्ठान एवं संस्थान में हरे, नीले, काले और लाल रंगों के चार अलग-अलग डस्टबिन रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कचरे का सही पृथक्करण होने से उसके निस्तारण और रिसाइकिलिंग (पुनर्चक्रण) की प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी हो जाएगी। अभियान के तहत जनजागरूकता के लिए पालिका द्वारा घर-घर संपर्क किया जा रहा है। नगरवासी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाकर कूड़े को चारों अलग-अलग डस्टबिनों में एकत्र करें।